{"_id":"69329cdf0f658727d80728e5","slug":"west-bengal-babri-styled-mosque-humayun-kabir-calcutta-high-court-tmc-bjp-news-and-updates-2025-12-05","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"WB: 'बाबरी मस्जिद' की नींव रखने से जुड़े कार्यक्रम पर हाईकोर्ट का दखल से इनकार, समारोह स्थल पर पहुंचे हुमायूं","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
WB: 'बाबरी मस्जिद' की नींव रखने से जुड़े कार्यक्रम पर हाईकोर्ट का दखल से इनकार, समारोह स्थल पर पहुंचे हुमायूं
Fri, 05 Dec 2025 02:20 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Fri, 05 Dec 2025 02:20 PM IST
सार
बता दें कि आगामी 6 दिसंबर, शनिवार को मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद का शिलान्यास करने की घोषणा हाल ही में तृणमूल से निलंबित भरतपुर के विधायक हुमायूं कबीर ने की है।
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में हुमायूं कबीर की ओर से प्रस्तावित बाबरी मस्जिद की नींव रखने से जुड़े कार्यक्रम को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट ने दखल देने से इनकार कर दिया है। शुक्रवार को हाईकोर्ट ने इस मामले में सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य सरकार को सौंपी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि सुरक्षा के लिए मुर्शिदाबाद में तैनात केंद्रीय बलों का भी उपयोग किया जा सकेगा।
बता दें कि आगामी 6 दिसंबर, शनिवार को मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद का शिलान्यास करने की घोषणा हाल ही में तृणमूल से निलंबित भरतपुर के विधायक हुमायूं कबीर ने की है। इस बीच, शुक्रवार सुबह हुमायूं कबीर मस्जिद के लिए निर्धारित स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने क्षेत्र का दौरा किया और तैयारियों की समीक्षा की।
हाईकोर्ट ने क्या कहा?
यह मामला हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पाल और न्यायमूर्ति पार्थसार्थी सेन की डिविजन बेंच में सुनवाई के लिए उठा। कोर्ट ने हुमायूं कबीर के कार्यक्रम में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं किया। याचिका में हुमायूं के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने और शिलान्यास समारोह रोकने की मांग की गई थी। साथ ही बेलडांगा में अतिरिक्त सुरक्षा की भी अपील की गई थी।
विज्ञापन
याचिकाकर्ता के वकील विकास रंजन भट्टाचार्य ने दलील दी कि इससे पहले राम मंदिर के मुद्दे पर भी सौहार्द बिगड़ने की बातें सामने आई थीं। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम से सामाजिक सद्भाव प्रभावित हो सकता है और राज्य को लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त बल तैनात किए गए हैं।
पिछले अप्रैल महीने में केंद्र द्वारा लाए गए नए वक्फ कानून के विरोध में मुर्शिदाबाद में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई थी। हालात बेकाबू होने पर केंद्रीय बलों की तैनाती की गई। तब से अब तक वहां 19 कंपनियां केंद्रीय बल की तैनात हैं। केंद्र ने कहा है कि इन बलों को इस मामले में भी लगाया जा सकता है।
निरीक्षण स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे हुमायूं कबीर
इस बीच, जानकारी मिली है कि शुक्रवार सुबह हुमायूं कबीर मस्जिद के लिए निर्धारित स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने क्षेत्र का दौरा किया और तैयारियों की समीक्षा की। हुमायूं कबीर ने कहा, मैं कोई असंवैधानिक काम नहीं कर रहा हूं। हाई कोर्ट ने भी स्पष्ट कहा है कि मेरा कोई कदम गैरकानूनी नहीं है, इसलिए प्रशासन स्वाभाविक रूप से सहयोग करेगा। मेरे साथ दो हजार स्वयंसेवक रहेंगे। मैं भी प्रशासन का सहयोग करूंगा।
संबंधित वीडियो
विज्ञापन
बता दें कि आगामी 6 दिसंबर, शनिवार को मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद का शिलान्यास करने की घोषणा हाल ही में तृणमूल से निलंबित भरतपुर के विधायक हुमायूं कबीर ने की है। इस बीच, शुक्रवार सुबह हुमायूं कबीर मस्जिद के लिए निर्धारित स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने क्षेत्र का दौरा किया और तैयारियों की समीक्षा की।
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने क्या कहा?
यह मामला हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पाल और न्यायमूर्ति पार्थसार्थी सेन की डिविजन बेंच में सुनवाई के लिए उठा। कोर्ट ने हुमायूं कबीर के कार्यक्रम में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं किया। याचिका में हुमायूं के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने और शिलान्यास समारोह रोकने की मांग की गई थी। साथ ही बेलडांगा में अतिरिक्त सुरक्षा की भी अपील की गई थी।
विज्ञापन
याचिकाकर्ता के वकील विकास रंजन भट्टाचार्य ने दलील दी कि इससे पहले राम मंदिर के मुद्दे पर भी सौहार्द बिगड़ने की बातें सामने आई थीं। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम से सामाजिक सद्भाव प्रभावित हो सकता है और राज्य को लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त बल तैनात किए गए हैं।
पिछले अप्रैल महीने में केंद्र द्वारा लाए गए नए वक्फ कानून के विरोध में मुर्शिदाबाद में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई थी। हालात बेकाबू होने पर केंद्रीय बलों की तैनाती की गई। तब से अब तक वहां 19 कंपनियां केंद्रीय बल की तैनात हैं। केंद्र ने कहा है कि इन बलों को इस मामले में भी लगाया जा सकता है।
निरीक्षण स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे हुमायूं कबीर
इस बीच, जानकारी मिली है कि शुक्रवार सुबह हुमायूं कबीर मस्जिद के लिए निर्धारित स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने क्षेत्र का दौरा किया और तैयारियों की समीक्षा की। हुमायूं कबीर ने कहा, मैं कोई असंवैधानिक काम नहीं कर रहा हूं। हाई कोर्ट ने भी स्पष्ट कहा है कि मेरा कोई कदम गैरकानूनी नहीं है, इसलिए प्रशासन स्वाभाविक रूप से सहयोग करेगा। मेरे साथ दो हजार स्वयंसेवक रहेंगे। मैं भी प्रशासन का सहयोग करूंगा।
संबंधित वीडियो
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन