पश्चिम बंगाल : दुर्गा पूजा मंच ने कहा- दुर्गोत्सव में शाम के समय पंडालों में न हो भीड़भाड़
- दुर्गोत्सव फोरम ने कहा कि शहर में लोगों को सुबह से पंडाल लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए ताकि शाम को भीड़भाड़ से बचा जा सके।
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पश्चिम बंगाल में कोविड-19 महामारी की स्थिति के चलते दुर्गा पूजा समितियों के सामूहिक मंच ‘फोरम फॉर दुर्गोत्सव’ ने अपनी सदस्य समितियों से आग्रह किया कि पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता और पड़ोस के जिले की 550 सामुदायिक दुर्गा पूजा समितियां अपने दुर्गापूजा पंड़ालों को पूरे दिन श्रद्धालुओं के लिए खुला रखें न कि केवल शाम के समय के लिए।
दुर्गोत्सव फोरम ने कहा कि लोगों को सुबह से पंडाल लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए ताकि शाम को भीड़भाड़ से बचा जा सके। मंच ने सबसे पहले जुलाई में दिशानिर्देश जारी कर कहा था कि शाम की भीड़ से बचने के लिए लोगों को सुबह से ही पंडालों में दर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
मंच की प्रमुख सदस्य समितियों में से एक समाजवादी संघ के एक सदस्य ने मीडिया से कहा, हम चाहते हैं कि भीड़ को समान रूप से बाहर रखा जाए। इसका उद्देश्य दुर्गा पूजा समारोहों और महामारी प्रोटोकॉल के बीच संतुलन को बनाए रखना है।
उन्होंने कहा कि सबसे अहम पूर्व शर्त यह है कि सभी सदस्य और पूजा में अहम कार्य करने वाले जैसे बिजली का काम करने वाले, ढाप वादक, पंडाल सजाने वाले और पुजारी कोविड टीके की दोनों खुराक ले चुके हों।
इस साल दुर्गा पूजा का उत्सव 12 अक्तूबर से शुरू हो रहा है। अन्य दिशा-निर्देशों में सौंदर्यपूर्ण मूर्तियों को बाहर से स्पष्ट रूप से दिखाई देना और अनुष्ठानों के दौरान कोविड के नियमों का पालन करना और सामाजिक दूरी बनाए रखना शामिल है।
पश्चिम बंगाल सरकार ने अभी तक राज्य के सबसे बड़े त्योहार पर कोई निर्देश नहीं दिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सितंबर में कोविड-19 की तीसरी लहर वापस आने की बार-बार चेतावनी दी है और कहा कि लोगों को कोरोना टीकाकरण ज्यादा से ज्यादा कराना है।