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Khabaron Ke Khiladi: चुनाव आयोग को निशाना बनाने के पीछे तेजस्वी-राहुल की क्या सियासत? विश्लेषकों से जानें

Sat, 09 Aug 2025 09:26 PM IST
संध्या न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Sat, 09 Aug 2025 09:26 PM IST
सार

राहुल गांधी ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग पर करारा हमला बोला है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने 'सबूतों' के साथ वोटर लिस्ट की गड़बड़ियां गिनाईं और चुनाव आयोग पर कई गंभीर आरोप लगाया। राहुल गांधी ने कहा कि वोट की चोरी की जा रही है।

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khabaron ke khiladi What is the politics behind Tejashwi-Rahul targeting the Election Commission
खबरों के खिलाड़ी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले SIR पर घमासान मचा हुआ है। एक तरफ तेजस्वी यादव के वोटर आईडी कार्ड पर विवाद चल रहा है। दूसरी तरफ राहुल गांधी मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी का आरोप लगा रहे हैं। इसे लेकर उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कई दावे किए हैं। चुनाव आयोग इन आरोपों पर आक्रामक तरीके से जवाब दे रहा है। इस हफ्ते खबरों के खिलाड़ी में इसी पर चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार रामकृपाल सिंह, विनोद अग्निहोत्री, राकेश शुक्ल, अवधेश कुमार और राजकिशोर मौजूद रहे। 

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रामकृपाल सिंह: मैं तथ्यों पर कोई राय नहीं देना चाहता। चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया पर अंगुली उठ रही हो, ये कोई पहली बार नहीं है। ये कोई नहीं चीज नहीं है। तेजस्वी यादव जो कह रहे हैं, वो शायद थोड़ी जल्दीबाजी कर गए। कहीं न कहीं उनसे चूक तो हुई है। जब किसी पार्टी के पास हारने की कोई ठोस वजह नहीं दिखती तो हारने वाली पार्टी अक्सर कहती है कि कहीं न कहीं कुछ गलत हुआ है, इसलिए हम हारे हैं। ये कोई नई बात नहीं है। 

राकेश शुक्ल: दो बातें एक साथ नहीं हो सकती हैं। एक तरफ राहुल गांधी वोटर लिस्ट में फर्जी वोटर का मुद्दा उठा रहे हैं। दूसरी तरफ तेजस्वी एसआईआर का विरोध कर रहे हैं। दोनों बातें एक साथ नहीं हो सकती हैं। देश के संविधान में एक व्यक्ति के पास एक वोटर आईडी कार्ड होना चाहिए, फिर तेजस्वी यादव के पास दो वोटर कार्ड कैसे हैं? 



 

राजकिशोर: विपक्ष को ये पूरा हक है। मुझे लगता है कि लोकतंत्र में यह होना भी चाहिए, लेकिन आप कौन से मुद्दे लेकर जा रहे हैं, उनमें क्या तथ्य हैं, यह भी देखा जाना चाहिए। राहुल गांधी ने जो प्रेस कॉन्फ्रेंस की, उसमें दो नाम उन्होंने प्रमुखता से लिए विशाल सिंह और आदित्य श्रीवास्तव। राहुल ने एसआईआर का विरोध करते-करते यह बता दिया कि एसआईआर की आवश्यकता बहुत ज्यादा है। तेजस्वी यादव ने तो अपने आप को स्टेक पर लगा दिया, लेकिन एक बात तो मैं जरूर कहूंगा कि वो अपने मतदाताओं को मैसेज देने में सफल रहे हैं। 

अवधेश कुमार: राहुल गांधी ने महादेवपुरा के बारे में कहा है कि हम चार विधानसभा सीट पर जीत रहे थे और एक पर पिछड़े तो हार गए। यही बात महाराष्ट्र की धुले लोकसभा सीट पर भी हुई थी, जहां चार में भाजपा आगे थे, मालेगांव सेंट्रल में पिछड़ने पर भाजपा हार गई तो क्या भाजपा भी यही आरोप लगाए? चुनाव किसी भी राजनीतिक प्रक्रिया का सबकुछ होता है। अगर ये साबित हो गया कि यही भ्रष्ट है तो ये देश की छवि पर बट्टा लगेगा। ऐसा करने का एजेंडा किसका है? 

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विनोद अग्निहोत्री: तेजस्वी और राहुल के मामले अलग-अलग हैं। तेजस्वी ने जो कहा वो तुरंत पकड़े गए। उन्हें पहले तैयारी करके आना चाहिए था। राहुल गांधी ने जैसा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, उसमें उन्होंने डेटा तो दिया है। अगर एक विधानसभा में एक लाख से ज्यादा वोट विसंगतियों वाले हैं तो ये चिंता का विषय है। दूसरी बात राहुल गांधी का होमवर्क अधूरा है। आप केवल एक लोकसभा की बात कर रहे हैं। आपको कम से कम दस लोकसभा की बात करते जो देश के अलग-अलग क्षेत्रों से होतीं तो ये होमवर्क पूरा होता।

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