फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   WHO approves expression of interest for COVAXIN pre submission meeting to be held on June 23 for vaccine validation

डब्ल्यूएचओ: कोवाक्सिन के लिए इओआई को मिली मंजूरी, टीके की मान्यता के लिए 23 जून को होगी प्री-सबमिशन मीटिंग

Thu, 17 Jun 2021 11:14 AM IST
प्रियंका तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रियंका तिवारी Updated Thu, 17 Jun 2021 11:14 AM IST
सार

भारत बायोटेक की तरफ से कहा गया था कि कंपनी जुलाई में कोवाक्सिन के तीसरे चरण के परीक्षण डाटा को सार्वजनिक करेगी, जिसके बाद कंपनी भारत में इस टीके के पूर्ण लाइसेंस के लिए आवेदन करेगी।

विज्ञापन
WHO approves expression of interest for COVAXIN pre submission meeting to be held on June 23 for vaccine validation
भारत में निर्मित कोविड-19 टीका कोवाक्सिन  - फोटो : ट्विटर

विस्तार

विज्ञापन

भारत में निर्मित स्वदेशी कोविड टीके कोवाक्सिन को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार कोवाक्सिन को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से जल्द ही मान्यता मिल सकती है। बताया जा रहा कि कोवाक्सिन को बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक के एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (इओआई) को डब्ल्यूएचओ ने स्वीकार लिया है। उल्लेखनीय है कि कोवाक्सिन को डब्ल्यूएचओ से मान्यता दिलाने के लिए भारत बायोटेक ने 19 अप्रैल को इओआई सबमिट किया था। इस मामले में अब प्री-सब्मिशन की बैठक 23 जून को होगी। 

कुछ विदेशी देशों में कोवाक्सिन को मंजूरी मिलने में बाधा
फार्मास्युटिकल कंपनी भारत बायोटेक को कुछ विदेशी देशों में कोवाक्सिन को मंजूरी मिलने में बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि इस वैक्सीन के तीसरे चरण के परीक्षण डाटा पूरे नहीं हैं। यह डाटा डब्ल्यूएचओ के लिए कोवाक्सिन को मान्यता देने और बहुप्रतीक्षित कोरोना वायरस के लिए इसे 'वैक्सीन पासपोर्ट' का हिस्सा बनाने के लिए आवश्यक है। गौरतलब है कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने संकेत दिया था कि जी-7 सम्मेलन के दौरान वैक्सीन पासपोर्ट को लेकर सहमति बनाने के प्रयास किए जा सकते हैं।

विज्ञापन


विदेशी यात्रा को आसान बनाएगा वैक्सीन पासपोर्ट
वैक्सीन पासपोर्ट से जुड़ा यह प्रस्ताव विदेशी यात्रा को आसान बनाएगा, लेकिन इसमें अभी कई अड़चनें हैं। कई विदेशी विश्वविद्यालय और देशों ने ऐसे नियम बनाए हैं कि डब्ल्यूएचओ द्वारा मान्यता प्राप्त कोविड टीकों को लगवा चुके लोग ही बिना किसी पाबंदी के विदेश यात्रा कर सकेंगे। इन नियमों से सबसे ज्यादा प्रभावित विदेशी विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले वे भारतीय छात्र होंगे, जिन्होंने कोवाक्सिन का टीका लगवाया है क्योंकि कोवाक्सिन को डब्ल्यूएचओ से मान्यता नहीं मिली है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


क्यों जरूरी है कोवाक्सिन के लिए डब्ल्यूएचओ की मान्यता?
डब्ल्यूएचओ की ओर से महामारी जैसी हेल्थ इमरजेंसी में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर बनी दवाओं, मशीनों और अन्य उत्पादों की सेफ्टी को जांचा जाता है। इसी जांच के आधार पर डब्ल्यूएचओ ने ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका, फाइजर और जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन को इमरजेंसी हालात में प्रयोग करने की मान्यता दी थी। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, आपातकालीन स्थिति में यह जरूरी है कि दवाओं, टीकों और स्वास्थ्य से जुड़े उत्पादों का निर्माण जल्द से जल्द हो, लेकिन इन्हें अप्रूव करना जरूरी है। अप्रूवल के लिए टीके को सुरक्षा और गुणवत्ता के मानकों पर खरा होना चाहिए। 


कोवाक्सिन को कब तक मिल सकती है मान्यता
भारत बायोटेक की तरफ से कहा गया था कि कंपनी जुलाई में कोवाक्सिन के तीसरे चरण के परीक्षण डाटा को सार्वजनिक करेगी, जिसके बाद कंपनी भारत में इस टीके के पूर्ण लाइसेंस के लिए आवेदन करेगी। कहा जा रहा है कि कोवाक्सिन को जुलाई से सितंबर के बीच डब्ल्यूएचओ से इमरजेंसी हालात में प्रयोग की मंजूरी मिल सकती है। कंपनी ने बताया है कि कोवाक्सिन को अब तक 13 देशों में प्रयोग करने की मंजूरी मिल गई है और 60 देशों में रेगुलेटरी अप्रूवल्स के लिए प्रॉसेस जारी है। इन 60 देशों में कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में से एक अमेरिका और ब्राजील भी शामिल हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed