बंगाल में भाजपा का काला दिवस, इधर राज्यपाल ने की पीएम मोदी और गृहमंत्री से मुलाकात
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पश्चिम बंगाल में चुनाव शुरू होने से पहले से लेकर नतीजों के बाद अबतक हिंसात्मक घटनाएं होती आ रही है। केंद्र सरकार ने राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार को आगाह किया है। इधर, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी से उनकी शिष्टाचार मुलाकात है। इसे अन्य विषय से जोड़कर न देखा जाए।
Delhi: West Bengal Governor Keshari Nath Tripathi arrives to meet PM Modi says,'I had asked to meet the PM either on June 9-10 or June 14-15 as I couldn't wish him personally on the swearing-in day, it's a courtesy visit.' pic.twitter.com/YV5HvMxWO5
— ANI (@ANI) June 10, 2019विज्ञापन
इधर, दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह ने विशेष बैठक की, जिसमें गृह सचिव राजीव गौबा, एनएसए अजीत डोभाल, आईबी प्रमुख और गृह मंत्रालय के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बैठक में पश्चिम बंगाल में हो रही हिंसा पर भी चर्चा हुई है।
मालूम हो कि पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस(टीएमसी) और भाजपा में अक्सर तनाव और झड़प की घटनाओं पर गृह मंत्रालय ने बंगाल सरकार को एडवाइजरी(दिशा-निर्देश) जारी करते हुए आगाह किया है। वहीं, बंगाल पुलिस से टकराव के बाद भाजपा आज बंगाल में काला दिवस मना रही है।
उत्तर 24 परगना में शनिवार को हुई झड़प के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं के अंतिम संस्कार को लेकर बंगाल पुलिस और नेताओं के बीच तनातनी हो गई थी। रविवार को बशीरहाट में अंतिम दर्शन के लिए भाजपा कार्यालय ले जाए जा रहे शवों को पुलिस ने रोका था, जिसके बाद पुलिस पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए भाजपा ने सोमवार को बशीरहाट में 12 घंटे का बंद और पूरे बंगाल में काला दिवस मनाने का एलान किया।
गृह मंत्रालय की एडवायजरी, ममता सरकार बोली- काबू में हालात
बंगाल में जारी सियासी संघर्ष और हत्याओं पर केंद्र सरकार ने गहरी चिंता जताई है। ममता सरकार को जारी एडवाइजरी में गृह मंत्रालय ने कहा कि चुनाव के बाद भी जारी हिंसाएं राज्य सरकार की नाकामी दिखाती है। टीएमसी सरकार को राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने और हिंसा में नाकाम पदाधिकारियों पर कार्रवाई करने को कहा गया है।
गृह मंत्रालय की एडवाइजरी के जवाब में पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मलय कुमार डे ने गृह मंत्रालय को पत्र लिख कर जवाब दिय है। इसमें उन्होंने राज्य में हालात काबू में होने का दावा किया है। पत्र में लिखा है कि चुनाव के बाद कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा हिंसा की गई थी। इस प्रकार के मामलों को रोकने के लिए अधिकारियों द्वारा बिना किसी देरी के कार्रवाई की गई। मलय ने आगे लिखा कि राज्य में स्थिति नियंत्रण में है और इस प्रकार की घटनाओं के आधार पर राज्य में कानून व्यवस्था को असफल नहीं माना जा सकता।
दिलीप घोष बोले- 20 साल पहले वाला कश्मीर हो गया है बंगाल
बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने सोमवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। आज यहां जो स्थिति है, वह 20 साल पहले के कश्मीर की याद दिलाती है। उन्होंने कहा कि टीएमसी के 'राजनीतिक आतंकवादी' दिन दहाड़े भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या कर रहे हैं और पुलिस मूक दर्शक बनी रही। वही पुलिस बसंती हाइवे पर कार्यकर्ताओं के शव वाहन रोकती है। उन्होंने राज्य सरकार पर बिगड़ी कानून व्यवस्था का आरोप लगाते हुए ट्वीट भी किया।
1.2 Armed #PoliticalTerrorists of TMC are killing BJP Karyakartas in broad daylight and the police remain mute spectators. Again d same police become active and set up multiple barricades on Basanti Highway to stop the hearse van as if war has broken out!#SandeshkhaliMassacre pic.twitter.com/Ggrm398XQJ
— Dilip Ghosh (@DilipGhoshBJP) June 10, 2019