Latest Weather Report: पश्चिमी विक्षोभ ला रहा राहत की फुहार, जानिए कहां पहुंचा मानसून और कैसा है मौसम का हाल
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली एनसीआर और राजस्थान समेत आसपास के राज्यों में आज मौसम में बदलाव आएगा। आंधी चलने व कहीं तेज तो कहीं हल्की वर्षा का अनुमान है।
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देश के कई राज्यों में मानसून की दस्तक के बीच पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत को प्रचंड गर्मी से राहत देने जा रहा है। 15 व 16 जून को दिल्ली, यूपी व आसपास के इलाकों में आंधी बारिश की संभावना है। वहीं, दक्षिण पश्चिमी मानसून भी लगातार और आगे बढ़ रहा है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली एनसीआर और राजस्थान समेत आसपास के राज्यों में आज मौसम में बदलाव आएगा। आंधी चलने व कहीं तेज तो कहीं हल्की वर्षा का अनुमान है। यह बदलाव मानसून से पहले बड़ी राहत देगा। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से दिल्ली, यूपी, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और राजस्थान में वर्षा हो सकती है। इसके बाद 16 से 18 जून के बीच उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में तेज बारिश के आसार हैं। 16 जून को उत्तरी पंजाब में भारी बारिश के आसार हैं। 16 और 17 जून को जम्मू कश्मीर और लद्दाख में भारी वर्षा का अनुमान है।
मानसून इन राज्यों में बढ़ा
मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार दक्षिण पश्चिम मानसून दक्षिणी मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु की ओर तेजी से बढ़ रहा है। महाराष्ट्र के विदर्भ और तेलंगाना के अलावा गुजरात में भी आगे बढ़ रहा है। अगले पांच दिनों में बिहार, झारखंड व पश्चिम बंगाल के गांगेय क्षेत्र में भी वर्षा का अनुमान है।
मानसून के 48 घंटे में ओडिशा में प्रवेश की संभावना
दक्षिण पश्चिम मानसून के अगले 48 घंटों के भीतर ओडिशा में दस्तक देने की संभावना है। आईएमडी के मौसम विभाग के भुवनेश्वर केंद्र ने बुधवार को बताया कि मलकानगिरी जिले के चित्रकोंडा और ओडिशा के दक्षिणी हिस्सों में कुछ अन्य स्थानों पर मानसून-पूर्व बारिश शुरू हो चुकी है।
चेरापूंजी में 811.6 मिमी बारिश
पूर्वोत्तर में मानसून की जोरदार बारिश के बीच मेघालय के चेरापूंजी में बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे तक 24 घंटों के दौरान 811.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो 1995 के बाद से जून माह में हुई सबसे ज्यादा बारिश है। आईएमडी के आंकड़ों से पता चलता है कि जब से आईएमडी ने रिकॉर्ड रखना शुरू किया है, तब से दुनिया में सर्वाधिक बारिश वाले स्थानों में से एक चेरापूंजी में केवल 10 मौकों पर ही जून के दिन 750 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। पूर्वी खासी पहाड़ियों में बसे इस शहर में 16 जून, 1995 को 1563.3 मिमी बारिश हुई। इससे एक दिन पहले, 15 जून, 1995 को 930 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी।
दक्षिण पश्चिम मानसून आगे बढ़ रहा
मौसम कार्यालय ने कहा कि दक्षिण पश्चिम मानसून बुधवार को महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ा है। भारी बारिश का यह सिलसिला पूर्वोत्तर और उपहिमालयी पश्चिम बंगाल तथा सिक्किम में अगले पांच दिन जारी रहने का अनुमान है।
इन राज्यों में मानसून का अनुमान
मौसम विभाग के मुताबिक, निचले क्षोभमंडल में बंगाल की खाड़ी से तेज दक्षिण-पश्चिमी हवाओं और मध्य क्षोभमंडल में पश्चिमी हवा के कम दबाव के कारण, 15 जून को अरुणाचल प्रदेश में, 15 और 16 जून को असम और मेघालय में तथा 17 जून तक उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है।
असम में लगातार बारिश और भूस्खलन ने बढ़ाई परेशानी
- असम में दूसरे दिन भी कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं, हालांकि इसमें किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। लगातार बारिश की वजह से बुधवार को भी गुवाहाटी में जलभराव की स्थिति बनी रही। राज्य में इस साल बाढ़ और भूस्खलन के चलते 42 लोगों की मौत दर्ज की गई है। मंगलवार को बोरागांव में हुए भूस्खलन के चलते चार लोगों की मौत का आंकड़ा भी इसमें शामिल है।
- असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के एक अधिकारी ने को बताया कि भूस्खलन की वजह से मलबे का ढेर लगने के कारण गीतानगर, सोनापुर, कालापहाड़ और निजारापार इलाकों में रास्ते बंद हो गए हैं। भारी बारिश से शहर के कई हिस्सों में सड़कों पर पानी भर गया है - इनमें सबसे ज्यादा प्रभावित अनिल नगर, नबीन नगर, राजगढ़ लिंक रोड, रुक्मिणीगांव, हातीगांव और कृष्णा नगर हैं।
- अधिकारी ने बताया कि इन इलाकों में तैनात एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवान फंसे लोगों को बचाने और उन्हें राहत सामग्री मुहैया कराने के लिए नावों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
असम: सभी शैक्षणिक संस्थान 18 जून तक बंद
असम में भारी बारिश की चेतावनी के कारण दीमा हसाओ ज़िले के सभी शैक्षणिक संस्थान 18 जून तक बंद रहेंगे। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने यह जानकारी दी है।