{"_id":"5d4bce218ebc3e6cf57b3e38","slug":"when-the-sick-sushma-swaraj-told-the-captain-life-is-what-you-lives-for-the-country","type":"story","status":"publish","title_hn":"...जब अपनी फ्लाइट में सुषमा स्वराज को देखकर हैरान हो गई कैप्टन रिचा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
...जब अपनी फ्लाइट में सुषमा स्वराज को देखकर हैरान हो गई कैप्टन रिचा
Thu, 08 Aug 2019 05:12 PM IST
Trainee Trainee
अमित शर्मा,नई दिल्ली
अमित शर्मा,नई दिल्ली
Published by: Trainee Trainee
Updated Thu, 08 Aug 2019 05:12 PM IST
विज्ञापन
कैप्टन रिचा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैप्टन रिचा दशकों से बड़े-बड़े विमान उड़ा रही हैं। बादलों से भी ऊपर आसमान में विशालकाय विमानों को उड़ाने, उन्हें संभालने का अपना अलग ही रोमांच होता है। उनके लिए यह बड़ी जिम्मेदारी भी है जिसे वे बड़ी खूबसूरती से निभाती आ रही हैं।
विज्ञापन
सितंबर 2017 के एक दिन सामान्य दिनों की तरह वे अपने विमान को उड़ाने के लिए प्लेन के कॉकपिट में जा बैठीं। लेकिन जब उनके सामने फ्लाइट में जा रहे वीआईपी लोगों की लिस्ट सामने आई तो उनकी खुशी का ठिकाना न रहा ।
विज्ञापन
क्योंकि उनकी फ्लाइट से उन्हीं की रोल मॉडल विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी जा रही थी जिन्हें करीब से देखने-सुनने की उनके मन में हमेशा से लालसा होती रही थी। सुषमा स्वराज उस फ्लाइट से बतौर विदेश मंत्री संयुक्त राष्ट्र की 72वीं आम सभा को संबोधित करने के लिए जा रही थीं।
विज्ञापन
कैप्टन रिचा ने अमर उजाला को बताया कि फ्लाइट में शीर्ष लोगों का आना-जाना हमेशा बना रहता है। उनके लिए यह एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन जब उन्हें यह पता चला कि उन्हीं की आदर्श सुषमा स्वराज उन्हीं की फ्लाइट से जा रही हैं तो कुछ पल के लिए वे खुद को संभाल नहीं पाईं। वे अपने कॉकपिट से निकलीं और सीधे सुषमा स्वराज के पास जा पहुंची। उन्हें अपने बारे में बताया और उनसे काफी बातचीत की।
बुधवार को भाजपा मुख्यालय में सुषमा स्वराज को श्रद्धांजली देने पहुंची रिचा ने बताया कि पूरी यात्रा में जब-जब समय मिला वे उनके पास गईं, उनसे बात करती रहीं और उन्हें जानने-समझने की कोशिश करती रहीं।
उस दिन उन्हें एहसास हुआ कि सुषमा स्वराज क्यों लोगों के दिलों पर अपनी छाप छोड़ जाती हैं। उनके चेहरे पर हमेशा की तरह एक मुस्कान थी जो बेहद अपनेपन का एहसास करा रही थी।
पूरी बातचीत में एक पल को उन्हें ऐसा नहीं लगा कि वे किसी बड़ी विशेष हस्ती से बात कर रहीं थीं। ऐसा लग रहा था जैसे उनका कोई ख़ास बड़े ही अपनत्व से उन्हें कुछ समझाने की कोशिश कर रहा हो। उनकी यही शैली थी कि वे जिससे भी बात करती थीं, उसे अपना बना लेती थीं।
आगे बढ़ती रहो, जिंदगी दूसरों के लिए जिओ
रिचा ने बताया कि सुषमा स्वराज की तबीयत उस समय भी खराब थी। जब उन्होंने उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि सब ठीक है। लेकिन वे देख पा रही थीं कि सब कुछ ठीक नहीं है। शायद सुषमा स्वराज उनके मन में उमड़ रहे सवालों को भांप गईं।
उन्होंने मुस्कराते हुए कहा- ‘जिंदगी वही होती है जो आप दूसरों के लिए जीते हैं, देश के लिए जीते हैं। देश का प्रतिनिधित्व करने का सौभाग्य कम ही लोगों को मिलता है। आज जब उन्हें इतना बड़ा सौभाग्य मिला है तो वे इस मौके को क्यों गवाएं।’ यह कहने के साथ ही सुषमा स्वराज के चेहरे पर उनकी चित परिचित मुस्कान तैर गई। रिचा निःशब्द हो गईं थीं।
वे बताती हैं कि उनके वे शब्द आज भी उनके कान में उसी तरह गूंज रहे हैं। उन्हें यकीन ही नहीं होता कि वे आज हमारे बीच में नहीं हैं। बाद में रिचा उन्हीं की प्रेरणा से भाजपा में शामिल हो गईं। इस समय वे पार्टी की ओवरसीज अफेयर्स सेल में कन्वेनर की भूमिका निभा रही हैं।