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West Bengal: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री को हटाया, खुद संभालेंगी जिम्मेदारी
Tue, 28 Mar 2023 02:59 AM IST
गुलाम अहमद
न्यूज डेस्क, अमर उजा कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजा कोलकाता
Published by: गुलाम अहमद
Updated Tue, 28 Mar 2023 02:59 AM IST
सार
गुलाम रब्बानी अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा मंत्री थे। उनको हटाने के बाद, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद, राज्यमंत्री ताजमुल हुसैन के साथ इस विभाग को देखेंगी। ममता बनर्जी ने कैबिनेट बैठक के दौरान इस फैसले का एलान किया।
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ममता बनर्जी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री गुलाम रब्बानी को सोमवार को हटा दिया। गुलाम रब्बानी अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा मंत्री थे। उनको हटाने के बाद, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद, राज्यमंत्री ताजमुल हुसैन के साथ इस विभाग को देखेंगी। ममता बनर्जी ने कैबिनेट बैठक के दौरान इस फैसले का एलान किया। रब्बानी बागवानी विभाग का मंत्री बनाया गया है। राजनीतिक हलकों में इसे सागरदिघी उपचुनाव में हार के बाद डैमेजकंट्रोल के रूप में देखा जा रहा है।
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सूत्रों के मुताबिक ने तृणमूल कांग्रेस के गढ़ सागरदिघी निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव में हार के कारण बाद मुख्यमंत्री ने यह फैसला लिया है। मुख्यमंत्री गुलाम रब्बानी के काम से नाखुश थीं। ताजमुल हुसैन विभाग के राज्य मंत्री के रूप में प्रभारी हैं और वे इस पद पर बने रहेंगे। सागरदिघी विधानसभा में उपचुनाव में मिली हार के बाद मुस्लिमों को लुभाने की ममता बनर्जी की यह बड़ा कदम माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि सागरदिघी में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ने अल्पसंख्यकों के लिए पार्टी के संगठन के अध्यक्ष के रूप में हाजी नुरुल को भी हटा दिया है और उनकी जगह मोसराफ हुसैन को नियुक्त किया है।
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अल्पसंख्यकों के लिए अलग विकास बोर्ड बनाने को मंजूरी
इसके अलावा कैबिनेट की बैठक में अल्पसंख्यकों और प्रवासी मजदूरों के लिए अलग विकास बोर्ड बनाने को भी मंजूरी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि पहले अल्पसंख्यकों के लिए वित्त निगम था। सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री ने अल्पसंख्यक विकास बोर्ड और प्रवासी श्रम विकास बोर्ड बनाने का फैसला किया। अधिकारी ने कहा कि अल्पसंख्यक विकास बोर्ड अल्पसंख्यक मामलों के विभाग को रिपोर्ट करेगा, जबकि कानून विभाग प्रवासी श्रम विकास बोर्ड की देखरेख करेगा।
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कर्मचारियों को अधिकतम 53,000 रुपये एडहॉक बोनस देने का फैसला
अधिकारी ने कहा कि कानून मंत्री मोलॉय घटक को अल्पसंख्यक विकास बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया। अब तक अल्पसंख्यक विकास बोर्ड की देखभाल के लिए किसी को नहीं चुना गया था। साथ ही ममता सरकार ने अगले वित्तीय वर्ष से राज्य के कर्मचारियों को अधिकतम 53,000 रुपये एडहॉक बोनस देने का फैसला किया है। अधिकारी ने कहा कि त्योहारी भत्ता 14,000 रुपये से बढ़ाकर अधिकतम 16,000 रुपये करने का भी फैसला किया गया है।