{"_id":"5b34b49b4f1c1b64068b8a71","slug":"what-pakistani-media-had-to-say-about-the-surgical-strike-of-the-indian-army","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"जब 'सर्जिकल स्ट्राइक' के बाद पाकिस्तानी मीडिया को लगी थी मिर्ची","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
जब 'सर्जिकल स्ट्राइक' के बाद पाकिस्तानी मीडिया को लगी थी मिर्ची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 28 Jun 2018 03:49 PM IST
विज्ञापन
पाकिस्तानी मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वर्ष 2016 में भारतीय सेना के 'सर्जिकल स्ट्राइक' से जहां भारत में खुशी की लहर थी और भारतीय मीडिया में इसको प्रमुखता से कवरेज मिली थी। साथ ही सेना व सरकार के साहस की भी खूब तारीफ हुई थी, तो वहीं पाकिस्तान ने भारत के 'सर्जिकल स्ट्राइक' को झूठ करार दिया था। पाकिस्तानी मीडिया में भी कुछ इसी तरह की प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। चलिए, जानते हैं भारतीय सेना के इस खतरनाक ऑपरेशन को लेकर पाकिस्तानी मीडिया में कैसी प्रतिक्रिया रही थी और पाकिस्तान के प्रमुख अंग्रेजी अखबारों ने इसे कैसे कवर किया था ?
अंग्रेजी अखबार 'द पैट्रियट' ने अपनी लीड खबर में लिखा था कि भारतीय सेना के 'सर्जिकल स्ट्राइक' के दावे को पाकिस्तानी सेना ने खारिज किया है। इसके साथ ही सीमापार से हुई गोलीबारी में दो पाकिस्तानी सैनिकों के मरने की खबर भी छापी थी। अखबार की एक अन्य खबर के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना के साथ गोलीबारी में 14 भारतीय सैनिक मारे गए थे। यानी साफ तौर पर भारत की सर्जिकल स्ट्राइक को पाकिस्तान ने 'झूठ' साबित करने की कोशिश की थी।
विज्ञापन
अंग्रेजी अखबार 'द पैट्रियट' ने अपनी लीड खबर में लिखा था कि भारतीय सेना के 'सर्जिकल स्ट्राइक' के दावे को पाकिस्तानी सेना ने खारिज किया है। इसके साथ ही सीमापार से हुई गोलीबारी में दो पाकिस्तानी सैनिकों के मरने की खबर भी छापी थी। अखबार की एक अन्य खबर के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना के साथ गोलीबारी में 14 भारतीय सैनिक मारे गए थे। यानी साफ तौर पर भारत की सर्जिकल स्ट्राइक को पाकिस्तान ने 'झूठ' साबित करने की कोशिश की थी।
विज्ञापन
कराची से प्रकाशित 'द न्यूज' ने यह लिखा था
पाकिस्तानी मीडिया
कराची से प्रकाशित 'द न्यूज' ने अपनी प्रमुख खबर में लिखा था कि भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के बीच सीमा के आरपार हुई गोलीबारी में दो पाकिस्तानी जवान शहीद हुए थे और भारत के भी 8 जवान मारे गए थे। भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक के दावे को पाकिस्तान ने 'भ्रम फैलाने वाला' बताया था। इसे ही अखबार ने अपनी लीड खबर का शीर्षक बनाया था। इसके अलावा एलओसी पर मारे गए पाकिस्तानी जवानों के बिलखते परिजनों की तस्वीर भी छापी थी।
क्या कहना था 'पाकिस्तान अब्जर्वर' का
पाकिस्तानी मीडिया
पाकिस्तान के प्रमुख अंग्रेजी अखबार 'पाकिस्तान अब्जर्वर' ने भारतीय सेना के 'सर्जिकल स्ट्राइक' के दावे के बजाय अलग ही खबर को प्राथमिकता दी थी। इस्लामाबाद से प्रकाशित अखबार की लीड खबर का शीर्षक था, 'पाकिस्तान ने एक भारतीय सैनिक को बंधक बनाया, एलओसी पर 8 भारतीय सैनिक भी मारे'। अखबार ने एलओसी पर फायरिंग में मारे गए दो पाकिस्तानी जवानों की तस्वीर भी प्रकाशित की थी। भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक के दावे को पाकिस्तान ने खारिज किया, यह भी खबर पहले पेज पर ली थी।
'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की यह थी लीड खबर
पाकिस्तानी मीडिया
कराची से प्रकाशित अंग्रेजी अखबार 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' ने लीड खबर में भारतीय सेना के 'सर्जिकल स्ट्राइक' के दावे को मजाक बताया था। अखबार ने विशेषज्ञों के हवाले से एक अन्य खबर में लिखा था कि सामरिक मामलों के विशेषज्ञ भी भारत के दावे पर हंस रहे हैं। इसके अलावा एलओसी पर भारतीय सेना की गोलीबारी में दो पाकिस्तानी जवानों के मरने की खबर भी प्रकाशित की थी। अखबार ने पहले पेज पर मरने वालों जवानों के शवों को ले जा रहे सैनिकों की तस्वीर प्रकाशित की थी।
'डॉन' ने उठाया था अहम सवाल
पाकिस्तानी मीडिया
प्रमुख पाकिस्तानी अखबार 'डॉन' ने सवाल उठाया था, 'क्या वह सर्जिकल स्ट्राइक थी?' मोहम्मद अली जिन्ना को संस्थापक मानने वाले इस अखबार का कहना था कि भारत ऐसा दावा कर रहा है और पाकिस्तान इसे खारिज कर रहा है, ऐसे माहौल में दो पाकिस्तानी जवानों की मौत भी हुई है लेकिन असलियत क्या है, इसे लेकर दोनों देशों के लोगों में भ्रम है। अखबार ने सीपीआई (एम) नेता सीताराम येचुरी के बयान को भी प्रकाशित किया था जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीय सेना ने ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी नहीं दी है।