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Bengal: गर्भवती की मौत के बाद अस्पताल के बाहर BJP का प्रदर्शन, जांच की समीक्षा खुद करेंगी सीएम ममता बनर्जी

Sat, 11 Jan 2025 08:46 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 11 Jan 2025 08:46 PM IST
सार

Bengal: भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण गर्भवती की जान गई। वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि भाजपा को इस मामले पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है। इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। 

 

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West Bengal: BJP protests outside Midnapore hospital after death pregnant woman, accuses doctors of negligence
अस्पताल के बाहर प्रदर्शन करते भाजपा कार्यकर्ता। - फोटो : एक्स/वीडियो ग्रैब/एएनआई

विस्तार

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पश्चिम बंगाल के मिदनापुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में प्रसव के बाद एक गर्भवती महिला की मौत हो गई और चार अन्य की हालात गंभीर है। इस घटना के बाद राज्य भर में राजनीति गर्माहट अपने चरम पर है।भाजपा कार्यकर्ताओं ने अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया। 

भाजपा का कहना है कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण गर्भवती की जान गई। साथ ही प्रदर्शन कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अधिकारियों के मुताबिक, बच्चे की मौत और महिला की मौत का कारण एक्सपायर हो चुके अंतःशिरा द्रव (आईवी फ्लूइड) का इंजेक्शन था। मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं।

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जांच की रिपोर्ट की समीक्षा खुद करेंगी सीएम ममता
वहीं इस मामले में सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने फैसला लिया है कि वह खुद जांच रिपोर्ट की समीक्षा करेंगी। साथ ही राज्य सचिवालय ने स्वास्थ्य विभाग से जल्दी से निष्कर्ष प्रस्तुत करने को कहा है।
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मृतक महिला के परिवार का आरोप
मृतक महिला के परिवार ने मिदनापुर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (एमएमसीएच) पर आरोप लगाया है कि उसकी मौत एक्सपायर हो चुके रिंगर लैक्टेट इंजेक्शन के कारण हुई। यह इंजेक्शन आमतौर पर रक्तचाप और रक्त की कमी वाले मरीजों को दिया जाता है।

आईवी फ्लूइड और 10 दवाओं के इस्तेमाल पर रोक
साथ ही इस मामले में बढ़ती गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों में एक विशेष कंपनी द्वारा बनाए गए आईवी फ्लूइड और 10 दवाओं के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। अधिकारियों ने कहा कि मृतक के परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें अस्पताल अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया गया है। 

जांच के लिए 13 सदस्यीय पैनल का गठन
हालांकि मामले में पश्चिम बंगाल सरकार ने जांच के लिए 13 सदस्यीय पैनल का गठन किया है। नमूनों की जांच रिपोर्ट आने तक मामले का हल नहीं निकल पाया है। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल के बाहर विरोध किया और अस्पताल अधिकारियों की लापरवाही के खिलाफ नारे लगाए। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी जवाब की मांग की।


टीएमसी नेता कुणाल घोष ने दी प्रतिक्रिया
वहीं, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता कुणाल घोष ने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है। स्वास्थ्य प्रशासन मामले की जांच कर रहा है। माकपा और भाजपा को इस मामले पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। इस मामले पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। 

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