उर्मिला मातोंडकर ने कहा था, 'हम कांग्रेस से कभी जुदा नहीं होंगे, राहुल सभी को साथ लेकर चलते हैं'
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इसी साल 27 मार्च को कांग्रेस पार्टी मुख्यालय में सिने तारिका उर्मिला मातोंडकर ने कांग्रेस ज्वाइन की थी। चुनाव के मौके पर कांग्रेस में शामिल होने पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा था, न चुनाव से पहले किसी पद को लेकर मेरा कोई लक्ष्य था और न ही चुनाव के बाद ही मेरा ऐसा कोई लक्ष्य रहेगा। मुझे किसी पद की कोई लालसा नहीं है। हम कांग्रेस से कभी जुदा नहीं होंगे। दूसरा सवाल पूछा गया कि मौजूदा राजनीतिक हालात में आपने राहुल गांधी का साथ देना क्यों उचित समझा, तो उर्मिला मातोंडकर का कहना था कि वे सभी को साथ लेकर चलने में सक्षम हैं और पार्टी को आगे ले जा सकते हैं।
गांधी, नेहरू और पटेल को बताया था आदर्श
अब उर्मिला मातोंडकर ने मंगलवार को कांग्रेस पार्टी छोड़ने की घोषणा कर दी। हालांकि इस पर अभी कांग्रेस पार्टी खुलकर नहीं बोल रही है। उर्मिला ने कांग्रेस पार्टी ज्वाइन करते वक्त अपनी पहली प्रेसवार्ता में बहुत ही सटीक और एक सुलझे हुए राजनेता की भांति सवालों के जवाब दिए थे। उनका कहना था कि लोग मुझे ग्लैमर के अंदाज में नहीं, बल्कि एक सक्रिय नेता के तौर पर देखें। उन्होंने महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू और सरदार पटेल को अपना आदर्श बताते हुए कहा था कि वह अपने जीवन में इनकी विचारधारा पर आगे बढ़ती रही हैं। राजनीतिक पार्टी ज्वाइन करने के बाद भी वह इन तीनों के रास्ते पर चलती रहेंगी।
राहुल गांधी पर जताया था भरोसा
बतौर उर्मिला, मुझे भले ही सामाजिक जागरूकता मां-बाप से विरासत में मिली है, लेकिन मैं सदा आम लोगों के जीवन और उनकी समस्याओं को निकट से देखती रही हूं। फिल्मों में जाना और सफलता हासिल करना एक अलग बात है और इससे मेरे विचारों में कोई बदलाव नहीं आया। वहीं मौजूदा राजनीतिक हालात में राहुल गांधी का साथ देने पर उनका कहना था कि वे सभी को साथ लेकर चलने में सक्षम हैं और देश में जैसे हालात हैं उनमें राहुल गांधी सभी को साथ लेकर आगे जा सकते हैं। पिछले कुछ सालों में संविधान, लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, इन सब पर सवालिया निशान लग गया है।
युवाओं को नहीं पता कि उनका भविष्य कैसा होगा। बेरोजगारी बढ़ती जा रही है और मैं लोगों की आवाज को बुलंद करने के लिए राजनीति में आई हूं। हम कांग्रेस से कभी जुदा नहीं होंगे। मुझे लोगों के बीच सेवा का मौका मिला है और मैं अपनी इसी राह पर आगे बढ़ती रहूंगी। उर्मिला ने उत्तर मुंबई सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन वे भाजपा प्रत्याशी गोपाल शेट्टी से हार गई थीं।
मिलिंद देवड़ा को लिखा था पत्र, लेकिन हुआ लीक
अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर ने कांग्रेस से इस्तीफा देते वक्त कहा कि मेरी राजनीतिक और सामाजिक समझ बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए है। मुझे महसूस हुआ कि मैं मुंबई कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी के कारण कुछ नहीं पा रही हूं। उर्मिला ने अपने इस्तीफे में जो कुछ लिखा, वह कांग्रेस पार्टी में चल रही अंदरूनी खींचतान को बताने के लिए काफी था। मैंने तत्कालीन मुंबई कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मिलिंद देवड़ा को पत्र लिखा, लेकिन उन्होंने कोई एक्शन नहीं लिया। वहीं हमारे गोपनीय संवाद को मीडिया में लीक कर दिया गया। जो मेरे साथ छल था। वहीं उर्मिला ने अपने पत्र में खुद की हार के लिए स्थानीय नेताओं पर उंगली उठाई थी। पार्टी की कमजोर रणनीति, कार्यकर्ताओं की अनदेखी और फंड की कमी, जैसे कई कारणों को जिम्मेदार बताया था।
उर्मिला ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने को लेकर एक बयान देते हुए कहा था कि जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद होने के कारण उन्हें अपने ससुराल वालों की खबर नहीं मिल पा रही है। बता दें कि उर्मिला की शादी कश्मीर से ताल्लुक रखने वाले मोहसिन अख्तर मीर से हुई है।