अवैध पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट: मानवाधिकार आयोग की टीम ने शुरू की जांच, टीएमसी ने केंद्र को ठहराया जिम्मेदार
पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग की सदस्य शांति दास ने कहा कि अभी प्रारंभिक जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद 2-3 दिनों में एक विस्तृत प्रारंभिक रिपोर्ट आयोग को सौंपी जाएगी।
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विस्फोट होने से 9 लोगों की हुई थी मौत
पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के एगरा में मंगलवार को अवैध पटाखा फैक्टरी में विस्फोट होने से नौ लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने अवैध पटाखा फैक्ट्री चलाने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया। हालांकि, अभी पुलिस फैक्ट्री मालिक को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। सीआईडी, फोरेंसिक विभाग और बम निरोधक दस्ते की टीमों ने भी विस्फोट की जांच शुरू कर दी है।
तृणमूल कांग्रेस ने गुरुवार को एगरा में हुए अवैध पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है। टीएमसी नेता घोष ने कहा कि केंद्र ने मनरेगा योजना के तहत पश्चिम बंगाल को धन देना बंद कर दिया है। जिसकी वजह से राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में लोग बेरोजगार हो गए। मनरेगा फंड बंद होने की वजह से लोग अवैध पटाखा फैक्ट्री में काम करने के लिए मजबूर हो गए। उन्होंने कहा, केंद्र द्वारा राज्य के साथ सौतेला व्यवहार करने के कारण गरीब लोगों को योजना के तहत काम से वंचित किया जा रहा है। टीएमसी के वरिष्ठ नेता और मंत्री शशि पांजा ने कहा कि केंद्र द्वारा बकाये का भुगतान नहीं करने के कारण राज्य भर में लाखों गरीब प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा, भाजपा के सांसद और विधायक भी धन रोकने की साजिश में शामिल हैं। इस अभाव ने लोगों को जीविकोपार्जन के लिए अवैध फैक्ट्री में काम करने के लिए मजबूर किया है। केंद्र को तुरंत धन जारी करना चाहिए। टीएमसी ने कहा, बदले की भावना से केंद्र ने पश्चिम बंगाल को उसका बकाया फंड नहीं दिया है।
भाजपा ने टीएमसी पर कसा तंज
भाजपा ने आरोपों को निराधार बताया। भाजपा के राज्य प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने कहा, धन रोकने में भाजपा की कोई भूमिका नहीं है। अवैध पटाखा इकाई एक दिखावा थी जिसके तहत एक कच्चे बम बनाने का कारखाना चल रहा था। टीएमसी शासन के तहत, बम बनाने के कारखाने और सिंडिकेट राज पनपे हैं।