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West Bengal: बंगाल को 82 हजार करोड़ की सौगात, 125 दिन रोजगार योजना में मजदूरी बढ़ी, एक लाख नए घरों को मंजूरी
Tue, 14 Jul 2026 07:37 PM IST
नवीन पारमुवाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: नवीन पारमुवाल
Updated Tue, 14 Jul 2026 07:37 PM IST
सार
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के बीच हुई बैठक में राज्य को 82 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की परियोजनाओं की सौगात मिली है। 125 दिन रोजगार योजना में मजदूरी बढ़ाई गई है और एक लाख नए घरों को मंजूरी मिली है।
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बंगाल को 82 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पश्चिम बंगाल में वर्षों से लंबित करीब 82,492 करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को अब तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को नवान्न में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ बैठक के बाद यह जानकारी दी। बैठक में कृषि, ग्रामीण विकास, प्रधानमंत्री आवास योजना और राज्य की 125 दिन रोजगार योजना समेत कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पहले रेल, सड़क, राष्ट्रीय राजमार्ग और मेट्रो समेत कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं वर्षों तक अटकी रहीं, लेकिन अब राज्य में नई
सरकार के गठन के बाद इन परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जाएगा।
125 दिन रोजगार योजना में मजदूरी बढ़ी
केंद्र सरकार की रोजगार योजना को राज्य में नए स्वरूप में लागू किया जा रहा है। इसके तहत 125 दिन रोजगार योजना में अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम दैनिक मजदूरी बढ़ाकर 300 रुपये कर दी गई है। इससे पहले यह मजदूरी 260 रुपये थी। योजना के तहत अर्द्धकुशल श्रमिकों को 450 रुपये और कुशल श्रमिकों को 600 रुपये प्रतिदिन मिलेंगे। अब तक राज्य में 2.56 करोड़ जॉब कार्ड धारकों की पहचान की जा चुकी है। प्राकृतिक आपदा या अन्य कारणों से काम बाधित होने की स्थिति में श्रमिकों को अतिरिक्त 50 दिनों का रोजगार देने का भी प्रावधान किया गया है। केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए आगामी 31 मार्च तक 8,500 करोड़ रुपये के आवंटन की पुष्टि की है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक लाख नए घर
बैठक के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्य में एक लाख नए घरों को मंजूरी दी है। लाभार्थियों की सूची तैयार करने की समय-सीमा, जो पहले 20 जुलाई तक थी, उसे बढ़ाकर 15 अगस्त तक कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून और अन्य परिस्थितियों को देखते हुए राज्य सरकार के अनुरोध पर केंद्र ने समय सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया है।
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कृषि और बीज उत्पादन पर विशेष जोर
बैठक में कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। राज्य की कृषि भूमि का वैज्ञानिक परीक्षण कराया जाएगा, ताकि अलग-अलग जिलों की मिट्टी के अनुसार उपयुक्त फसलों की पहचान की जा सके। इसके लिए चार प्रशिक्षण केंद्र और अनुसंधान प्रयोगशालाओं की स्थापना को मंजूरी दी गई है। मालदा में आम, लीची और अन्य फलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपये की परियोजना को भी मंजूरी मिली है। केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल को पूर्वी भारत में बीज उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में काम शुरू करने की घोषणा की है।
2400 किलोमीटर सड़क निर्माण को मंजूरी
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत राज्य में 2400 किलोमीटर नई सड़कों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इसके पहले चरण के लिए 1000 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसके अलावा दार्जिलिंग, अलीपुरद्वार, बीरभूम और पुरुलिया जिलों में प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना लागू की जाएगी।
विकसित भारत के लिए बंगाल का विकास जरूरी : शिवराज
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पश्चिम बंगाल के विकास के बिना विकसित भारत का लक्ष्य पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि पहले कई केंद्रीय परियोजनाएं राज्य में वर्षों तक लंबित रहीं, लेकिन अब विकास कार्यों को गति मिली है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से पश्चिम बंगाल को कृषि, ग्रामीण विकास और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा।
क्या-क्या मिला पश्चिम बंगाल को
-82,492 करोड़ रुपये की लंबित परियोजनाओं को गति मिलेगी
-125 दिन रोजगार योजना में मजदूरी बढ़कर 300 रुपये प्रतिदिन हुई
-2.56 करोड़ जॉब कार्ड धारकों की पहचान
-योजना के लिए 8,500 करोड़ रुपये का आवंटन
-प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक लाख नए घरों को मंजूरी
-2400 किलोमीटर नई सड़कों के निर्माण को स्वीकृति
-चार जिलों में प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना लागू होगी
-मालदा में फल उत्पादन के लिए 100 करोड़ रुपये की परियोजना
-चार कृषि प्रशिक्षण केंद्र और अनुसंधान प्रयोगशालाएं स्थापित होंगी
-पश्चिम बंगाल को पूर्वी भारत का बीज उत्पादन केंद्र बनाने की तैयारी
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सरकार के गठन के बाद इन परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जाएगा।
125 दिन रोजगार योजना में मजदूरी बढ़ी
केंद्र सरकार की रोजगार योजना को राज्य में नए स्वरूप में लागू किया जा रहा है। इसके तहत 125 दिन रोजगार योजना में अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम दैनिक मजदूरी बढ़ाकर 300 रुपये कर दी गई है। इससे पहले यह मजदूरी 260 रुपये थी। योजना के तहत अर्द्धकुशल श्रमिकों को 450 रुपये और कुशल श्रमिकों को 600 रुपये प्रतिदिन मिलेंगे। अब तक राज्य में 2.56 करोड़ जॉब कार्ड धारकों की पहचान की जा चुकी है। प्राकृतिक आपदा या अन्य कारणों से काम बाधित होने की स्थिति में श्रमिकों को अतिरिक्त 50 दिनों का रोजगार देने का भी प्रावधान किया गया है। केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए आगामी 31 मार्च तक 8,500 करोड़ रुपये के आवंटन की पुष्टि की है।
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प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक लाख नए घर
बैठक के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्य में एक लाख नए घरों को मंजूरी दी है। लाभार्थियों की सूची तैयार करने की समय-सीमा, जो पहले 20 जुलाई तक थी, उसे बढ़ाकर 15 अगस्त तक कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून और अन्य परिस्थितियों को देखते हुए राज्य सरकार के अनुरोध पर केंद्र ने समय सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया है।
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कृषि और बीज उत्पादन पर विशेष जोर
बैठक में कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। राज्य की कृषि भूमि का वैज्ञानिक परीक्षण कराया जाएगा, ताकि अलग-अलग जिलों की मिट्टी के अनुसार उपयुक्त फसलों की पहचान की जा सके। इसके लिए चार प्रशिक्षण केंद्र और अनुसंधान प्रयोगशालाओं की स्थापना को मंजूरी दी गई है। मालदा में आम, लीची और अन्य फलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपये की परियोजना को भी मंजूरी मिली है। केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल को पूर्वी भारत में बीज उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में काम शुरू करने की घोषणा की है।
2400 किलोमीटर सड़क निर्माण को मंजूरी
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत राज्य में 2400 किलोमीटर नई सड़कों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इसके पहले चरण के लिए 1000 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसके अलावा दार्जिलिंग, अलीपुरद्वार, बीरभूम और पुरुलिया जिलों में प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना लागू की जाएगी।
विकसित भारत के लिए बंगाल का विकास जरूरी : शिवराज
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पश्चिम बंगाल के विकास के बिना विकसित भारत का लक्ष्य पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि पहले कई केंद्रीय परियोजनाएं राज्य में वर्षों तक लंबित रहीं, लेकिन अब विकास कार्यों को गति मिली है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से पश्चिम बंगाल को कृषि, ग्रामीण विकास और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा।
क्या-क्या मिला पश्चिम बंगाल को
-82,492 करोड़ रुपये की लंबित परियोजनाओं को गति मिलेगी
-125 दिन रोजगार योजना में मजदूरी बढ़कर 300 रुपये प्रतिदिन हुई
-2.56 करोड़ जॉब कार्ड धारकों की पहचान
-योजना के लिए 8,500 करोड़ रुपये का आवंटन
-प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक लाख नए घरों को मंजूरी
-2400 किलोमीटर नई सड़कों के निर्माण को स्वीकृति
-चार जिलों में प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना लागू होगी
-मालदा में फल उत्पादन के लिए 100 करोड़ रुपये की परियोजना
-चार कृषि प्रशिक्षण केंद्र और अनुसंधान प्रयोगशालाएं स्थापित होंगी
-पश्चिम बंगाल को पूर्वी भारत का बीज उत्पादन केंद्र बनाने की तैयारी