{"_id":"61d2ff283b3e4b752973fe92","slug":"west-bengal-state-election-commission-issues-guidelines-for-campaign-by-political-parties-and-their-candidates-know-in-detail-news-and-updates","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंगाल: रोड शो, वाहन रैलियों पर प्रतिबंध, बैठकों में लोगों के जुटने पर सख्त नियम, 10 पॉइंट्स में महानगरपालिका चुनाव की गाइडलाइंस","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
बंगाल: रोड शो, वाहन रैलियों पर प्रतिबंध, बैठकों में लोगों के जुटने पर सख्त नियम, 10 पॉइंट्स में महानगरपालिका चुनाव की गाइडलाइंस
Mon, 03 Jan 2022 07:20 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Mon, 03 Jan 2022 07:20 PM IST
सार
राज्य चुनाव आयोग की तरफ से जारी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) के मुताबिक, कोरोना से जुड़े इंतजामों और गाइडलाइंस के पालन के लिए एक नोडल स्वास्थ्य अफसर की नियुक्ति होगी।
विज्ञापन
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दौरान जबरदस्त तरह से कोरोना गाइडलाइंस का उल्लंघन।
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोनावायरस महामारी के दौरान होने जा रहे पश्चिम बंगाल महानगरपालिका चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग की तरफ से गाइडलाइंस जारी हुई हैं। इनमें चुनाव अभियान से लेकर मतदान के दिन तक के लिए कुछ अहम निर्देश दिए गए हैं। राज्य चुनाव आयोग ने यह भी बताया है कि सिलिगुड़ी, चंदानगर, बिधाननगर और आसनसोल में महानगरपालिका चुनाव 22 जनवरी को ही होंगे।
चुनाव अभियान के लिए क्या हैं कोरोना गाइडलाइंस?
1. राज्य चुनाव आयोग की तरफ से जारी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) के मुताबिक, कोरोना से जुड़े इंतजामों और गाइडलाइंस के पालन के लिए एक नोडल स्वास्थ्य अफसर की नियुक्ति होगी।
2. इसके अलावा उम्मीदवारों, पोलिंग एजेंट, मतों की गिनती करने वाले अधिकारी और चुनाव से जुड़े ड्राइवर, आदि जो भी चुनाव अधिकारियों के संपर्क में आ रहे हैं, उन्हें अपने कोरोनावायरस टीकाकरण का सर्टिफिकेट पेश करने के बाद काम जारी रखने की अनुमति होगी।
विज्ञापन
3. इसके अलावा राजनीतिक दलों और प्रचार करने वाले उम्मीदवारों के लिए रोड शो और पदयात्रा की इजाजत नहीं है। उन्हें साइकिल, बाइक या वाहनों की रैली भी निकालने की अनुमति नहीं होगी।
4. घर-घर जाकर प्रचार करने वाले उम्मीदवारों को सुरक्षा दस्ते के अलावा ज्यादा से ज्यादा पांच लोगों को साथ ले जाने की इजाजत मिलेगी।
5. उधर चुनावी दलों की बैठक पर सख्ती दिखाते हुए राज्य चुनाव आयोग ने कहा है कि किसी खुली जगह पर 500 से ज्यादा लोगों के जुटने की इजाजत नहीं होगी। ऐसी खुली जगह (स्टेडियम, ग्राउंड) में अंदर आने और बाहर निकलने के लिए अलग-अलग इंतजाम जरूरी होंगे।
6. इसके अलावा अगर राजनीतिक दल किसी कॉन्फ्रेंस हॉल में बैठक कर रहे हैं, तो 200 लोग या हॉल की क्षमता से 50 फीसदी लोग (जो भी कम हो) को बैठने की इजाजत होगी।
7. इसके अलावा किसी रोड शो, साइकिल या वाहन रैली के लिए अगर अनुमति दी गई है तो वो तत्काल प्रभाव से रद्द मानी जाएगी। सार्वजनिक सभाओं के लिए बैठक की इजाजत अगर दे दी गई है, तो अब उन्हें कोरोना गाइडलाइंस के हिसाब से आयोजित किया जाए।
8. उधर सार्वजनिक बैठकों, रैलियों के लिए समय भी तय किया गया है। रात 8 बजे से सुबह 9 बजे तक कोई भी अभियान की इजाजत नहीं होगी। साथ ही मतदान खत्म होने से 72 घंटे पहले से कोई भी अभियान की इजाजत नहीं होगी।
9. राज्य चुनाव आयोग ने मतदान केंद्रों के लिए भी नियम बताए हैं। इसमें कहा गया है कि पोलिंग स्टेशनों का नियमित सैनिटाइजेशन जरूरी होगा। मतदान केंद्रों पर मौजूद सभी लोगों और मतदाताओं के लिए मास्क अनिवार्य होगा।
10. मतदान केंद्र पर आने वाले सभी लोगों की थर्मल स्कैनिंग होगी और उनके हाथों को सैनिटाइज कराया जाएगा। जो भी कोरोना मरीज क्वारैंटाइन हैं, उन्हें मतदान के लिए तय केंद्रों पर वोटिंग के आखिरी एक घंटे में वोट करने का मौका मिलेगा।
विज्ञापन
चुनाव अभियान के लिए क्या हैं कोरोना गाइडलाइंस?
1. राज्य चुनाव आयोग की तरफ से जारी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) के मुताबिक, कोरोना से जुड़े इंतजामों और गाइडलाइंस के पालन के लिए एक नोडल स्वास्थ्य अफसर की नियुक्ति होगी।
विज्ञापन
2. इसके अलावा उम्मीदवारों, पोलिंग एजेंट, मतों की गिनती करने वाले अधिकारी और चुनाव से जुड़े ड्राइवर, आदि जो भी चुनाव अधिकारियों के संपर्क में आ रहे हैं, उन्हें अपने कोरोनावायरस टीकाकरण का सर्टिफिकेट पेश करने के बाद काम जारी रखने की अनुमति होगी।
विज्ञापन
3. इसके अलावा राजनीतिक दलों और प्रचार करने वाले उम्मीदवारों के लिए रोड शो और पदयात्रा की इजाजत नहीं है। उन्हें साइकिल, बाइक या वाहनों की रैली भी निकालने की अनुमति नहीं होगी।
4. घर-घर जाकर प्रचार करने वाले उम्मीदवारों को सुरक्षा दस्ते के अलावा ज्यादा से ज्यादा पांच लोगों को साथ ले जाने की इजाजत मिलेगी।
5. उधर चुनावी दलों की बैठक पर सख्ती दिखाते हुए राज्य चुनाव आयोग ने कहा है कि किसी खुली जगह पर 500 से ज्यादा लोगों के जुटने की इजाजत नहीं होगी। ऐसी खुली जगह (स्टेडियम, ग्राउंड) में अंदर आने और बाहर निकलने के लिए अलग-अलग इंतजाम जरूरी होंगे।
6. इसके अलावा अगर राजनीतिक दल किसी कॉन्फ्रेंस हॉल में बैठक कर रहे हैं, तो 200 लोग या हॉल की क्षमता से 50 फीसदी लोग (जो भी कम हो) को बैठने की इजाजत होगी।
7. इसके अलावा किसी रोड शो, साइकिल या वाहन रैली के लिए अगर अनुमति दी गई है तो वो तत्काल प्रभाव से रद्द मानी जाएगी। सार्वजनिक सभाओं के लिए बैठक की इजाजत अगर दे दी गई है, तो अब उन्हें कोरोना गाइडलाइंस के हिसाब से आयोजित किया जाए।
8. उधर सार्वजनिक बैठकों, रैलियों के लिए समय भी तय किया गया है। रात 8 बजे से सुबह 9 बजे तक कोई भी अभियान की इजाजत नहीं होगी। साथ ही मतदान खत्म होने से 72 घंटे पहले से कोई भी अभियान की इजाजत नहीं होगी।
9. राज्य चुनाव आयोग ने मतदान केंद्रों के लिए भी नियम बताए हैं। इसमें कहा गया है कि पोलिंग स्टेशनों का नियमित सैनिटाइजेशन जरूरी होगा। मतदान केंद्रों पर मौजूद सभी लोगों और मतदाताओं के लिए मास्क अनिवार्य होगा।
10. मतदान केंद्र पर आने वाले सभी लोगों की थर्मल स्कैनिंग होगी और उनके हाथों को सैनिटाइज कराया जाएगा। जो भी कोरोना मरीज क्वारैंटाइन हैं, उन्हें मतदान के लिए तय केंद्रों पर वोटिंग के आखिरी एक घंटे में वोट करने का मौका मिलेगा।