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बंगाल: विपक्ष का राज्य चुनाव आयोग पर निशाना, कहा- टीएमसी के इशारे पर करती है काम
Sat, 15 Jan 2022 07:32 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: Amit Mandal
Updated Sat, 15 Jan 2022 07:32 PM IST
सार
राज्य चुनाव आयोग ने शनिवार को चार नगर निगमों के लिए मतदान को 22 जनवरी के बजाय तीन सप्ताह के लिए 12 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया।
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ममता बनर्जी
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
प. बंगाल में विपक्षी भाजपा और माकपा ने शनिवार को कहा कि राज्य चुनाव आयोग को पश्चिम बंगाल में चार नगर निगमों में मतदान तीन सप्ताह से अधिक समय के लिए स्थगित कर देना चाहिए था और उसके द्वारा चुनाव की तारीख को टालने से यह साबित हो गया कि राज्य चुनाव आयोग की कोई आवाज नहीं है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस द्वारा उसकी आवाज तय की जाती है।
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राज्य चुनाव आयोग ने शनिवार को चार नगर निगमों के लिए मतदान को 22 जनवरी के बजाय तीन सप्ताह के लिए 12 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया। राज्य में कोविड-19 मामलों में वृद्धि के कारण राज्य सरकार द्वारा एसईसी को एक पत्र के बाद चुनाव की तारीखों को फिर से निर्धारित करने के लिए अपनी सहमति दी।
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माकपा के राज्यसभा सांसद विकास रंजन भट्टाचार्य ने संवाददाताओं से कहा कि चुनाव स्थगित करने का एसईसी का फैसला इस बात का प्रमाण है कि चुनाव आयोग स्वतंत्र निर्णय लेने में सक्षम नहीं है और हमेशा सत्ताधारी दल के निर्देशों का इंतजार करता है।
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उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट ने चार नगर निगमों के चुनाव चार से छह सप्ताह के लिए टालने की सिफारिश की थी। लेकिन जैसा कि हम सभी जानते हैं कि राज्य सरकार चाहती थी कि यह तीन सप्ताह के बाद हो। एसईसी ने साबित कर दिया कि वह स्वतंत्र रूप से कोई निर्णय नहीं ले सकता है। हालांकि, उम्मीद है कि 12 फरवरी को मतदान होने पर कोरोना से स्थिति और खराब नहीं होगी।