Weather: आज नौ राज्यों में बारिश को लेकर अलर्ट; नेपाल के पानी से बिहार में तबाही, 12 लाख लोग मुसीबत में
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार को जानकारी दी कि 2024 का मानसून सीजन समाप्त हो गया है। इस साल सामान्य से 7.6 फीसदी अधिक वर्षा दर्ज की गई।
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नेपाल में भारी बारिश के बाद पहाड़ से उतरता पानी बिहार में तबाही मचा रहा है। बिहार के आधे से अधिक हिस्सों में जलप्रलय से हाहाकार मचा है। गंडक, कोसी, बागमती, महानन्दा और अन्य नदियां उफान पर हैं। राज्य के 16 जिलों में लगभग 12 लाख से अधिक लोग इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए हैं। राहत और बचाव कार्यों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के साथ अब वायुसेना को भी लगाया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया है और बचाव कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया है। वहीं, नेपाल में बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से 224 लोगों की मौत हो चुकी है, 24 लापता हैं और 158 घायल हुए हैं।
नौ राज्यों भारी बारिश चेतावनी
इस बीच, आईएमडी ने बुधवार के लिए असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा, दक्षिणी राज्य केरल और तमिलनाडु में भारी बारिश का अनुमान जताया है।
बिहार के ये जिले बाढ़ की चपेट में
पूर्वी चम्पारण, पश्चिम चम्पारण, अररिया, किशनगंज, गोपालगंज, शिवहर, सीतामढ़ी, सुपौल, सिवान, मधेपुरा, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, मधुबनी, दरभंगा, सारण और सहरसा जिला बाढ़ की चपेट में हैं। पश्चिम चंपारण जिले में गंडक नदी का तटबंध टूटने से चार पंचायतों के लगभग दो दर्जन से अधिक गांव जलमग्न हैं। वहीं, पटना समेत कई जिलों में गंगा का जलस्तर फिर से बढ़ गया है। इस स्थिति को देखते हुए फरक्का बैराज के सभी 109 फाटक खोल दिए गए हैं। बाढ़ के बीच राहत कार्यों को तेज कर दिया गया है। जलमग्न इलाकों से हजारों लोगों को निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वायुसेना की मदद से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हेलिकॉप्टर से फूड पैकेट पहुंचाए जा रहे हैं।
एनडीआरफ की 16, एसडीआरएफ की 14 टीमें तैनात
बिहार के आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि बचाव कार्यों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 16 और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की 14 टीमों को लगाया गया है। लोगों की मदद के लिए 840 नाव चलाई जा रही हैं। इनमें से 10 बोट एंबुलेंस हैं। 12,400 लोगों को 24 राहत शिविरों में रखा गया है। 208 सामुदायिक रसोई के जरिये 86,900 लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था भी की जा रही है।
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हिमाचल में 12 घंटे बाद एनएच बहाल
हिमाचल के किन्नौर में भूस्खलन से सोमवार देर रात 3 बजे बंद हुआ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच)-5 मंगलवार दोपहर तीन बजे बहाल हुआ।
जम्मू-कश्मीर से मानसून लौटा
जम्मू-कश्मीर से मानसून की वापसी हो गई है। इस बार मानसून सामान्य (15 सितंबर) से 15 दिन अधिक सक्रिय रहा, लेकिन प्रदेश के बीस जिलों में से 17 में सामान्य से कम बारिश हुई है।
केंद्र ने 14 राज्यों को जारी किए 5,858 करोड़
केंद्र सरकार ने 14 बाढ़ प्रभावित राज्यों के लिए 5,858.60 करोड़ जारी किए हैं। इन राज्यों में राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए राज्य आपदा राहत कोष (एसडीआरएफ) से केंद्र के हिस्से और राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (एनडीआरएफ) से अग्रिम अदायगी के रूप में यह राशि जारी की गई है। इसमें महाराष्ट्र को 1,492 करोड़, आंध्र प्रदेश को 1,036 करोड़, असम को 716 करोड़, बिहार को 655.60 करोड़ और गुजरात को 600 करोड़ जारी किए गए हैं। पश्चिम बंगाल को 468 करोड़, तेलंगाना को 416.80 करोड़, हिमाचल प्रदेश को 189.20 करोड़, केरल को 145.60 करोड़, मणिपुर को 50 करोड़, त्रिपुरा को 25 करोड़, सिक्किम को 23.60 करोड़, मिजोरम को 21.60 करोड़ और नगालैंड को भी 19.20 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
चिराग ने बाढ़ग्रस्त इलाकों का किया दाैरा
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मंगलवार को पूर्णिया और सहरसा जिलों के बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा किया। राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से बात की। हालात से निपटने के लिए राज्य सरकार की ओर से किए जा रहे कार्यों पर संतोष जताया। हालात को डरावना बताते हुए चिराग ने कहा कि वह प्रधानमंत्री को स्थिति से अवगत कराएंगे।
एक और बैराज बनाने की मांग
दिल्ली में एक दिन पहले केंद्रीय जनशक्ति मंत्री सीआर पाटिल से बिहार के उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता सम्राट चौधरी ने कहा कि उन्होंने हर साल नेपाल से आने वाले पानी की वजह से सीमाई इलाकों में आने वाली बाढ़ को रोकने के लिए एक और बैराज का निर्माण कराने की अपील की है।