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South Korea: 'हमने ऐसा समझौता किया, जिससे दोनों पक्षों को लाभ होगा', US से व्यापार सौदे पर बोले कोरियाई मंत्री
Sat, 16 Aug 2025 09:08 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 16 Aug 2025 09:08 PM IST
सार
South Korea: दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री छो ह्यून ने कहा कि अमेरिका की ओर से टैरिफ लगना आश्चर्य की बात नहीं हैं और दोनों देशों ने व्यापार वार्ताओं के जरिए लाभकारी समझौता किया है। अमेरिका ने दक्षिण कोरिया पर 15 प्रतिशत टैरिफ लगाया है। उन्होंने यह भी बताया कि दक्षिण कोरिया पूरी तरह से अमेरिका के साथ व्यापार के लिए खुला रहेगा और अमेरिकी उत्पाद स्वीकार करेगा।
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दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री छो ह्यून ने कहा है कि वैश्विक व्यापार में तेजी से बदलती परिस्थितियों में अमेरिका की ओर से लगाए जा रहे टैरिफ आश्चर्यजनक नहीं है। उन्होंने बताया कि उनका देश इस समस्या को सुलझाने में सफल रहा है और व्यापार वार्ताओं के माध्यम से दोनों देशों के लिए लाभकारी समझौता किया है।
समाचार एजेंसी एएनआई के साथ एक इंटरव्यू में जो ह्यून ने कहा, दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने ऐसा समझौता किया है जो फिर से दोनों के लिए लाभकारी होगा। वैश्विक व्यापार की तेजी से बदलती स्थिति को देखते हुए यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है। हम इस समस्या को सुलझाने में सक्षम रहे और वार्ताओं के जरिए दोनों पक्षों के लिए लाभकारी समझौता किया।
उन्होंने यह बात अमेरिका की ओर से लगाए गए टैरिफ के संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कही। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले महीने घोषणा की थी कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच व्यापार समझौता हुआ है, जिसमें दक्षिण कोरिया के निर्यात पर 15 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा। ट्रंप ने यह घोषणा 31 जुलाई को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर की थी।
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ये भी पढ़ें: कोरियाई विदेश मंत्री ह्यून का पहला भारत दौरा, जयशंकर के साथ बैठक; सहयोग बढ़ाने पर जोर
उन्होंने कहा, मैं यह घोषणा करते हुए खुश हूं कि अमेरिका ने दक्षिण कोरिया के साथ पूर्ण और समग्र व्यापार समझौते पर सहमति दी है। इस समझौते के तहत दक्षिण कोरिया अमेरिका को 350 अरब डॉलर का निवेश देगा, जो मेरी व्यक्तिगत पसंद के अनुसार होगा। इसके अलावा, दक्षिण कोरिया 100 अरब डॉलर के एलएनजी या अन्य ऊर्जा उत्पाद खरीदेगा और साथ ही बड़ी राशि का निवेश भी करेगा।
उन्होंने आगे कहा, इस निवेश की घोषणा अगले दो हफ्तों में की जाएगी, जब दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली. जे. म्युंग द्विपक्षीय बैठक के लिए व्हाइट जाएंगे। मैं नए राष्ट्रपति को उनकी चुनावी सफलता पर भी बधाई देता हूं। यह भी तय हुआ है कि दक्षिण कोरिया पूरी तरह से अमेरिका के साथ व्यापार के लिए खुला रहेगा और अमेरिकी कार, ट्रक, कृषि उत्पाद स्वीकार करेगा। हमने दक्षिण कोरिया पर 15% का टैरिफ लगाने पर सहमति बनाई है, जबकि अमेरिका पर कोई टैरिफ नहीं लगेगा। मैं उन व्यापार प्रतिनिधियों का धन्यवाद करता हूं जो आज यहां आए। उनसे मिलकर और उनके देश की बड़ी सफलता के बारे में बातचीत करना मेरे लिए सम्मान की बात थी।
ये भी पढ़ें: जयशंकर ने ब्रिटिश विदेश मंत्री लैमी से फोन पर की बात, यूक्रेन संकट पर हुई चर्चा
वहीं, अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया है। जुलाई में ट्रंप ने भारतीय वस्तुओं पर 25 फीसदी टैरिफ की घोषणा की थी, जबकि भारत-अमेरिका के बीच एक अस्थायी व्यापार समझौते की उम्मीद थी जो इन उच्च टैरिफ को टाल सकता था। कुछ दिनों बाद उन्होंने 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाया, जिससे कुल टैरिफ 50 फीसदी हो गया, जिसकी वजह भारत की रूस से निरंतर तेल आयात बताई गई। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस महीने संसद में कहा था कि सरकार टैरिफ के प्रभाव का अध्ययन कर रही है और राष्ट्रीय हित की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी।
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समाचार एजेंसी एएनआई के साथ एक इंटरव्यू में जो ह्यून ने कहा, दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने ऐसा समझौता किया है जो फिर से दोनों के लिए लाभकारी होगा। वैश्विक व्यापार की तेजी से बदलती स्थिति को देखते हुए यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है। हम इस समस्या को सुलझाने में सक्षम रहे और वार्ताओं के जरिए दोनों पक्षों के लिए लाभकारी समझौता किया।
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उन्होंने यह बात अमेरिका की ओर से लगाए गए टैरिफ के संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कही। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले महीने घोषणा की थी कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच व्यापार समझौता हुआ है, जिसमें दक्षिण कोरिया के निर्यात पर 15 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा। ट्रंप ने यह घोषणा 31 जुलाई को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर की थी।
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उन्होंने कहा, मैं यह घोषणा करते हुए खुश हूं कि अमेरिका ने दक्षिण कोरिया के साथ पूर्ण और समग्र व्यापार समझौते पर सहमति दी है। इस समझौते के तहत दक्षिण कोरिया अमेरिका को 350 अरब डॉलर का निवेश देगा, जो मेरी व्यक्तिगत पसंद के अनुसार होगा। इसके अलावा, दक्षिण कोरिया 100 अरब डॉलर के एलएनजी या अन्य ऊर्जा उत्पाद खरीदेगा और साथ ही बड़ी राशि का निवेश भी करेगा।
उन्होंने आगे कहा, इस निवेश की घोषणा अगले दो हफ्तों में की जाएगी, जब दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली. जे. म्युंग द्विपक्षीय बैठक के लिए व्हाइट जाएंगे। मैं नए राष्ट्रपति को उनकी चुनावी सफलता पर भी बधाई देता हूं। यह भी तय हुआ है कि दक्षिण कोरिया पूरी तरह से अमेरिका के साथ व्यापार के लिए खुला रहेगा और अमेरिकी कार, ट्रक, कृषि उत्पाद स्वीकार करेगा। हमने दक्षिण कोरिया पर 15% का टैरिफ लगाने पर सहमति बनाई है, जबकि अमेरिका पर कोई टैरिफ नहीं लगेगा। मैं उन व्यापार प्रतिनिधियों का धन्यवाद करता हूं जो आज यहां आए। उनसे मिलकर और उनके देश की बड़ी सफलता के बारे में बातचीत करना मेरे लिए सम्मान की बात थी।
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वहीं, अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया है। जुलाई में ट्रंप ने भारतीय वस्तुओं पर 25 फीसदी टैरिफ की घोषणा की थी, जबकि भारत-अमेरिका के बीच एक अस्थायी व्यापार समझौते की उम्मीद थी जो इन उच्च टैरिफ को टाल सकता था। कुछ दिनों बाद उन्होंने 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाया, जिससे कुल टैरिफ 50 फीसदी हो गया, जिसकी वजह भारत की रूस से निरंतर तेल आयात बताई गई। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस महीने संसद में कहा था कि सरकार टैरिफ के प्रभाव का अध्ययन कर रही है और राष्ट्रीय हित की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी।