बंगाल हिंसा: पीएम ने खून-खराबे पर जताई चिंता, नड्डा बोले- स्वतंत्र भारत में ऐसा कभी नहीं देखा
बंगाल हिंसा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यपाल जगदीप धनखड़ को फोन करके कानून और व्यवस्था कि स्थिति पर चिंता और दुख व्यक्त किया। दूसरी ओर, कोलकाता पहुंचे जेपी नड्डा ने कहा कि ऐसी असहिष्णुता हमने पहले कभी नहीं देखी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हम विचारधारा की यह लड़ाई लोकतांत्रिक तरीके से लड़ेंगे। राज्य में चुनाव बाद हिंसा का यह मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच गया है।
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विस्तार
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद राजनीतिक हिंसाओं का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के साथ ही हिंसा भड़क गई। बंगाल में खून खराबा जारी है। इसमें कथित तौर पर झड़प और दुकानों को लूटे जाने के दौरान कई भाजपा कार्यकर्ताओं की मौत हो गई, तो कई घायल हो गए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यपाल जगदीप धनखड़ को फोन करके कानून और व्यवस्था कि स्थिति पर चिंता और दुख व्यक्त किया। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने मंगलवार दोपहर को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज फोन पर बात कर बंगाल में जारी हिंसा को लेकर चिंता व्यक्ति की है।
PM called & expressed his serious anguish & concern at alarmingly worrisome law & order situation. I share grave concerns, given that violence vandalism, arson, loot & killings continue unabated. Concerned must act in overdrive to restore order: West Bengal Governor
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(File photo) pic.twitter.com/OdD91JeaJO — ANI (@ANI) May 4, 2021
ऐसी असहिष्णुता हमने कभी नहीं देखी: नड्डा
उधर, बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर कोलकाता पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव के परिणाम आने के बाद जो घटनाएं हमने देखीं वो झटका देने वाली हैं और हम इसे लेकर चिंतित हैं। मैंने भारत के विभाजन के दौरान ऐसी घटनाओं के बारे में सुना था। हमने स्वतंत्र भारत में एक चुनाव के परिणाम के बाद ऐसी असहिष्णुता पहले कभी नहीं देखी।
नड्डा ने कहा कि हम इस विचार धारा की लड़ाई और असहिष्णुता से भरी तृणमूल कांग्रेस की गतिविधियों से लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भाजपा अध्यक्ष ने तृणमूल कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि हम लोकतांत्रिक तरीके से लड़ने के लिए तैयार हैं। मैं अब दक्षिण 24 परगना जाऊंगा और उन कार्यकर्ताओं के घर जाऊंगा जिनकी जान परिणाम आने के कुछ घंटों के भीतर चली गई थी।
सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा बंगाल हिंसा का मामला
वहीं, बंगाल में चुनाव बाद हिंसा का यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इसे लेकर भाजपा नेता और वरिष्ठ वकील गौरव भाटिया ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। गौरव भाटिया ने बंगाल हिंसा की सीबीआई से जांच कराए जाने की मांग की।
दक्षिण 24 परगना के गोपाल नगर में भी हिंसा
दक्षिण 24 परगना जिले के गोपाल नगर इलाके में भी हिंसा की जानकारी सामने आई है। जानकारी के अनुसार यहां कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कुछ दुकानों और घरों में तोड़फोड़ की। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार भाजपा के एक पोलिंग एजेंट की पत्नी शेफाली दास ने कहा, 'दो मई को तृणमूल के गुंडों ने मेरे घर पर हमला किया। उन्होंने हमें यहां से चले जाने को कहा और हमारी संपत्ति बेचने की धमकी भी दी।'
West Bengal: Several shops&residences allegedly vandalised by TMC workers in Gopal Nagar area of South 24 Parganas.
— ANI (@ANI) May 4, 2021
"On May 2, TMC goons attacked my home as my husband was BJP's polling agent. They even threatened us to sell our property & leave this place," says Shefali Das. pic.twitter.com/tPvCJibKka
गृह मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के एक दिन बाद सोमवार को व्यापक पैमाने पर हिंसा देखने को मिली। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से विपक्षी कार्यकर्ताओं पर हमले की घटना में तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है।
भाजपा का दावा: अब छह कार्यकर्ताओं की जान गई
भाजपा ने एक पार्टी कार्यालय में कथित आगजनी का वीडियो साझा किया है, जिसमें बांस की बल्लियां और छत जलती हुई नजर आ रही है तथा परेशान लोगों को चिल्लाते हुए भागते देखा जा सकता है। सोशल मीडिया पर मृत व्यक्तियों की तस्वीरें और एक दुकान से कपड़े लूट कर भागते लोगों की फुटेज वायरल हो रही है। भाजपा का दावा है कि उसके छह कार्यकर्ता और समर्थक हमलों में मारे गए हैं, जिनमें एक महिला भी शामिल है। भाजपा इसका आरोप तृणमूल पर लगा रही है।
राज्यपाल ने डीजीपी को किया तलब
राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने प्रदेश के गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और कोलकाता के पुलिस आयुक्त को तलब कर उन्हें शांति बहाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की सत्ता में वापसी के एक दिन बाद हुई इन घटनाओं के बाद की स्थिति पर अफसरों से चर्चा की। धनखड़ ने गृह सचिव एक के द्विवेदी से मुलाकात के बाद ट्वीट किया, “राज्य में चुनाव के बाद हिंसा की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर मैंने एसीएस गृह को तलब किया था और उन्हें चुनाव बाद हुई राज्य में हुई हिंसा व तोड़फोड़ तथा उठाए गए कदमों पर रिपोर्ट देने को कहा गया है।”
उन्होंने अलग से राज्य के पुलिस महानिदेशक पी नीरजनयन और पुलिस आयुक्त सोमेन मित्र से मुलाकात की और उन्हें कानून-व्यवस्था बहाल करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के डीजीपी और कोलकाता के पुलिस आयुक्त को चुनाव बाद आगजनी, लूटपाट और हिंसा में लोगों की जान जाने के बढ़ते मामलों पर तलब किया था। उनसे कानून-व्यवस्था बहाल करने केलिये सभी कदम उठाने को कहा गया है।
ममता बनर्जी ने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की
इस बीच ममता बनर्जी ने समर्थकों से शांति बरकरार रखने और उकसावे के झांसे में नहीं आने की अपील की है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय बलों ने चुनाव के दौरान तृणमूल समर्थकों के साथ कई ज्यादतियां कीं। उन्होंने कहा कि परिणामों की घोषणा के बाद भी भाजपा ने कुछ इलाकों में हमारे समर्थकों पर हमला किया लेकिन हम अपने लोगों से उकसावे में नहीं आने और पुलिस से शिकायत करने का अनुरोध करते हैं।
ममता ने राज्यपाल से की मुलाकात
इस बीच, बनर्जी ने सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए राज्यपाल धनखड़ से मुलाकात की। राज्यपाल धनखड़ ने राजभवन में ममता बनर्जी से मुलाकात के बाद कहा कि उनसे बातचीत के दौरान चर्चा का मुख्य विषय सरकार द्वारा चुनाव बाद हिंसा, आगजनी, लूट और हत्या रोकने के लिए उठाए जा रहे कदम थे। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद उन्होंने ट्वीट किया कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हिंसा में कई जानें चली गईं, कई लोग घायल हैं, घरों को आग लगा दी गई।