फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Who become next Vice President Radhakrishnan or former Justice Reddy? Such equations are being formed

VP Polls: कौन बनेगा उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन या पूर्व जस्टिस रेड्डी? दोनों के लिए ऐसे बन रहे समीकरण

Tue, 09 Sep 2025 12:44 PM IST
Shashidhar Pathak शशिधर पाठक
Updated Tue, 09 Sep 2025 12:44 PM IST
विज्ञापन
Who become next Vice President Radhakrishnan or former Justice Reddy? Such equations are being formed
उपराष्ट्रपति चुनाव (सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

उपराष्ट्रपति पद के लिए मतदान जारी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवार पूर्व जस्टिस बी.सुदर्शन रेड्डी के प्रचार में पूरा जोर लगा दिया है। रेड्डी के समर्थन में इंडिया ब्लाक के नेता हैं। जबकि सत्ता पक्ष सीपी राधाकृष्णन की जीत के प्रति आश्वस्त है।  

विज्ञापन


आज हो रहे मतदान से पहले ही बीते दिन तीन दलों ने उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर अपना निर्णय सुना दिया। जनता दल(बीजू) और बीआरएस के साथ ही शिअद ने चुनाव से अलग रहने का फैसला किया है। बीजू जनता दल के राज्यसभा में 7 और बीआरएस के 4 सांसद और शिअद का एक सांसद है। लोकसभा में बीआरएस और बीजद के सदस्यों की संख्या 0 है। एनडीए की ओर से दलों से बातचीत, तालमेल बिठाने सीपी राधाकृष्णन को चुनाव में सफल बनाने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य भूमिका में हैं। राजनाथ सिंह भाजपा के एक ऐसे नेता हैं, जिनका कई दलों के नेता सम्मान करते हैं। दूसरी तरफ  कांग्रेस के नेता एसवी रमणी कहते हैं कि इस बार उपराष्ट्रपति का चुनाव दिलचस्प होगा।  वह कहते हैं कि उपराष्ट्रपति के चुनाव में क्रास वोटिंग हुई तो एनडीए के उम्मीदवार की किरकिरी होनी तय है। 
विज्ञापन


दरअसल यह चुनाव सरकार की मजबूती,संघ और भाजपा के बीच में आपसी तालमेल और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह की लोगों पर पकड़ का पैमाना होगा। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी एक बड़ा ताना मारा है। उन्होंने कहा कि भाजपा में आपसी दरार है और वह समाज में दरार पैदा करने में सबसे आगे है। बताते हैं विपक्ष के तमाम नेताओं को लग रहा है कि कुछ हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नंबर तो सत्ता पक्ष (एनडीए) के पास है
उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए 782 मत पड़ने हैं। एनडीए के पास चुनाव जीतने के लिए जरूरी 391 मतों से 31 मत ज्यादा बताया जा रहा है। इंडिया ब्लाक के पास 312 मत हैं। इस तरह से संख्या बल के लिहाज से एनडीए का पलड़ा काफी भारी है। लेकिन उपराष्ट्रपति के चुनाव में व्हिप जारी नहीं होता। मतदान भी गोपनीय रहता है। इसलिए ‘क्रास वोटिंग’की गुंजाइश बन सकती है। विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों इसी क्रास वोटिंग की संभावना को समाप्त करने के लिए हर प्रयास कर रहे हैं। विपक्ष के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी ने अपने संबोधन में भारत के लोकतंत्र को बचाने के लिए अंतररात्मा की आवाज पर लोगों से मतदान करने की अपील की है। विपक्ष को पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ द्वारा 21 जुलाई को अचानक इस्तीफा दे देने के  कारण भी काफी संभावना दिखाई दे रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed