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जब भी कांग्रेस को जरूरत होती है विदेश क्यों चले जाते राहुल गांधी
Updated Fri, 25 Aug 2017 06:16 PM IST
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राहुल गांधी
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जब जब कांग्रेस को राहुल की जरूरत होती है राहुल विदेश घूमने निकल जाते हैं। या फिर किसी काम का बहाना कर विदेश पहुंच जाते हैं। राहुल एक बार फिर विदेश जा रहे हैं। इस बार वे नॉर्वे जा रहे हैं। अब जब हमने राहुल के पिछले विदेशी दौरों पर नजर डाली तो पाया कि महत्वपूर्ण मौकों पर देश से निकल जाना उनकी आदत में शुमार हो गया है।
राजद प्रमुख लालू यादव रविवार को पटना के गांधी मैदान में भाजपा भगाओ, देश बचाओ रैली का आयोजन कर रहे है। महागठबंधन के टूटने और बिहार सरकार से हटाए जाने के बाद आरजेडी यह रैली भाजपा के खिलाफ सभी विपक्षी पार्टियों को एकजुट करने और शक्ति प्रदर्शन करने के लिए आयोजित कर रही है। यहां राहुल एक बड़े विपक्षी नेता के रूप में उभर सकते हैं लेकिन वो विदेश जा रहे हैं।
पढे़:भाजपा भगाओ रैली' से पहले अकेले पड़े लालू, माया के बाद सोनिया भी नहीं होंगी शामिल
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पिछले विदेशी दौरों की तरह इस बार भी राहुल देश छोड़ कर जा रहे हैं। पिछली बार वो इटली निकल गए थे। वो मौका तो आपको याद होगा जब राहुल पुलिस फायरिंग में मारे गए किसानों के परिजनों से मिलने के लिए मंदसौर गए थे।
हालांकि पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में ही रोक हिरासत में ले लिया था। दिल्ली वापिस लौटते हुए राहुल ने उदयपुर में किसानों से मुलाकात भी की थी। और किसानों को विश्वास दिलाया था कि वे केंद्र की मोदी सरकार से उनके हक की लड़ाई लड़ेंगे। और फिर राहुल इटली निकल गए थे। वो किसान आंदोलन छोड़ गए थे फिर जुलाई मे वे राष्ट्रपति चुनाव मंथन को बीच में छोड़ कर विदेश चले गए थे।
पढ़े: बेहद निजी दौरे पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी आएंगे देहरादून, क्यों खास है ये निजी दौरा जानिए...
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राजद प्रमुख लालू यादव रविवार को पटना के गांधी मैदान में भाजपा भगाओ, देश बचाओ रैली का आयोजन कर रहे है। महागठबंधन के टूटने और बिहार सरकार से हटाए जाने के बाद आरजेडी यह रैली भाजपा के खिलाफ सभी विपक्षी पार्टियों को एकजुट करने और शक्ति प्रदर्शन करने के लिए आयोजित कर रही है। यहां राहुल एक बड़े विपक्षी नेता के रूप में उभर सकते हैं लेकिन वो विदेश जा रहे हैं।
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पिछले विदेशी दौरों की तरह इस बार भी राहुल देश छोड़ कर जा रहे हैं। पिछली बार वो इटली निकल गए थे। वो मौका तो आपको याद होगा जब राहुल पुलिस फायरिंग में मारे गए किसानों के परिजनों से मिलने के लिए मंदसौर गए थे।
हालांकि पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में ही रोक हिरासत में ले लिया था। दिल्ली वापिस लौटते हुए राहुल ने उदयपुर में किसानों से मुलाकात भी की थी। और किसानों को विश्वास दिलाया था कि वे केंद्र की मोदी सरकार से उनके हक की लड़ाई लड़ेंगे। और फिर राहुल इटली निकल गए थे। वो किसान आंदोलन छोड़ गए थे फिर जुलाई मे वे राष्ट्रपति चुनाव मंथन को बीच में छोड़ कर विदेश चले गए थे।
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कांग्रेस जब अहम मुद्दों से जूझ रहा था राहुल विदेश निकल गए
राहुल गांधी
8 नवंबर 2016 को देश में 500 और 1000 के नोटों को बंद करने का ऐलान किया गया था। नोटबंदी के तुरंत बाद इस फैसले के विरोध में देश एकजुट हो रहा था और लोग कतार में लगे थे। एक दिन राहुल भी लोगों के साथ कतार में खड़े हुए और फिर न्यू ईयर मनाने विदेश चले गए।
2015 में बिहार विधानसभा चुनाव का जोर था। पार्टी जोरशोर से प्रचार में जुटी थी। पर सितंबर में राहुल विदेश चले गए। इस दौरे पर राहुल का खूब मजाक भी उड़ा था।
2014 में जब मोदी सरकार बनी तब सरकार ने 2015 में भूमि अधिग्रहण विधेयक बिल लाने की कोशिश की। उसी दौरान फरवरी- मार्च में जब विपक्ष एकजुट होकर विरोध कर रहा था तब राहुल सदन में नहीं थे। उन्होंने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर छुट्टी मांगी थी और करीब 56 दिन के लिए देश से बाहर चले गए थे।
16 दिसम्बर 2012 को जब निर्भया बलात्कार और हत्या मामले में देशभर में आंदोलन चल रहा था तब भी वे विदेश दौरे पर थे। गौर करने वाली बात ये है कि उस समय दिल्ली और केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी।
2015 में बिहार विधानसभा चुनाव का जोर था। पार्टी जोरशोर से प्रचार में जुटी थी। पर सितंबर में राहुल विदेश चले गए। इस दौरे पर राहुल का खूब मजाक भी उड़ा था।
2014 में जब मोदी सरकार बनी तब सरकार ने 2015 में भूमि अधिग्रहण विधेयक बिल लाने की कोशिश की। उसी दौरान फरवरी- मार्च में जब विपक्ष एकजुट होकर विरोध कर रहा था तब राहुल सदन में नहीं थे। उन्होंने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर छुट्टी मांगी थी और करीब 56 दिन के लिए देश से बाहर चले गए थे।
16 दिसम्बर 2012 को जब निर्भया बलात्कार और हत्या मामले में देशभर में आंदोलन चल रहा था तब भी वे विदेश दौरे पर थे। गौर करने वाली बात ये है कि उस समय दिल्ली और केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी।