Kurmi Protest: बंगाल की मंत्री बीरबाहा हांसदा की गाड़ी पर हमला, अभिषेक बनर्जी के काफिले को बनाया गया निशाना
यह घटना सालबोनी में हुई जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शनिवार (27 मई) को पार्टी के एक कार्यक्रम में शामिल होने वाली हैं। पार्टी के एक नेता ने बताया कि ‘जेड प्लस’ सुरक्षा प्राप्त अभिषेक बनर्जी ने अपने तृणमूल नबो ज्वार (तृणमूल में नई लहर) अभियान के तहत झारग्राम के बिनपुर और गोपीबल्लवपुर में एक रोड शो का नेतृत्व किया।
विस्तार
पश्चिम बंगाल की मंत्री बीरबाहा हांसदा के वाहन पर शुक्रवार को पश्चिम मेदिनीपुर जिले में हमला किया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुर्मी समुदाय के सदस्यों ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी के काफिले पर कथित तौर पर पथराव किया और इस काफिले में मंत्री की गाड़ी भी शामिल थी।
यह घटना सालबोनी में हुई जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शनिवार (27 मई) को पार्टी के एक कार्यक्रम में शामिल होने वाली हैं। पार्टी के एक नेता ने बताया कि ‘जेड प्लस’ सुरक्षा प्राप्त अभिषेक बनर्जी ने अपने तृणमूल नबो ज्वार (तृणमूल में नई लहर) अभियान के तहत झारग्राम के बिनपुर और गोपीबल्लवपुर में एक रोड शो का नेतृत्व किया।
मंत्री हांसदा की गाड़ी का शीशा टूटा
उन्होंने बताया कि रैली के बाद जब वह सालबोनी से गुजर रहे थे, तब अनुसूचित जनजाति (एसटी) दर्जे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे कुर्मी समुदाय के सदस्य सड़क के दोनों ओर एकत्र हो गए। उन्होंने कहा, जैसे ही उनकी कार आगे बढ़ी, उन्होंने रोड शो में कथित तौर पर पथराव शुरू कर दिया। हमले में काफिले में शामिल हांसदा की गाड़ी का शीशा टूट गया।
West Bengal | Supporters of the Kurmi tribe attacked the convoy of state minister Birbaha Hansda in Jhargram. Stones were pelted on the convoy of the minister after TMC leader Abhishek Banerjee's convoy passed from the area. Further details awaited. pic.twitter.com/MddMKr6C4q
— ANI (@ANI) May 26, 2023
भेजा गया पुलिस बल
अधिकारियों ने कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर भेजा गया है। यह तत्काल पता नहीं चल सका है कि इस सिलसिले में किसी को गिरफ्तार किया गया है या नहीं।
घटना की निंदा करते हुए हांसदा ने कहा कि हिंसा कभी भी लोकतांत्रिक विरोध का रूप नहीं हो सकती। उन्होंने कहा, यह किसी समुदाय के अधिकारों की लड़ाई कभी नहीं हो सकती। जिन लोगों ने पत्थर फेंके वे सभी बाहरी हैं, और हिंसा को सही ठहराने के लिए एक विशिष्ट समुदाय के सदस्य होने का दावा कर रहे हैं।
कुर्मी समुदाय के सदस्यों ने मंगलवार को बांकुरा में अभिषेक बनर्जी से मुलाकात की थी और उनसे अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की उनकी मांग पर गौर करने का आग्रह किया था। डायमंड हार्बर के टीएमसी सांसद ने उन्हें धैर्यपूर्वक सुना और कहा कि उनकी मांगों के लिए लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शन करना उचित था।
भाजपा नेता दिलीप घोष के घर की गई थी तोड़फोड़
पश्चिम मेदिनीपुर के खड़गपुर में पिछले सप्ताह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष के घर में कुर्मी संगठन के सदस्यों द्वारा समुदाय के खिलाफ उनकी टिप्पणियों को लेकर कथित तौर पर तोड़फोड़ की गई थी। कुर्मी समुदाय को वर्तमान में ओबीसी के रूप में वर्गीकृत किया गया है। इस समुदाय ने अप्रैल में दक्षिण दिनाजपुर, पुरुलिया, झारग्राम और पश्चिम मेदिनीपुर सहित राज्य के विभिन्न जिलों में एसटी दर्जे की मांग को लेकर कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन किया था।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेता सुजान चक्रवर्ती ने कहा कि टीएमसी नेतृत्व को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए कि राज्य में इस तरह के विरोध प्रदर्शन क्यों हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मुद्दों को लेकर लोगों में गुस्सा है। उन्होंने कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद इस तरह के विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं।
एनएचआरसी ने बंगाल सरकार और डीजीपी को जारी किया नोटिस
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने पश्चिम बंगाल सरकार और राज्य के पुलिस प्रमुख (डीजीपी) को हाल ही में मालदा शहर में पटाखे विस्फोट में दो लोगों की मौत की खबरों पर नोटिस जारी किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। एनएचआरसी ने एक बयान में कहा कि जाहिर तौर पर राज्य के अधिकारियों द्वारा पर्यवेक्षण की कमी है, जिसके परिणामस्वरूप ऐसी घटनाएं कम अवधि के भीतर बार-बार हो रही हैं।
बयान में कहा गया है कि एनएचआरसी ने एक मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है जिसमें कहा गया है कि पश्चिम बंगाल में एक और पटाखे विस्फोट में 23 मई 2023 को मालदा शहर में दो लोगों की मौत हो गई। कथित तौर पर स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि पटाखों और कार्बाइड के अवैध जमाखोरी को एक पुलिस चौकी और नगरपालिका से कुछ मीटर की दूरी पर देखा जा सकता है। आयोग ने कहा कि राज्य में ऐसे तीन विस्फोट हुए हैं जिनमें आठ दिनों में 16 लोगों की मौत हुई है। इसलिए, एनएचआरसी ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
रिपोर्ट में पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी की स्थिति, पीड़ितों का चिकित्सा उपचार और मृतकों और घायलों के परिजनों को दिया गया मुआवजा, यदि कोई हो, तो उसे भी शामिल करने की मांग की गई है। आयोग ने इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार दोषी अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई के बारे में भी जानकारी मांगी है।