पश्चिम बंगाल: सिलीगुड़ी में भाजपा की रैली में झड़प, पुलिस ने आंसू गैस का प्रयोग किया
भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के कार्यकर्ता और पश्चिम बंगाल पुलिस के बीच सोमवार को सिलीगुड़ी शहर में झड़प हो गई। जिस समय झड़प हुई उस समय भाजयुमो के कार्यकर्ता राज्य के अस्थायी उत्तर बंगाल सचिवालय उत्तर कन्या में मार्च कर रहे थे। भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने मार्च को जारी रखने के लिए बैरिकेड्स को हटाया। वहीं पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
भाजपा युवा मोर्चा के नेता और सांसद तेजस्वी सूर्या कहा कि पुलिस की कार्रवाई में भाजपा के कई कार्यकर्ता घायल हो गए है। सूर्या ने कहा कि यह घटना पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र की हत्या का उदाहरण है।
Siliguri: Police use tear gas shells&water cannon on BJP Yuva Morcha workers protesting against West Bengal govt, at Tinbatti
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"Many BJP workers injured during their peaceful protest. Democracy being murdered in West Bengal," says MP& National Pres, BJP Yuva Morcha, Tejasvi Surya pic.twitter.com/Sn3mizM3xu— ANI (@ANI) December 7, 2020
जानकारी के अनुसार, भाजपा की युवा शाखा उत्तर बंगाल में ममता बनर्जी सरकार के कथित कुशासन, बेरोजगारी और उपेक्षा के खिलाफ मार्च निकाल रही थी। पश्चिम बंगाल के भाजपा अध्यक्ष और सांसद दिलीप घोष और सयंतन बसु सिलीगुड़ी के फूलबाड़ी जंक्शन में एक मार्च का नेतृत्व कर रहे थे। वहीं अन्य मार्च का नेतृत्व भाजपा के बंगाल प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय और पार्टी नेता मुकुल रॉय कर रहे थे।
#Siliguri | "Ulen Roy, a senior BJP worker, has succumbed to splinter injuries caused by the country bombs that Mamata’s police threw," tweets MP & National President, BJP Yuva Morcha, Tejasvi Surya https://t.co/3aM235BsuQ
— ANI (@ANI) December 7, 2020
मार्च के दौरान दोपहर करीब दो बजे सिलीगुड़ी के तीन लेन चौराहे पर भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने मोर्चाबंदी करने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं में झड़प हो गई। स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए भारी पुलिस बल को बुलाया गया। इस झड़प में कई पत्रकार, भाजपा कार्यकर्ता और पुलिस के जवान घायल हो गए हैं।
पुलिस ने क्षेत्र में धारा 144 लागू करने की घोषणा कर दी। लेकिन भाजपा के युवा मोर्चा ने इसे अनुसना कर दिया। तब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। वाटर कैनन का इस्तेमाल कर रही पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने की कोशिश की।