फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   West Bengal Doctor Rape and Murder Case Opposition BJP CM Mamata Banerjee TMC Political Upheveal news and upda

Politics: ममता बनर्जी को उन्हीं की चाल से मात देने की तैयारी में भाजपा, डॉक्टर से दुष्कर्म कांड ने दिया मौका

Wed, 28 Aug 2024 08:36 PM IST
Amit Sharma Digital अमित शर्मा
Updated Wed, 28 Aug 2024 08:36 PM IST
सार

भाजपा पश्चिम बंगाल में जड़ें जमाने के लिए पुरजोर कोशिश कर रही है। पिछले विधानसभा चुनाव 2021 में उसने बहुत कोशिशें कीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अमित शाह सहित भाजपा के तमाम दिग्गज नेताओं ने जमकर चुनाव प्रचार किया, लेकिन इसके बाद भी भाजपा 77 सीटों से आगे नहीं बढ़ सकी।

विज्ञापन
West Bengal Doctor Rape and Murder Case Opposition BJP CM Mamata Banerjee TMC Political Upheveal news and upda
पश्चिम बंगाल में भाजपा का उग्र प्रदर्शन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पश्चिम बंगाल में वामपंथी दल अजेय माने जाते थे। उनके लगभग तीन दशकों के शासन में कोई दल उनकी सत्ता को चुनौती देने की कोशिश नहीं कर पा रहा था। लेकिन जब पश्चिम बंगाल की वामपंथी सरकार ने 2006 में टाटा कंपनी को सिंगूर में नैनो कार बनाने के लिए एक हजार एकड़ जमीन देने का निर्णय किया, ममता बनर्जी ने इस मुद्दे को लपक लिया। उन्होंने इसे वामपंथी सरकार द्वारा गरीब किसानों की जमीन हड़पने का तरीका बताया और कोलकाता में धरने पर बैठ गईं। इसका जबरदस्त असर हुआ और उन्हें जनता का भरपूर समर्थन मिला। इस आंदोलन में ममता बनर्जी की छवि एक फाइटर नेता की बन गईं, जिसके बल पर 2011 में वे राज्य की मुख्यमंत्री बनी थीं। तब से बंगाल में उनकी सत्ता बरकरार है और बंगाल के चुनाव परिणाम बताते हैं कि आज उनकी सत्ता को चुनौती देने वाला कोई राजनीतिक दल पश्चिम बंगाल की सियासत में मौजूद नहीं है। 
विज्ञापन


भाजपा पश्चिम बंगाल में जड़ें जमाने के लिए पुरजोर कोशिश कर रही है। पिछले विधानसभा चुनाव 2021 में उसने बहुत हाथ-पांव मारा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अमित शाह सहित भाजपा के तमाम दिग्गज नेताओं ने जमकर चुनाव प्रचार किया, लेकिन इसके बाद भी भाजपा 77 सीटों से आगे नहीं बढ़ सकी।
विज्ञापन


क्या कोलकाता कांड में भाजपा को दिख रहा अवसर? 
पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता ने अमर उजाला को बताया कि 2021 में पार्टी की हार की सबसे बड़ी वजह यह थी कि तब तक जनता स्थानीय चुनावों के लिए उसके पक्ष में लामबंद नहीं हो पाई थी। जनता ने 2014 और 2019 के चुनावों में केंद्र के लिए तो उसे ठीक समझा, लेकिन जब स्थानीय स्तर पर सरकार बनाने की बात आई, तब जनता की पहली पसंद ममता बनर्जी ही थीं। स्थानीय स्तर पर ममता बनर्जी के कद के बराबर का कोई नेता न हो पाना भी भाजपा की कमजोरी बना था। इसके अलावा कांग्रेस, वामदलों का ममता बनर्जी को प्रत्यक्ष-परोक्ष समर्थन ने पार्टी की राह कठिन कर दी थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


नेता के अनुसार, लेकिन अब बंगाल की परिस्थितियां बदल चुकी हैं। ममता बनर्जी सरकार ने डॉक्टर की हत्या के आरोपियों को बचाने जैसे बयान देकर जनता के बीच गलत संदेश दे दिया है। कोलकाता की सड़कों पर हो रहे प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवा और महिलाएं हैं। यह बंगाल में बदलाव का बड़ा कारण बन सकती है। यानी जिस तरह ममता बनर्जी एक आंदोलन कर पश्चिम बंगाल की सत्ता में आई थीं, भाजपा का अनुमान है कि कोलकाता के केजी कर अस्पताल में डॉक्टर की हत्या और दुष्कर्म के मामले ने उनकी विदाई की राह तैयार कर दी है। 

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव अभी लगभग डेढ़ वर्ष दूर हैं। अगला चुनाव सामान्य परिस्थितियों में मार्च-अप्रैल 2026 में होना चाहिए। इस डेढ़ वर्षों में भाजपा ममता बनर्जी सरकार को महिलाओं और किसानों के मुद्दे पर घेरकर अपनी राह आसान करना चाहती है। संदेशखाली के बाद अब कोलकाता कांड उसकी इसी कोशिश का परिणाम हैं। इन मुद्दों पर जनता का समर्थन ममता बनर्जी सरकार के लिए परेशान करने वाला है। 

क्या राजनीतिक लाभ के लिए आंदोलन कर रही भाजपा? 
तृणमूल कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि भाजपा कोलकाता कांड के जरिए राजनीति करना चाहती है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने बुधवार को कहा कि इस तरह के संवेदनशील विषय को राजनीति से अलग देखा जाना चाहिए। बंगाल की एक बेटी के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या होने जैसी जघन्य घटना घटी है। एक जिम्मेदार विपक्ष होने के नाते वे अपराधियों को दंड दिलाने और डॉक्टर को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। 


उनका कहना है कि सबसे पहले तो एक महिला मुख्यमंत्री होने के कारण ममता बनर्जी को महिलाओं के साथ हो रहे अपराध पर ज्यादा संवेदनशील होना चाहिए था। उनके अनुसार, लेकिन दुर्भाग्य का विषय है कि ममता बनर्जी सरकार अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने की बजाय उनका करियर खराब हो जाने जैसी ओछी बात कर उन्हें बचाने का काम कर रही है। उनका दावा है कि पश्चिम बंगाल का भद्र समाज इसे कभी स्वीकार नहीं करेगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed