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Weather Updates: कब मिलेगी गर्मी से राहत, आपके यहां कब होगी बारिश? जानें अगले पांच दिन कैसा रहेगा मौसम
Wed, 14 Jun 2023 04:58 PM IST
हिमांशु मिश्रा
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Wed, 14 Jun 2023 04:58 PM IST
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विस्तार
चक्रवातीय तूफान बिपरजॉय के चलते गुजरात, मुंबई से लेकर केरल तक समंदर में तूफानी लहरें उठ रही हैं। तटीय इलाकों का मौसम भी बिल्कुल बदल गया है। दूसरी ओर उत्तर भारत के कई राज्यों में हीट वेव कहर बरप रही है। गर्मी का सितम ऐसा है कि लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। सुबह सात बजे से ही तेज धूप लोगों को चुभने लगी है।दिन चढ़ते ही ये धूप मानों झुलसाने वाली हो जाती है। ऐसे में हर किसी की नजर मानसून और मौसम का हाल जानने पर है। आइए जानते हैं कि इस भीषण गर्मी से कब आपको राहत मिलेगी? अगले पांच दिनों तक कैसा मौसम रहेगा? आपके यहां बारिश कब होगी?
पहले बिपरजॉय तूफान और इसके असर के बारे में जान लीजिए
अरब सागर में उठे तूफान को 'बिपरजॉय' नाम बांग्लादेश ने दिया है। इसका मतलब 'विपत्ति' या 'आपदा' होता है। मौसम विभाग के अनुसार, 15 जून की शाम तक यह कच्छ जिले के जखौ पोर्ट से टकराएगा। इस दौरान 150 किमी/घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।
बिपरजॉय पिछले 25 साल में जून महीने में गुजरात के तट से टकराने वाला पहला तूफान होगा। इससे पहले नौ जून 1998 को एक तूफान गुजरात के तट से टकराया था। तब पोरबंदर के पास 166 KMPH की रफ्तार से हवा चली थी। पुराने आंकड़ों पर नजर डालें तो 1965 से 2022 के बीच अरब सागर के ऊपर से 13 चक्रवात उठे। इनमें से दो गुजरात के तट पर टकराए। एक महाराष्ट्र, एक पाकिस्तान, तीन ओमान-यमन और छह समुद्र के ऊपर कमजोर पड़ गए।
मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान तेजी से नॉर्थ-वेस्ट में आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग के डीजी मृत्युंजय महापात्र ने कहा, 'तूफान के तट के पास पहुंचने से हवा की रफ्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इससे पेड़, टेलीफोन और बिजली के खंभे गिर सकते हैं।
14-15 जून के दौरान कच्छ, द्वारका, पोरबंदर, जामनगर, राजकोट, जूनागढ़ और मोरबी जिले के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। तूफान के चलते 15 जून को कच्छ, द्वारका, जामनगर में 20cm तक बारिश होने का अनुमान है। इसके चलते निचले इलाकों में बाढ़ आने का अनुमान है। मछुआरों को 16 जून तक समुद्र में ना जाने की सलाह दी गई है। गुजरात में 14 जून के लिए ऑरेंज अलर्ट और 15 जून के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है।
अरब सागर में उठे तूफान को 'बिपरजॉय' नाम बांग्लादेश ने दिया है। इसका मतलब 'विपत्ति' या 'आपदा' होता है। मौसम विभाग के अनुसार, 15 जून की शाम तक यह कच्छ जिले के जखौ पोर्ट से टकराएगा। इस दौरान 150 किमी/घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।
बिपरजॉय पिछले 25 साल में जून महीने में गुजरात के तट से टकराने वाला पहला तूफान होगा। इससे पहले नौ जून 1998 को एक तूफान गुजरात के तट से टकराया था। तब पोरबंदर के पास 166 KMPH की रफ्तार से हवा चली थी। पुराने आंकड़ों पर नजर डालें तो 1965 से 2022 के बीच अरब सागर के ऊपर से 13 चक्रवात उठे। इनमें से दो गुजरात के तट पर टकराए। एक महाराष्ट्र, एक पाकिस्तान, तीन ओमान-यमन और छह समुद्र के ऊपर कमजोर पड़ गए।
मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान तेजी से नॉर्थ-वेस्ट में आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग के डीजी मृत्युंजय महापात्र ने कहा, 'तूफान के तट के पास पहुंचने से हवा की रफ्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इससे पेड़, टेलीफोन और बिजली के खंभे गिर सकते हैं।
14-15 जून के दौरान कच्छ, द्वारका, पोरबंदर, जामनगर, राजकोट, जूनागढ़ और मोरबी जिले के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। तूफान के चलते 15 जून को कच्छ, द्वारका, जामनगर में 20cm तक बारिश होने का अनुमान है। इसके चलते निचले इलाकों में बाढ़ आने का अनुमान है। मछुआरों को 16 जून तक समुद्र में ना जाने की सलाह दी गई है। गुजरात में 14 जून के लिए ऑरेंज अलर्ट और 15 जून के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है।
अब जानिए देश के बाकी हिस्सों के मौसम का हाल
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4-5 दिनों के दौरान उत्तर प्रदेश, पूर्वी और उत्तर प्रायद्वीपीय भारत में अत्यधिक गर्म हवा चलने के आसार हैं। ये आलम अगले चार-पांच दिनों तक कायम रहेगा। मतलब अगले पांच दिनों तक उत्तर प्रदेश के लोगों को गर्मी से राहत मिलने की कम ही संभावना है। गर्मी का ये आलम उत्तर प्रदेश के अलावा ओडिशा, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और तेलंगाना में भी रहेगा।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4-5 दिनों के दौरान उत्तर प्रदेश, पूर्वी और उत्तर प्रायद्वीपीय भारत में अत्यधिक गर्म हवा चलने के आसार हैं। ये आलम अगले चार-पांच दिनों तक कायम रहेगा। मतलब अगले पांच दिनों तक उत्तर प्रदेश के लोगों को गर्मी से राहत मिलने की कम ही संभावना है। गर्मी का ये आलम उत्तर प्रदेश के अलावा ओडिशा, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और तेलंगाना में भी रहेगा।
कहां-कहां कब होगी बारिश?
- पूर्वोत्तर भारत: पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में अगले पांच दिन भारी बारिश की चेतावनी है। 15 से 17 जून को मेघालय में अत्यधिक बारिश होने का अनुमान है।
- पूर्वी भारत : अगले पांच दिनों तक पूर्वी भारत के कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ बिजली चमकने का अनुमान है। अगले पांच दिनों के बीच हल्की बारिश भी हो सकती है। वहीं, सब हिमालयन पश्चिम बंगाल, सिक्किम के कुछ इलाकों में अगले पांच दिनों तक बारिश का अनुमान है। 17 जून को अंडमान निकोबार में बारिश हो सकती है।
- हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 14 और 15 जून को तेज हवाओं, चमक और गरज के साथ बारिश का अनुमान है। राजस्थान के भी कुछ इलाकों में 16 और 17 जून को बारिश हो सकती है।
- दिल्ली-एनसीआर में 15 जून को हीट वेव की चेतावनी है। 16, 17 और 18 जून को भी गर्मी बरकरार रहेगी, हालांकि इस बीच आसमान में हल्के बादल भी हो सकते हैं। तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से 42 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा।