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पश्चिम बंगाल: जनवरी से बदल जाएगी बिजली बिल व्यवस्था, शुभेंदु सरकार ने उपभोक्ताओं के लिए क्या बड़े फैसला लिए?

Wed, 22 Jul 2026 07:22 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल पीटीआई, कोलकाता
पीटीआई, कोलकाता Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Wed, 22 Jul 2026 07:22 PM IST
सार

West Bengal Electricity Billing System: पश्चिम बंगाल सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं और किसानों के लिए कई बड़े फैसलों का एलान किया। जनवरी 2027 से WBSEDCL के उपभोक्ताओं को हर महीने बिजली बिल मिलेगा। स्मार्ट मीटर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए अनिवार्य नहीं होंगे। साथ ही किसानों को अतिरिक्त बिजली सब्सिडी, पीएम-कुसुम योजना, नए बिजली और सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट जैसे कई ऐलान किए गए हैं। आइए, विस्तार से जानते हैं कि इन फैसलों से राज्य के लोगों को क्या फायदा होगा?

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West Bengal Electricity Billing System to Change from January, What Major Decisions Has the Suvendu Government
पश्चिम बंगाल सरकार ने क्या-क्या एलान किए? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पश्चिम बंगाल सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं, किसानों और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े कई बड़े फैसलों का एलान किया है। विधानसभा में मुख्यमंत्री शुभेंदु ने बिजली विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि राज्य बिजली वितरण कंपनी WBSEDCL के उपभोक्ताओं को जनवरी 2027 से हर तीन महीने के बजाय हर महीने बिजली बिल मिलेगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट बिजली मीटर अनिवार्य नहीं किए जाएंगे। इसके अलावा सरकार ने बिजली उत्पादन, नवीकरणीय ऊर्जा, किसानों को सब्सिडी और बिजली सेवाओं में सुधार से जुड़े कई नए कदमों की घोषणा की।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी राज्य के कई उपभोक्ताओं को तीन महीने में एक बार बिजली बिल मिलता है, जिससे एकमुश्त अधिक राशि जमा करनी पड़ती है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद हर महीने बिल मिलने से उपभोक्ताओं के लिए भुगतान आसान होगा। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में ग्रामीण इलाकों में रात के समय काम करने वाली मोबाइल सेवा वैन की संख्या दोगुनी की जाएगी। साथ ही ग्राहक सेवा केंद्रों में कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी ताकि लोगों की शिकायतों का तेजी से समाधान हो सके।

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किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं को क्या राहत मिलेगी?

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार 1 अगस्त से प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम) योजना लागू करेगी। इसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि खेती में इस्तेमाल होने वाली बिजली पर राज्य सरकार 2 रुपये प्रति यूनिट की अतिरिक्त सब्सिडी देगी। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट बिजली मीटर लगवाना अनिवार्य नहीं होगा। यानी उपभोक्ताओं पर इसे लेकर कोई बाध्यता नहीं होगी।

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बिजली कंपनियों और नए प्रोजेक्ट्स को लेकर क्या योजना?

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पश्चिम बंगाल पावर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (WBPDCL) को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया शुरू करेगी। उनके अनुसार इससे कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत खर्च भी बढ़ेगा। उन्होंने बक्रेश्वर में लगभग 10,070 करोड़ रुपये की लागत से 800 मेगावाट की सुपरक्रिटिकल ताप विद्युत इकाई स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा। इसके अलावा बक्रेश्वर जलाशय में 200 मेगावाट की फ्लोटिंग सोलर परियोजना और 320 मेगावाट-घंटे क्षमता वाली बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली विकसित करने की योजना भी घोषित की गई।

बिजली उत्पादन और ऊर्जा भंडारण बढ़ाने की क्या तैयारी है?

मुख्यमंत्री ने बताया कि कोलाघाट ताप विद्युत केंद्र में 1,238 करोड़ रुपये की लागत से बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली और सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित करने की योजना है। राज्य सरकार अपनी कोयला खदानों में उत्पादन बढ़ाने और लगभग 30 लाख टन अतिरिक्त कोयले की पारदर्शी तरीके से बिक्री कर राजस्व बढ़ाने की भी तैयारी कर रही है। इसके अलावा दामोदर घाटी निगम (DVC) के साथ साझेदारी में पंचेत में 1,000 मेगावाट की पंप्ड स्टोरेज परियोजना विकसित की जाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र की वाइब्रेंट विलेजेज योजना के तहत नौ सीमावर्ती जिलों में बिजली सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा और रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग तथा अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे।

सीएसआर के तहत किन योजनाओं का एलान हुआ?

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली विभाग के सीएसआर कार्यक्रम के तहत राज्य के 1,000 उच्च माध्यमिक बालिका विद्यालयों और कॉलेजों में सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें लगाई जाएंगी। इसके अलावा राज्य के 54,000 एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) केंद्रों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अभी भी कई केंद्रों में बिजली की सुविधा उपलब्ध नहीं है, जिसे इस योजना के जरिए दूर किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य बिजली सेवाओं को बेहतर बनाना, उपभोक्ताओं को राहत देना और ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक निवेश को बढ़ावा देना है।

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