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Weather Alert: क्यों गर्मी में आ रही आंधी-बारिश? नहीं चल रही लू, इस वजह से अलग नजर आ रही 2025 की गर्मी
Wed, 21 May 2025 05:10 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Wed, 21 May 2025 05:10 PM IST
सार
साल 2025 में गर्मी का मौसम बदलाव देखने को मिल रहा है। मार्च से मई के मध्य तक भारत में कहीं भी तापमान रिकॉर्ड तोड़ स्तर पर नहीं पहुंचा। राजस्थान,गुजरात समेत कुछ राज्यों में अप्रैल में थोड़े दिन जरूर लू का प्रभाव दिखा लेकिन ये प्रभाव में भी सीमित ही रहा।
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देश को कई राज्यों में भीषण गर्मी का प्रकोप
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विस्तार
देश में पड़ रही गर्मी इस बार अब तक सामान्य से बिल्कुल अलग नजर आ रही हैं। आमतौर पर मई का महीना भीषण गर्मी के साथ साथ गर्म हवाओं के लिए जाना जाता है लेकिन आधा माह बीत जाने के बाद भी तापमान कम हैं। बारिश सामान्य से ज्यादा हो रही है। इसी के चलते उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक, हर जगह मौसम ने राहत दी है।
निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट वेदर का अनुमान है कि, साल 2025 में गर्मी का मौसम बदलाव देखने को मिल रहा है। मार्च से मई के मध्य तक भारत में कहीं भी तापमान रिकॉर्ड तोड़ स्तर पर नहीं पहुंचा। राजस्थान,गुजरात समेत कुछ राज्यों में अप्रैल में थोड़े दिन जरूर लू का प्रभाव दिखा लेकिन ये प्रभाव में भी सीमित ही रहा। कोर हीटवेव जोन जिसमें मध्य,उत्तर और दक्षिण भारत के हिस्से आते हैं। उनमें अभी तक लू का कोई प्रकोप देखने को नहीं मिल रहा है। साल 2025 में केवल 1 मई को ही दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में लू का प्रभाव दिखाई दिया था।
इस बार मौसम बदलने की यह है वजह
इस वर्ष के तापमान में आई गिरावट की वजह पश्चिमी विक्षोभ और बारिश को माना जा रहा है। इसी वजह से ही अधिकतम तापमान 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला गया। 2 से 8 मई के बीच देश में औसतन 20 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है। जबकि 8 से 14 मई के बीच 35 प्रतिशत वर्षा अधिक रिकॉर्ड की गई। अगले कुछ दिनों में भी पूर्वोत्तर, मध्य भारत और पश्चिमी तट पर बारिश का पूर्वामान है। दरअसल, इस साल तेज धूप की जगह बारिश और बादलों ने ली है। मई महीने में दक्षिण और मध्य भारत के कई हिस्सों में औसत से अधिक बारिश हुई है। लगातार पश्चिमी विक्षोभों के चलते देश के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिली। राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और उत्तराखंड जैसे राज्यों में यह असर दिखा। अब तक 14 राज्यों में अत्यधिक और 5 राज्यों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है।
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पश्चिमी विक्षोभ ने इस बार सामान्य से कम अक्षांशों पर आए, जिससे उनका असर ज्यादा इलाकों में पड़ा। वहीं, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर दोनों से लगातार नमी आ रही है, जिससे गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है। इन नम हवाओं का टकराव मौजूदा सिस्टम्स के साथ हो रहा है, जिससे लगातार बारिश और बादल छाए हुए हैं। ये बादल धूप को रोकते हैं और तापमान बढ़ने नहीं देते।
अब यह होगा आगे?
2025 की गर्मी का मौसम अभी तक राहत भरा है। लेकिन मई के अंत के बाद गर्मी का प्रकोप देखने को मिल सकता है। मई के अंत से उत्तर-पश्चिम भारत में लू की स्थिति फिर बन सकती है। खासकर राजस्थान और हरियाणा में 23 मई तक तापमान बढ़ सकता है। लेकिन 27 मई के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून के केरल पहुंचने की संभावना है, जो इस गर्मी की लहर को जल्दी खत्म कर सकता है।
ये भी पढ़ें: क्या है US की गोल्डन डोम योजना: जिसके लिए 14.5 लाख करोड़ खर्चने को तैयार ट्रंप; किस खतरे से सुरक्षा की तैयारी?
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निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट वेदर का अनुमान है कि, साल 2025 में गर्मी का मौसम बदलाव देखने को मिल रहा है। मार्च से मई के मध्य तक भारत में कहीं भी तापमान रिकॉर्ड तोड़ स्तर पर नहीं पहुंचा। राजस्थान,गुजरात समेत कुछ राज्यों में अप्रैल में थोड़े दिन जरूर लू का प्रभाव दिखा लेकिन ये प्रभाव में भी सीमित ही रहा। कोर हीटवेव जोन जिसमें मध्य,उत्तर और दक्षिण भारत के हिस्से आते हैं। उनमें अभी तक लू का कोई प्रकोप देखने को नहीं मिल रहा है। साल 2025 में केवल 1 मई को ही दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में लू का प्रभाव दिखाई दिया था।
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इस बार मौसम बदलने की यह है वजह
इस वर्ष के तापमान में आई गिरावट की वजह पश्चिमी विक्षोभ और बारिश को माना जा रहा है। इसी वजह से ही अधिकतम तापमान 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला गया। 2 से 8 मई के बीच देश में औसतन 20 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है। जबकि 8 से 14 मई के बीच 35 प्रतिशत वर्षा अधिक रिकॉर्ड की गई। अगले कुछ दिनों में भी पूर्वोत्तर, मध्य भारत और पश्चिमी तट पर बारिश का पूर्वामान है। दरअसल, इस साल तेज धूप की जगह बारिश और बादलों ने ली है। मई महीने में दक्षिण और मध्य भारत के कई हिस्सों में औसत से अधिक बारिश हुई है। लगातार पश्चिमी विक्षोभों के चलते देश के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिली। राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और उत्तराखंड जैसे राज्यों में यह असर दिखा। अब तक 14 राज्यों में अत्यधिक और 5 राज्यों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है।
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पश्चिमी विक्षोभ ने इस बार सामान्य से कम अक्षांशों पर आए, जिससे उनका असर ज्यादा इलाकों में पड़ा। वहीं, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर दोनों से लगातार नमी आ रही है, जिससे गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है। इन नम हवाओं का टकराव मौजूदा सिस्टम्स के साथ हो रहा है, जिससे लगातार बारिश और बादल छाए हुए हैं। ये बादल धूप को रोकते हैं और तापमान बढ़ने नहीं देते।
अब यह होगा आगे?
2025 की गर्मी का मौसम अभी तक राहत भरा है। लेकिन मई के अंत के बाद गर्मी का प्रकोप देखने को मिल सकता है। मई के अंत से उत्तर-पश्चिम भारत में लू की स्थिति फिर बन सकती है। खासकर राजस्थान और हरियाणा में 23 मई तक तापमान बढ़ सकता है। लेकिन 27 मई के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून के केरल पहुंचने की संभावना है, जो इस गर्मी की लहर को जल्दी खत्म कर सकता है।
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