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'गरीबी एक सोच है': कांग्रेस को कचोटने लौटा राहुल गांधी का नौ साल पुराना बयान, सीतारमण ने संसद में जिक्र कर घेरा
Fri, 11 Feb 2022 03:46 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Fri, 11 Feb 2022 03:46 PM IST
सार
शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी की ओर से रोक-टोक के बीच निर्मला सीतारमण ने तल्ख तेवर में जवाब देते हुए कहा, "मैं गरीबों का मजाक नहीं उड़ा रही। जिस आदमी ने गरीबों का मजाक उड़ाया था, आपकी पार्टी ने उसके साथ गठबंधन किया है।"
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर बोला हमला।
- फोटो : Social Media
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विस्तार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पर उठे सवालों को लेकर शुक्रवार को राज्यसभा में जवाब दिए। उन्होंने सीधे तौर पर कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। सीतारमण ने राहुल गांधी की तरफ से 2013 में दिए गए उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें राहुल ने गरीबी को एक मानसिक स्थिति बता दिया था। वित्त मंत्री ने पूछा कि आखिर तब कांग्रेस नेता किस तरह की गरीबी की बात कर रहे थे।
क्या था राहुल गांधी का बयान?
दरअसल, राहुल गांधी ने केंद्र में यूपीए की सरकार रहते हुए गरीबी के आंकड़ों पर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि गरीबी केवल एक मानसिक अवस्था है। इसका पैसे और खाने जैसी चीजों की कमी से कोई लेना देना नहीं है। राहुल ने कहा था, "गरीबी एक मानसिक अवस्था है। इसका खाना, पैसे या भौतिक चीजों की कमी से कोई लेना-देना नहीं है। अगर आप में आत्मविश्वास है तो आप गरीबी से उबर सकते हैं।" इस बयान के लिए राहुल को उस दौरान काफी आलोचना का सामना करना पड़ा था।
कैसे किया निर्मला सीतारमण ने पलटवार?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में कहा कि उनका बजट आर्थिक स्थिरता लाने वाला है और इससे देश में कई नौकरियां पैदा होंगी। उन्होंने राहुल गांधी का जिक्र किए बिना कहा, "कृपया स्पष्ट रहें, क्या आप मुझसे इस तरह की गरीबी पर जवाब चाहते हैं, जिसका जिक्र आपके नेता ने किया था- 'गरीबी एक मानसिक अवस्था' है वाली गरीबी पर?"
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सीतारमण के इस बयान पर शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि वे गरीबों का मजाक उड़ा रही हैं। हालांकि, सीतारमण ने तल्ख तेवर में प्रियंका को जवाब में कहा, "मैं गरीबों का मजाक नहीं उड़ा रही। जिस आदमी ने गरीबों का मजाक उड़ाया था, आपकी पार्टी ने उसके साथ गठबंधन किया है।" राज्यसभा में कई बार रुकावट के बावजूद सीतारमण ने कांग्रेस पर हमले जारी रखे।
उन्होंने विपक्ष से पूछा- "आप किस तरह के गरीबों की बात कर रहे हैं। आपके (कांग्रेस के) पूर्व अध्यक्ष कहते थे कि गरीबी का मतलब खाने, पैसे या वस्तुओं की कमी नहीं है। अगर किसी के पास आत्मविश्वास है, तो वह गरीबी से पार पा सकता है। उन्होंने कहा था कि यह सिर्फ एक मानसिक अवस्था है। मैं यहां उस व्यक्ति का नाम नहीं ले रही, लेकिन सब जानते हैं कि वह कौन है।"
कांग्रेस सांसदों का हंगामा, सीतारमण ने कर दिया जी-23 का जिक्र
निर्मला सीतारमण के राहुल पर सीधे किए गए हमले को लेकर विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। हालांकि, इस पर वित्त मंत्री ने कहा कि वे सिर्फ कांग्रेस नेता के मीडिया में चले बयान का जिक्र कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वे किसी का नाम नहीं ले रहीं, लेकिन सब लोग बचाव में उतर आए हैं।
सीतारमण ने कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल के भी उस बयान पर आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने कहा था कि 2014 के बाद से भारत में अमृत काल नहीं राहु काल चल रहा है। इस पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री बोलीं- राहु काल तब था, जब अपनी ही प्रधानमंत्री के लाए एक अध्यादेश को मीडिया के सामने आपके नेता ने फाड़ दिया था। वो था राहु काल। इसी राहुल काल की वजह से जी-23 बना है। गौरतलब है कि जी-23 कांग्रेस से नाराज चल रहे उन नेताओं का गुट है, जिन्होंने शीर्ष नेतृत्व से पार्टी में महत्वपूर्ण बदलाव करने की मांग की है।
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क्या था राहुल गांधी का बयान?
दरअसल, राहुल गांधी ने केंद्र में यूपीए की सरकार रहते हुए गरीबी के आंकड़ों पर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि गरीबी केवल एक मानसिक अवस्था है। इसका पैसे और खाने जैसी चीजों की कमी से कोई लेना देना नहीं है। राहुल ने कहा था, "गरीबी एक मानसिक अवस्था है। इसका खाना, पैसे या भौतिक चीजों की कमी से कोई लेना-देना नहीं है। अगर आप में आत्मविश्वास है तो आप गरीबी से उबर सकते हैं।" इस बयान के लिए राहुल को उस दौरान काफी आलोचना का सामना करना पड़ा था।
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कैसे किया निर्मला सीतारमण ने पलटवार?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में कहा कि उनका बजट आर्थिक स्थिरता लाने वाला है और इससे देश में कई नौकरियां पैदा होंगी। उन्होंने राहुल गांधी का जिक्र किए बिना कहा, "कृपया स्पष्ट रहें, क्या आप मुझसे इस तरह की गरीबी पर जवाब चाहते हैं, जिसका जिक्र आपके नेता ने किया था- 'गरीबी एक मानसिक अवस्था' है वाली गरीबी पर?"
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सीतारमण के इस बयान पर शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि वे गरीबों का मजाक उड़ा रही हैं। हालांकि, सीतारमण ने तल्ख तेवर में प्रियंका को जवाब में कहा, "मैं गरीबों का मजाक नहीं उड़ा रही। जिस आदमी ने गरीबों का मजाक उड़ाया था, आपकी पार्टी ने उसके साथ गठबंधन किया है।" राज्यसभा में कई बार रुकावट के बावजूद सीतारमण ने कांग्रेस पर हमले जारी रखे।
उन्होंने विपक्ष से पूछा- "आप किस तरह के गरीबों की बात कर रहे हैं। आपके (कांग्रेस के) पूर्व अध्यक्ष कहते थे कि गरीबी का मतलब खाने, पैसे या वस्तुओं की कमी नहीं है। अगर किसी के पास आत्मविश्वास है, तो वह गरीबी से पार पा सकता है। उन्होंने कहा था कि यह सिर्फ एक मानसिक अवस्था है। मैं यहां उस व्यक्ति का नाम नहीं ले रही, लेकिन सब जानते हैं कि वह कौन है।"
कांग्रेस सांसदों का हंगामा, सीतारमण ने कर दिया जी-23 का जिक्र
निर्मला सीतारमण के राहुल पर सीधे किए गए हमले को लेकर विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। हालांकि, इस पर वित्त मंत्री ने कहा कि वे सिर्फ कांग्रेस नेता के मीडिया में चले बयान का जिक्र कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वे किसी का नाम नहीं ले रहीं, लेकिन सब लोग बचाव में उतर आए हैं।
सीतारमण ने कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल के भी उस बयान पर आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने कहा था कि 2014 के बाद से भारत में अमृत काल नहीं राहु काल चल रहा है। इस पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री बोलीं- राहु काल तब था, जब अपनी ही प्रधानमंत्री के लाए एक अध्यादेश को मीडिया के सामने आपके नेता ने फाड़ दिया था। वो था राहु काल। इसी राहुल काल की वजह से जी-23 बना है। गौरतलब है कि जी-23 कांग्रेस से नाराज चल रहे उन नेताओं का गुट है, जिन्होंने शीर्ष नेतृत्व से पार्टी में महत्वपूर्ण बदलाव करने की मांग की है।