Weather Update: गर्मी से मिलेगी राहत, अगले तीन दिन देश के 23 राज्यों में चलेगा बारिश का दौर
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
विस्तार
देश के कई राज्यों में मानसून ने दस्तक दे दी है। मानसून के आगमन से ही लोगों को गर्मी से राहत मिलने लगी है वहीं, कई राज्यों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है। गुरुवार को भारतीय मौसम विभाग के वैज्ञानिक डॉ. नरेश कुमार ने जानकारी दी कि देशभर में मानसून काफी सक्रिय हो चुका है। कई राज्यों में झमाझम बारिश होने की आशंका है।
मौसम विभाग के मुताबिक, देश भर में मानसून सामान्य से धीमी रफ्तार से चल रहा है। अभी देश में 16 फीसदी कम बारिश हुई है। जबकि उत्तर पश्चिमी राज्यों में सामान्य से 42 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। देश के पूर्वी, मध्य, उत्तर, पश्चिम व पश्चिमी राज्यों में 3 दिन मानसून सक्रिय रहने का अनुमान है। अगले 24 घंटे में मध्यप्रदेश, राजस्थान समेत 23 राज्यों में भारी बारिश का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश के शिमला में बाढ़ जैसे हालात हैं। यहां तीन दिन भारी बारिश का अलर्ट है। उत्तराखंड के चमोली जिले में भारी बारिश की वजह से छिनका के पास लैंडस्लाइड होने से बद्रीनाथ की तरफ जाने वाला हाइवे ब्लॉक हो गया। जबकि असम में बाढ़ के हालात में कुछ सुधार है। महाराष्ट्र के मुंबई, ठाणे और सतारा में बीते 24 घंटे में जोरदार बारिश से रेलवे ट्रैक, बाजारों और सड़कों पर 3 फीट तक पानी भर गया।
मौसम विभाग के मुताबिक, हिमाचल, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिम-पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी-पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, पूर्वी-पश्चिम मध्यप्रदेश, सौराष्ठ और कच्छ, गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, तटीय कर्नाटक, केरल और अंडमान-निकोबार में बारी भारिश के आसार हैं। जबकि इनके अलावा तमिलनाडु, पुडुचेरी, तेलंगाना, साउथ कर्नाटक में गरज, बिजली चमकने के साथ हल्की बारिश होगी। जबकि ओडिशा, छत्तीसगढ़, विदर्भ, मराठवाड़ा, आंध्रप्रदेश, उत्तरी कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर, पंजाब में मौसम साफ रहेगा।
अभी देश में ऐसा है मौसम का सिस्टम
मध्यप्रदेश के उत्तर मध्य भागों पर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। एक संबद्ध चक्रवाती परिसंचरण औसत समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। इसके उत्तर-पश्चिम की ओर धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिमी मध्यप्रदेश की ओर बढ़ने की उम्मीद है।
उत्तर-पश्चिमी राजस्थान से उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक एक पूर्व-पश्चिम ट्रफ रेखा उत्तर-पूर्वी राजस्थान से उत्तर-पश्चिमी मध्यप्रदेश, मध्यप्रदेश के उत्तर-मध्य भागों, दक्षिणी झारखंड और गंगीय पश्चिम बंगाल होते हुए उत्तर पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। एक अपतटीय ट्रफ रेखा महाराष्ट्र तट से केरल तट तक फैली हुई है। पश्चिमी विक्षोभ को जम्मू.कश्मीर के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में देखा जा सकता है
चक्रवाती तूफान के कारण मानसून देर से पहुंचा केरल
इस बार मानसून की चाल चौंकाने वाली रही है। यह मंगलवार तक राजस्थान पंजाब के कुछ हिस्सों को छोड़कर देश के अन्य भागों में पहुंच गया। इस सप्ताह के अंत तक मानसून के पूरे देश में पहुंचने का अनुमान है, जबकि सामान्य सामान्य तौर पर दक्षिण-पश्चिम मानसून एक जून को केरल और आठ जुलाई को पूरे देश में पहुंचता है। इस वर्ष चक्रवाती तूफान के कारण मानसून देर से केरल पहुंचा। लेकिन बाद में इसकी गति और तीव्रता ऐसी तेज हुई कि दो दिन पहले ही दिल्ली पहुंच गया।