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उम्र मायने नहीं रखती: 102 साल की लक्ष्मी मैती सब्जियां बेच चला रहीं परिवार, लोगों के लिए बनीं मिसाल

Sun, 05 Jun 2022 06:59 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, कोलकाता।
एजेंसी, कोलकाता। Published by: देव कश्यप Updated Sun, 05 Jun 2022 06:59 AM IST
सार

पिछले एक दशक में लक्ष्मी मैती के हालात में एनजीओ हेल्पएज इंडिया के समर्थन से काफी सुधार आया है। उन्होंने कहा कि आठ साल पहले एनजीओ ने उनके बेटे को चाय-नाश्ते वेडिंग कारोबार खड़ा करने में मद्द की।

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West bengal 102-year-old woman Lakshmi Maity sells vegetables to support family
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पश्चिम बंगाल की 102 वर्षीय लक्ष्मी मैती के लिए उम्र मात्र एक संख्या है। वह पिछले पांच दशकों से सब्जियां बेचकर अपने परिवार की जरूरतों को पूरा कर रही हैं। इतनी उम्र में भी काम करने की अपनी इच्छाशक्ति के चलते वह लोगों के लिए मिसाल बन चुकी हैं।

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पूर्वी मेदिनीपुर जिले में जोगीबेर्ह गांव निवासी मैती रोजाना सुबह चार बजे थोक में सब्जियां खरीदती हैं और स्थानीय बाजार में बेचने के लिए ले जाती हैं। उन्होंने कहा कि उनके पति का करीब 48 साल पहले निधन हो गया था। इससे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। घर चलाने के लिए उन्होंने सब्जी बेचने का काम शुरू किया। उस वक्त उनका बेटा 16 साल का था।
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हालांकि पिछले एक दशक में मैती के हालात में एनजीओ हेल्पएज इंडिया के समर्थन से काफी सुधार आया है। उन्होंने कहा कि आठ साल पहले एनजीओ ने उनके बेटे को चाय-नाश्ते वेडिंग कारोबार खड़ा करने में मद्द की। काम से सेवानिवृत्त होने के बारे में मैती ने कहा कि इस पर अभी नहीं सोचा।
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कभी बच्चों पर निर्भर नहीं रहीं
मैती के 64 वर्षीय बेटे गौर ने बड़े गर्व से कहा कि उनकी मां देवी दुर्गा का अवतार हैं। उन्होंने न केवल उनका बल्कि उनके बच्चों का भी पालन पोषण किया। उन्होंने उनकी बेटी की शादी के लिए पैसा दिया और पक्का घर बनवाया। साथ ही सारा कर्ज भी चुकाया। उन्होंने कहा कि ज्यादातर मामलों में बेटा अपनी बुजुर्ग मां का ख्याल रखता है लेकिन उनकी मां कभी भी उन पर निर्भर नहीं रहीं। 28 वर्षीय पोते सुब्रत ने कहा कि उनके लिए पिता जो नहीं खरीद सकते थे, उसे दादी ने खरीद कर दिया।

जापान के केनिची होरी ने 83 की उम्र में अकेले पार किया प्रशांत महासागर
उम्र तो महज आंकड़ा है, यह बात लोग अक्सर हल्के-फुल्के अंदाज में जब-तब बोलते रहते हैं। लेकिन, इसे हकीकत में बदलकर दिखाना हर किसी के बूते की बात नहीं। विरले लोग ही होते हैं, जो जिंदगी में उम्र को आंकड़े भर मानने के फलसफे के साथ जीते हैं। जापान के 83 वर्षीय केनिची होरी ने बिना रुके अकेले प्रशांत महासागर पार कर अनोखा रिकॉर्ड बनाया है।


होरी 69 दिन पहले मार्च में सान फ्रांसिस्को से रवाना हुए और शनिवार को पश्चिमी जापान के की जलडमरूमध्य पहुंच गए। वे प्रशांत महासागर को अकेले पार करने वाले दुनिया के सबसे बुजुर्ग व्यक्ति बन गए हैं। होरी इससे पहले 1962 में जापान से सैन फ्रांसिस्को तक अकेले पहुंचे थे।

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