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Wayanad Landslide: मां के साथ आपदा से संघर्ष करती रही 40 दिन की बच्ची और छह साल का बेटा, सकुशल बचाए गए

Sat, 03 Aug 2024 07:58 AM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वायनाड
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वायनाड Published by: बशु जैन Updated Sat, 03 Aug 2024 07:58 AM IST
सार

वायनाड में भूस्खलन के कारण मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 300 पार पहुंच चुका है। अभी करीब 250 लोग लापता बताए जा रहे हैं। राहत एवं बचाव कर्मी फिलहाल मलबे में जीवित बचे लोगों और शवों को तलाशने में जुटे हैं, जिससे यह संख्या और बढ़ सकती है। भूस्खलन के कारण मुंडक्कई, चूरलमाला, अट्टामाला और नूलपुझा गांवों में भारी तबाही हुई है।

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Wayanad Landslide 40 day old girl and her brother struggled with the disaster with their mother
वायनाड में भूस्खलन - फोटो : पीटीआई

विस्तार

वायनाड में हुए भूस्खलन ने जहां सैकड़ों जानें ले लीं। वहीं हादसे में एक 40 दिन की बच्ची और उसका छह साल का भाई जिंदगी की जंग लड़ते रहे। दोनों को बचाव दल ने सकुशल बचाया। 

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केरल के वायनाड में हुए भूस्खलन में एक परिवार के छह सदस्य बाढ़ में बह गए। उनका घर भी नष्ट हो गया। जबकि परिवार की 40 दिन की बच्ची अनारा और उसका छह साल का भाई मोहम्मद हयान सकुशल बच गए। बचाव दल के मुताबिक अनारा और हयान को बचाने के लिए उसकी मां तनजीरा एक घर की छत पर चिपकी रही। इस दौरान पानी के तेज बहाव में हयान अचानक बह गया। 
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छह साल का हयान 100 मीटर दूर जाकर कुएं के पास से गुजर रहे तार के सहारे लटका रहा। बचाव दल ने उसे बचाया। दोनों बच्चों को सकुशल देख मां तनजीरा की खुशी का ठिकाना नहीं था। हालांकि उन्होंने अपनी मां अमीना और दादी पथुम्मा को खो दिया।
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300 लोगों की हो चुकी मौत
वायनाड में भूस्खलन के कारण मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 300 पार पहुंच चुका है। अभी करीब 250 लोग लापता बताए जा रहे हैं। राहत एवं बचाव कर्मी फिलहाल मलबे में जीवित बचे लोगों और शवों को तलाशने में जुटे हैं, जिससे यह संख्या और बढ़ सकती है। भूस्खलन के कारण मुंडक्कई, चूरलमाला, अट्टामाला और नूलपुझा गांवों में भारी तबाही हुई है। प्रशासन के लिए अभी अंदाजा लगाना मुश्किल हो रहा है कि कुल कितने लोग प्रभावित हुए हैं। 


जलवायु वैज्ञानिकों ने माना बदल गया बारिश का पैटर्न
जलवायु वैज्ञानिकों का मानना है कि अरब सागर के गर्म होने से बादलों के बनने में इजाफा हो रहा है जिससे कम समय में अत्यधिक बारिश हो रही है। जलवायु मॉडल ने इस बात का भी पूर्वानुमान लगाया है कि जलवायु परिवर्तन के कारण यह बदलाव और भी भयावह हो जाएगा। शोध के निष्कर्षों से पता चलता है कि पिछले 100 वर्षों में बारिश के पैटर्न में पहले से बहुत ज्यादा बदलाव आया है।

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