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मुकरबा चौक पर क्या हुआ- संतोष कुमार की आंखों देखी
Tue, 26 Jan 2021 09:03 PM IST
सुरेंद्र जोशी
संतोष कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली।
संतोष कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Tue, 26 Jan 2021 09:03 PM IST
सार
आखिर वहीं हुआ जैसी आशंका थी, गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर रैली ने राजधानी की सड़कों पर शर्मनाक दृश्य पैदा किए। शांति व्यवस्था बनाए रखने के वादे से शुरू हुई ट्रैक्टर रैली देखते-देखते उपद्रव व अराजकता में बदल गई। बैरिकेड तोड़ कर ट्रैक्टर रैली दिल्ली के अंदरुनी इलाकों में पहुंच गई।पहले आईटीओ यानी दिल्ली पुलिस के मुख्यालय के सामने डेरा जमाया गया, यहां उपद्रव व बवाल की शुरुआत हुई। इसके बाद कुछ वाहनों में सवार लोग ऐतिहासिक लालकिले की प्राचीर पर पहुंच गए। वहां भी बवाल हुआ। जानिए अमर उजाला रिपोर्टर की मुकरबा चौक से आंखों देखी:
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मुकरबा चौक पर पुलिस व प्रदर्शनकारियों में तकरार
- फोटो : shubham bansal
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विस्तार
सिंघु बॉर्डर से तयशुदा समय से करीब तीन घंटे पहले ही किसानों की ट्रैक्टर रैली रवाना हो गई।यह करीब 9:30 बजे दिल्ली के मुकरबा चौक पहुंची। पुलिस से मिली इजाजत के मुताबिक यहां से किसानों को संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर मुड़ना था, लेकिन मुकरबा चौक पहुंचने पर किसान आउटर रिंग रोड पर जाने को अड़ गए। इसके बाद पुलिस की किसानों को मनाने, समझाने व हल्का बल प्रयोग करने तक की सारी कोशिशें नाकाम रहीं और करीब 10:40 बजे बैरिकेड तोड़ किसान अपनी जिद पर चलने में कामयाब रहे।
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पुलिस ने की थी तगड़ी मोर्चाबंदी
दिल्ली पुलिस ने भी मंगलवार तड़के से ही मुकरबा चौक पर आउटर रिंग रोड की आवाजाही बंद कर रखी थी। इसके लिए दोनों कैरिज-वे पर जर्सी बैरियर, कंक्रीट के ऊंचे डिवाइडर से लेकर डंपर व क्रेन तक खड़े किए गए थे। वहीं, दिल्ली पुलिस व अर्द्धसैनिक बलों की टुकड़ियां तैनात थीं। पुलिस की कोशिश हर हालत में किसानों के जत्थे को रिंग रोड पर जाने की रोकने की थी।
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तय रूट पर जाने से किया इनकार
करीब 9:30 बजे किसानों का पहला जत्था पुलिस पिकेट पॉइंट पर पहुंचा। युवकों के साथ बुजुर्ग किसान भी पूरे जोश में थे। किसानों ने हाथ में लाठी व झंडे ले रखे थे। किसानों के पहुंचते ही पुलिस ने इनको तयशुदा रूट पर ट्रांसपोर्ट नगर की तरफ जाने का इशारा किया, लेकिन किसानों ने आउटर रिंग रोड पर जाने की जिद की। इस बीच पीछे से किसानों का रेला बढ़ता गया।
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जयकारा लगाते हुए भीड़ हुई हिंसा पर उतारू
थोड़ी देर की मान-मनौव्वल के बाद किसानों ने 11 बजे तक का पुलिस को समय देते हुए चेतावनी दी कि फिर किसान बैरीकेड तोड़ देंगे। करीब 10:30 बजे भीड़ के बीच से निहंग सिख जयकारा लगाते हुए भीड़ के बीच से आगे निकला। इसके बाद वहां मौजूद किसान पुलिस कर्मियों से मोर्चा लेने बढ़ चले। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर लाठियों के साथ किसान, रोड पर खड़े डम्पर और क्रेन को धक्का मार किनारे करने लगे। साथ ही पुलिस पर पथराव भी किया गया।
आंसू गैस, मिर्ची बम भी नहीं रोक सके उग्र किसानों को
पुलिस ने हालात को संभालने के लिए आंसू गैस और मिर्ची बम के गोले दागे। दोनों तरफ से चली रस्साकस्सी के बीच किसानों को कामयाबी मिली और मनमुताबिक उनका काफिला आउटर रिंग रोड पर बढ़ चला। आगे बुराड़ी, आईटीओ होता हुआ किसानों का जत्था लालकिले तक पहुंचा।