फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   WhatsApp controversy: Fundamental right is right of privacy, government respects it govt says

WhatsApp विवाद: केंद्र ने कहा- मूलभूत अधिकार है निजता का हक, इसमें छेड़छाड़ का इरादा नहीं

Thu, 27 May 2021 02:31 PM IST
Amit Mandal एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: Amit Mandal Updated Thu, 27 May 2021 02:31 PM IST
सार

  • सरकार ने कहा-निजता के हक से छेड़छाड़ का इरादा नहीं, केवल बेहद गंभीर अपराधों के लिए मांगी है संदेशों के मूल स्रोत की जानकारी

विज्ञापन
WhatsApp controversy: Fundamental right is right of privacy, government respects it govt says
whatsapp - फोटो : amarujala

विस्तार

केंद्र सरकार ने कहा कि निजता का हक एक मूलभूत अधिकार है। सरकार इसका सम्मान करती है और इसके साथ छेड़छाड़ का कोई इरादा नहीं है। नए आईटी कानूनों के तहत कुछ संदेशों के मूल स्रोत का पता लगाने की आवश्यकता बेहद गंभीर अपराधों की जांच करने और उन्हें रोकने के लिए है। ये ऐसे अपराध हैं, जो देश की संप्रभुता या सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े हैं। 

विज्ञापन


दरअसल दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे सोशल मीडिया मैसेजिंग प्लेटफार्म व्हाट्सएप ने किसी संदेश मूल स्रोत की जानकारी देने के आदेश को अपने यूजर्स की निजता के अधिकार का हनन बताते हुए सरकार के दिशानिर्देशों को चुनौती दी है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी मंत्रालय ने इसे नियमों को लागू होने से रोकने का दुर्भाग्यपूर्ण प्रयास बताया। 
विज्ञापन


केंद्रीय आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, ब्रिटेन, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, कनाडा में सोशल मीडिया कंपनियों को अपने कामकाज में कानूनी हस्तक्षेप की अनुमति देनी पड़ती है। प्रसाद ने कहा, भारत जो मांग कर रहा है, वह अन्य देशों की तरफ से मांगी जाने वाली जानकारियों से बेहद कम है। इसलिए व्हाट्सएप का भारत के मध्यवर्ती निर्देशों को निजता के अधिकार के विपरीत दिखाने का प्रयास गलत तरीका है। प्रसाद ने यह भी कहा कि भारत की तरफ से प्रस्तावित कोई भी नियम किसी भी तरीके से व्हाट्सएप के सामान्य कामकाज में बाधा नहीं डालेंगे। साथ ही उसके सामान्य यूजर्स पर भी इसका कोई प्रभाव नहीं होगा। सरकार निजता के अधिकार का सम्मान करती है और व्हाट्सएप से किसी खास संदेश के मूल स्रोत का खुलासा करने के लिए कहते समय सरकार का निजता के अधिकार के हनन का कोई इरादा नहीं है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


महज ऐसे मामलों में होगी संदेश के मूल स्रोत की जरूरत
प्रसाद ने कहा, किसी मामले में संदेश के मूल स्रोत के खुलासे की जरूरत केवल तब होगी, जब देश की अखंडता व संप्रभुता, राज्य की सुरक्षा, विदेशों के साथ दोस्ताना संबंधाें, सार्वजनिक व्यवस्था या इनमें से जुड़े किसी बेहद गंभीर अपराध को रोकने, जांच करने या सजा देने के सिलसिले में जरूरी होगा। इसके अलावा दुष्कर्म, यौन उत्पीड़न सामग्री या बाल यौन शोषण सामग्री से जुड़ा संदेश होने पर भी उसके मूल स्रोत की जानकारी की आवश्यकता होगी।


निजता के अधिकार के लिए प्रतिबद्ध पर राष्ट्रीय सुरक्षा भी जरूरी
आईटी मंत्री ने कहा कि सरकार अपने सभी नागरिकों की निजता का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन ठीक इसी समय कानून व्यवस्था बनाए रखने और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करना भी सरकार की ही जिम्मेदारी है। 
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed