फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   What is China salami slicing tactic Through which China grabbed Aksai China and Tibet

क्या है सलामी स्लाइसिंग? जिसके जरिए चीन ने अक्साई चिन और तिब्बत को हड़प लिया

Fri, 03 Jul 2020 08:00 PM IST
Rohit Ojha न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Rohit Ojha Updated Fri, 03 Jul 2020 08:00 PM IST
विज्ञापन
What is China salami slicing tactic Through which China grabbed Aksai China and Tibet
भारत चीन सीमा तनाव - फोटो : PTI

साल 2017 में जब चीन के साथ डोकलाम विवाद सुलझने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान मिलने वाले थे। तब उस वक्त के तत्कालीन सेना प्रमुख बिपिन रावत ने चेतावनी देते सलामी स्लाइसिंग स्ट्रैटजी का जिक्र किया था। आज जब एक बार फिर से दोनों देशों बीच सीमा विवाद के चलते तनाव चरम पर है, तो एक बार फिर से चीन की इस रणनीति के बारे में चर्चा होने लगी है। आखिर सलामी स्लाइसिंग स्ट्रैटजी है क्या, जिसके जरिए चीन हमेशा भारतीय जीमन पर कब्जा करने की फिराक में जुटा रहता है। 

विज्ञापन


सलामी स्लाइसिंग रणनीति के तहत किसी भी काम को अगर टुकड़ों में बांट कर किया जाए, तो वह आसान हो जाता है। इसलिए कई मामलों में सलामी स्लाइसिंग का उपयोग किया जाता है। चीन भारत के खिलाफ इस रणनीति अपनाने की कोशिश में है, जिससे उसका मानना है कि इस नीति के तहत वह भारत को टुकड़ों में विभाजित कर अपना कब्जा जमा लेगा। 

विज्ञापन

चीन भारत के साथ सीमा विवाद का हल ही नहीं चाहता

विदेशी मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के साथ सीमा विवाद को चीन कभी सुलझाना ही नहीं चाहता है। चीन की कोशिश हमेशा यही रही है कि वो भारत को डरा कर उसपर दबाव बनाए रखे। सलामी स्लाइसिंग एक तरह की टुकड़े-टुकड़े नीति है। इस नीति का इस्तेमाल कर चीन पहले किसी क्षेत्र में अपना दावा करता है, फिर वो लगातार अपनी बात दोहरता है। जब उसके इस कदम को लेकर विरोध होता है, तब वो खुलकर अपना रवैया जाहिर कर देता। कई जगहों पर उसने इसी नीति से विस्तार बढ़ाया है।

विज्ञापन
विज्ञापन


सलामी स्लाइसिंग को और आसान भाषा में समझने की कोशिश करें, तो कोई भी देश अपने पड़ोसी देशों के खिलाफ छोटे-छोटे सैन्य ऑपरेशन से धीरे-धीरे किसी बड़े इलाके पर अपना कब्जा जमाना शुरू करता है। ये ऑपरेशन इतने टुकड़ों में होते हैं कि इनसे किसी भी तरह के बड़े खतरे का अंदेशा नहीं होता है। मगर इस नीति से पड़ोसी देश यह समझ नहीं पाता है कि ऐसे सैन्य ऑपरेशन का कैसे और किस स्तर पर जवाब दिया जाए। चीन इसी नीति के जरिए पड़ोसी देशों की जमीन पर कब्जा जमाने की फिराक में जुटा रहता है। 

1962 में भी चीन ने अपनाई यही रणनीति

साल 1962 में भी चीन ने कुछ इसी तरह की कोशिश की थी। पहले चीन ने हमला बोलते हुए भारतीय सीमाओं में सैकड़ों किलोमीटर तक घुसपैठ की। जब भारतीय सेना ने विरोध किया तो चीन ने पूर्वी क्षेत्र से अपनी सेना को वापस बुला लिया। इसके उसने सलामी स्लाइसिंग नीति अपनाई और अक्साई चिन को अपने क्षेत्र में होने का दावा कर दिया। कभी अक्साई चिन जम्मू कश्मीर राज्य का हिस्सा था। तिब्बत और भारत के क्षेत्र में कामयाबी मिलने के बाद चीन ने सलामी स्लाइसिंग की अपनी रणनीति को दोहराते हुए 1974 में वियतनाम से पैरोसेल द्वीप पर कब्जा कर लिया था।

पड़ोसी देश तिब्बत का अधिग्रहण, अक्साई चिन पर कब्जा और पैरोसेल द्वीप समूह पर कब्जा ये सभी चीन की विस्तारवादी नीति का स्पष्ट उदाहरण है। चीन द्वारा क्षेत्रीय विस्तार की इस नीति को सलामी स्लाइसिंग की रणनीति के रूप में संदर्भित किया जाता है।

सलामी स्लाइसिंग की रणनीति का इतिहास

साल 1933 की शुरूआत में जर्मनी में पूर्ण शक्ति हासिल करने के लिए नाजी पार्टी की नीतियों को भी सलामी रणनीति या टुकड़े- टुकड़े करके अधिकार जताने की नीति के रूप में जाना जाता है। इसमें रेइचस्ताग फायर ने जर्मन आबादी को दबा दिया। कम्युनिस्ट पार्टी और सोशल डेमोक्रेट्स को बंदी बना दिया, उसके बाद हिटलर को पूर्ण शक्ति प्राप्त हुई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed