फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   When Bengaluru Traffic prevented Three terrorist Attacks

तीन जगह धमाके करने जा रहे थे आतंकी, बंगलूरू के 'ट्रैफिक' ने नाकाम किए थे मंसूबे

Wed, 18 Sep 2019 08:29 PM IST
Gaurav Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Gaurav Pandey Updated Wed, 18 Sep 2019 08:29 PM IST
विज्ञापन
When Bengaluru Traffic prevented Three terrorist Attacks
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

ट्रैफिक यानी यातायात की समस्या पूरे देश में दिक्कत का सबब बनी हुई है। खासकर दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बंगलूरू जैसे बड़े शहरों में तो ट्रैफिक के हालात ऐसे हैं कि कभी-कभार तो घंटों लोग सड़क पर अपनी गाड़ी में ही फंसे रहते हैं। लेकिन, हर ओर दिक्कत का सबब बने ट्रैफिक की वजह से ही एक बार बंगलूरू में एक नहीं बल्कि तीन आतंकी हमले होते-होते नाकाम हो गए थे।

विज्ञापन


28 दिसंबर 2005 को लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने बंगलूरू स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंसेज (आईआईएस) पर हमला किया था। पुलिस ने दावा किया था कि इससे पहले इन आतंकियों की योजना शहर के तीन और स्थानों पर हमला करने की थी। 

विज्ञापन

तीन सेमिनारों में थी धमाकों की साजिश

आतंकियों की योजना इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट बंगलूरू (आईआईएमबी), होस्करहाली स्थित पीईएस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी और सेनकी मार्ग स्थित ले मेरीडियन होटल पर हमला करने की थी। इस सभी स्थानों पर सेमिनारों का आयोजन हो रहा था, जिनमें कई हाई प्रोफाइल लोग भाग ले रहे थे। 

आतंकियों की योजना सबसे पहले ले मेरीडियन होटल पर हमला करने की थी, जहां नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कंपनीज (नासकॉम) ने सेमिनार आयोजित की थी। लेकिन आतंकियों की यह योजना धरी की धरी रह गई क्योंकि, उन्हें होटल के अंदर जाने के लिए कोई सही जगह नहीं मिली और ट्रैफिक की वजह से वह किसी और रास्ते से होटल नहीं जा सकते थे। 

ट्रैफिक ने रोकी आतंकियों की रफ्तार

इसके बाद उन्होंने पीईएस इंस्टीट्यूट पर हमला करने की साजिश रची। यहां भी एक सेमिनार का आयोजन होना था। यहां भी आतंकी हमला नहीं कर सके क्योंकि भारी ट्रैफिक के चलते उनके भाग निकलने का कोई रास्ता नहीं था। 

दो जगहों पर हमला करने में नाकाम रहे आतंकियों ने आईआईएमबी को निशाना बनाने की योजना बनाई, यहां भी एक सेमिनार हो रही थी। लेकिन, ट्रैफिक जाम में फंसने के कारण आतंकी आईआईएमबी तक पहुंच ही नहीं पाए और सेमिनार पूरी हो गई। 

साल 2005 में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने ही बंगलूरू के इंडियन इंस्टीट्यूट पर हमला किया था। यह आंतकियों के लिए एक आसान निशाना था, क्योंकि इंस्टीट्यूट के भागने के लिए रास्ते आसान थे और यह उस जगह से नजदीक था जहां, आतंकी रुके हुए थे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed