पश्चिम बंगाल : नारदा केस में ईडी ने चार्जशीट दायर की, ममता सरकार के दो मंत्रियों के नाम
बंगाल के बहुचर्चित नारदा केस में ईडी ने बुधवार को विशेष कोर्ट में आरोप पत्र दायर कर दिया। इसमें ममता सरकार के दो मंत्रियों के नाम हैं।
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प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को बंगाल के बहुचर्चित नारदा स्टिंग केस में आरोप पत्र दायर कर दिया। ईडी द्वारा दायर इस आरोप पत्र में राज्य में सत्तारूढ़ ममता बनर्जी सरकार के दो मंत्रियों के भी नाम हैं। ये मंत्री हैं फिरहाद हाकिम व सुब्रत मुखर्जी। कोलकाता की विशेष अदालत में यह आरोप पत्र दायर किया गया है।
इनके अलावा तृणमूल कांग्रेस के नेता मदन मित्रा व सोवन चटर्जी का भी नाम है। इन सभी को तलब किया गया है। सोवन चटर्जी तृणमूल कांग्रेस छोड़ चुके हैं। वहीं मदन मित्रा पूर्व मंत्री हैं। पुलिस अधिकारी एसएमएच मिर्जा को भी आरोपी बनाया गया है। आरोप पत्र में राज्य में सत्तारूढ़ टीएमसी के मंत्रियों व वरिष्ठ नेताओं के नाम होने से यह मामला और तूल पकड़ सकता है।
Enforcement Directorate (ED) submits chargesheet in Narada sting case. TMC leaders Firhad Hakim, Madan Mitra, Subrata Mukherjee, Sovan Chatterjee have been named in the chargesheet. All of them have been summoned.
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) September 1, 2021
ईडी ने कोलकाता की विशेष पीएमएलए कोर्ट के समक्ष परिवहन और आवास मंत्री फिरहाद हाकिम और पंचायत मंत्री सुब्रत मुखर्जी, पूर्व मंत्री मदन मित्रा, कोलकाता के पूर्व मेयर सोवन चटर्जी और आईपीएस अधिकारी एस.एम.एच. मिर्जा के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है।
इन सभी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग व रिश्वतखोरी के आरोप लगाए गए हैं। इनके कबूलनामे की जानकारी भी ईडी ने विशेष कोर्ट को दी। ईडी ने आरोप पत्र में कहा है कि आरोपियों ने मंत्री व लोक सेवकों होने के बावजूद एक कंपनी का पक्ष लेने के एवज में रिश्वत कबूल की। रिश्वत की राशि का शोधन करने के लिए हवाला का इस्तेमाल किया गया।
सीबीआई ने किया था गिरफ्तार
नारदा स्टिंग घोटाले के नाम से चर्चित इस मामले में सीबीआई ने पूर्व में तृणमूल कांग्रेस के चार मंत्रियों फिरहाद हकीम, सुब्रत मुखर्जी, विधायक मदन मित्रा और पूर्व मेयर सोवन चटर्जी को गिरफ्तार किया था। यह मामला एक स्टिंग ऑपरेशन से संबंधित है। उक्त नेताओं की गिरफ्तारी के बाद बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कड़ा विरोध जताया था। उनका आरोप था कि केंद्रीय एजेंसियां इस केस में सिर्फ उसकी पार्टी के नेताओं पर ही कार्रवाई कर रही हैं।