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Weather Update: मार्च की शुरुआत में ही दिखने लगा लू का कहर, पहाड़ से मैदान तक बदला मौसम का मिजाज; बढ़ी चिंता
Fri, 13 Mar 2026 04:55 AM IST
Himanshu Singh Chandel
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Himanshu Singh Chandel
Updated Fri, 13 Mar 2026 04:55 AM IST
सार
देश में इस साल गर्मी ने समय से पहले दस्तक दे दी है। मार्च की शुरुआत में ही कई राज्यों में लू और भीषण गर्मी के हालात बनने लगे हैं। हिमाचल प्रदेश में 6 मार्च को लू दर्ज हुई, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे जल्दी है। तटीय राज्यों में भी सामान्य से पहले गर्मी देखने को मिल रही है।
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बदलता मौसम
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
देश में इस साल गर्मी ने सामान्य समय से पहले ही अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। मार्च की शुरुआत में ही कई राज्यों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि कुछ क्षेत्रों में लू और भीषण गर्मी जैसी स्थिति बनने लगी है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह पिछले कई वर्षों में सबसे जल्दी दर्ज हुई गर्मी है।
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भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश में 6 मार्च 2026 को लू से लेकर भीषण लू जैसी स्थिति दर्ज की गई। यह पिछले पांच वर्षों में सबसे जल्दी दर्ज हुई घटना है। इससे साफ संकेत मिलता है कि देश में गर्मी का पैटर्न तेजी से बदल रहा है और मौसम का मिजाज पहले के मुकाबले अलग होता जा रहा है।
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हिमाचल में इतनी जल्दी लू क्यों दर्ज हुई?
आम तौर पर हिमालयी राज्यों में मार्च के शुरुआती दिनों में इतनी तीखी गर्मी नहीं होती। लेकिन इस साल हिमाचल प्रदेश में मार्च के पहले सप्ताह में ही तापमान तेजी से बढ़ गया। कई स्थानों पर लू जैसे हालात बन गए। मौसम विभाग का कहना है कि यह असामान्य स्थिति है और यह संकेत देती है कि पहाड़ी क्षेत्रों में भी गर्मी का असर पहले से ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है।
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पिछले वर्षों की तुलना में कितना बदलाव?
पिछले वर्षों के आंकड़े देखें तो यह बदलाव साफ नजर आता है। वर्ष 2025 में हिमाचल प्रदेश में पहली लू 6 अप्रैल को दर्ज की गई थी। वहीं 2024 में राज्य में पहली लू 19 मई को दर्ज हुई थी। यानी इस साल के मुकाबले करीब 74 दिन बाद। वर्ष 2023 में पूरे साल हिमाचल में लू की कोई घटना दर्ज नहीं हुई थी। वहीं 2022 में पहली लू 16 मार्च को दर्ज हुई थी। इन आंकड़ों से साफ है कि 2026 में गर्मी पहले से कहीं जल्दी शुरू हो गई है।
तटीय राज्यों में क्या स्थिति है?
केवल पहाड़ी क्षेत्र ही नहीं, बल्कि तटीय राज्यों में भी गर्मी जल्दी शुरू हो रही है। कोंकण और गोवा क्षेत्र में 2025 में 25 फरवरी को ही लू दर्ज की गई थी। इसे सर्दियों के दौरान दर्ज हुई सबसे जल्दी लू माना गया था। वहीं 2026 में इसी क्षेत्र में 5 मार्च को देश की पहली लू दर्ज की गई। इसके अगले दिन हिमाचल प्रदेश में भी लू जैसे हालात सामने आ गए।
क्या यह मौसम के बदलते पैटर्न का संकेत है?
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति जलवायु परिवर्तन और मौसम के बदलते पैटर्न की ओर इशारा करती है। पहले जहां मार्च में मौसम अपेक्षाकृत हल्का रहता था, अब कई क्षेत्रों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। इससे आने वाले महीनों में और भी ज्यादा गर्मी पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
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