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विक्रम मिसरी: तीन प्रधानमंत्रियों के निजी सचिव रहे, डोकलाम में चीन से भिड़ंत के बाद बने थे राजदूत, अब क्यों बनाए गए डिप्टी एनएसए?
Mon, 27 Dec 2021 08:43 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Mon, 27 Dec 2021 08:43 PM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ विक्रम मिसरी।
- फोटो :
Amar Ujala
विस्तार
केंद्र सरकार ने चीन में भारत के पूर्व राजदूत और चीन से जुड़े मामलों के एक्सपर्ट विक्रम मिसरी को देश का नया उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (डिप्टी एनएसए) नियुक्त किया है। वे मौजूदा एनएसए अजीत डोभाल को रिपोर्ट करेंगे। विक्रम मिसरी मौजूदा डिप्टी एनएसए पंकज शरण की जगह लेंगे। शरण 31 दिसंबर 2021 को पद छोड़ेंगे। वे इससे पहले रूस में भारत के राजनयिक रह चुके हैं।कौन हैं विक्रम मिसरी?
विक्रम मिसरी का जन्म 7 नवंबर 1964 को कश्मीर के श्रीनगर में हुआ था। वे 1989 बैच के भारतीय विदेश सेवा के (आईएफएस) अधिकारी हैं। वे केंद्र सरकार में विदेश मंत्रालय में अंडर सेक्रेटरी से लेकर निदेशक तक का पद संभाल चुके हैं। इसके अलावा मिसरी ने देश के तीन प्रधानमंत्रियों के निजी सचिव के तौर पर भी काम किया है। वे अप्रैल 1997 से मार्च 1998 तक पीएम इंद्र कुमार गुजराल के निजी सचिव रहे, जबकि अक्तूबर 2012 से मई 2014 तक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निजी सचिव की जिम्मेदारी निभाई। 2014 में सत्ता परिवर्तन के बाद उन्होंने मई से जुलाई 2014 तक पीएम नरेंद्र मोदी के निजी सचिव का पद संभाला।
दिसंबर 2018 में मिली थी चीन में भारतीय राजदूत की जिम्मेदारी
विक्रम मिसरी चीन मामलों के जानकार हैं। अपने राजनयिक करियर में वे बेल्जियम (जनवरी 1991 से सितंबर 1993 तक) से लेकर म्यांमार (अगस्त 2016 से दिसंबर 2018 तक) में रह चुके हैं। दिसंबर 2018 में सरकार ने उन्हें चीन में भारतीय राजदूत के तौर पर नियुक्त किया था। 2017 में हुए डोकलाम विवाद के बाद भारत और चीन के बीच तनाव कम करने के लिए मिसरी ने अगले तीन सालों तक अहम जिम्मेदारी निभाई।
लद्दाख में चीन से टकराव के बीच निभाई अहम जिम्मेदारी
पिछले साल अप्रैल में जब चीन ने लद्दाख के पैंगोंग सो और डेपसांग प्लेन्स पर अतिक्रमण की कोशिश की थी और सीमा पर बड़ी संख्या में अपने सैनिकों की तैनाती की थी, तब मिसरी ने दोनों देशों की सेनाओं के बीच बातचीत कराने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके अलावा चीन के विदेश मंत्री वांग यी और भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर की बातचीत में भी मिसरी शामिल रहे थे।