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South China Sea: चीन और फिलिपींस के समुद्री विवाद पर बोला भारत; कहा- बलपूर्वक स्थिति बदलने का विरोध करते हैं
Sat, 29 Jun 2024 04:08 AM IST
विशांत श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विशांत श्रीवास्तव
Updated Sat, 29 Jun 2024 04:08 AM IST
सार
दक्षिण चीन सागर में चीन और फिलिपींस के बीच तनाव को लेकर भारत ने चिंता जताई है। भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि एक तरफा किसी भी तरह बल पूर्वक स्थिति को बदलने का भारत विरोध करता है।
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विदेश मंत्रालय प्रवक्ता रणधीर जयसवाल
- फोटो : एएनआई
विस्तार
दक्षिण चीन सागर में फिलीपींस के समुद्रीय अभियानों के खिलाफ चीन की कार्रवाई का भारत ने विरोध किया है। भारत ने कहा है कि दक्षिण चीन सागर में बलपूर्वक मौजूदा स्थिति को बलपूर्वक बदलने की कार्रवाई का हम विरोध करते हैं। दक्षिण चीन सागर में कुछ दिन पहले चीन और फिलीपींस के सुरक्षा कर्मियों के बीच हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के बीच काफी तनाव बढ़ गया है।
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भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा- शांतिपूर्वर समाधान हो
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा, "हमने हमेशा अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने और शांतिपूर्ण तरीके से विवादों के समाधान पर जोर दिया है। हमारा यह भी मानना है कि ऐसी कोई भी घटना नहीं होनी चाहिए जो क्षेत्र में अस्थिरता बनाए। भारत उन सभी एक तरफा कार्रवाईयों का विरोध करता है, जो बलपूर्वक यथास्थिति को बदलने की कोशिश करती हैं।"
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जयसवाल ने भारत की लंबे समय से चले आ रहे चीन के साथ विवादों प्रकाश डालते हुए कहा कि विवादों का शांतिपूर्ण ढंग से हल किया जाना चाहिए।
अमेरिका ने US-फिलीपींस रक्षा संधि का जिक्र किया
दक्षिण चीन सागर में ताजा तनाव के बाद अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने इस सप्ताह अपने फिलिपींस के समकक्ष एडुआर्डो एम एनो से बातचीत भी की है। व्हाइट हाउस के जारी किए गए एक बयान में कहा गया कि सुलिवन और एनो ने दक्षिण चीन सागर में सेकेंड थॉमस शोल के पास फिलीपींस के वैध समुद्री अभियानों के खिलाफ चीन की खतरनाक और बढ़ती कार्रवाइयों को लेकर हो रही चिंताओं पर चर्चा की है।
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सुलिवन ने यूएस-फिलीपींस पारस्परिक रक्षा संधि के प्रति अमेरिकी प्रतिबद्धता को दोहराया है। इस रक्षा संधि में दक्षिण चीन सागर में कहीं भी फिलीपीन सशस्त्र बलों, सार्वजनिक जहाजों, विमानों पर सशस्त्र हमला होने पर अमेरिका फिलीपींस के साथ खड़ा होगा।
चीन पूरे दक्षिण सागर पर अपना दावा करता है
दक्षिण चीन सागर हाइड्रोकार्बन का एक बड़ा स्त्रोत है। चीन पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा करता है, जिसने पूरे विश्व की चिंताएं बढ़ा दी हैं। वहीं दूसरी ओर वियतनाम, फिलीपींस और ब्रुनेई सहित कई अन्य देश भी दक्षिण चीन सागर पर अपना अधिकार होने का दावा करते हैं। जबकि भारत सहित कई अन्य लोकतांत्रिक देश विवादों के शांतिपूर्ण समाधान और अंतरराष्ट्रीय कानून, विशेषकर यूएनसीएलओएस (समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन) का पालन करने की अपील करते रहे हैं।