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Water Crisis: गर्मी के कहर के बीच एक और चिंताजनक खबर, देश के जलाशयों में बचा सिर्फ 23 फीसदी पानी
Fri, 31 May 2024 07:11 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 31 May 2024 07:11 PM IST
सार
केंद्रीय जल आयोग ने अपने साप्ताहिक बुलेटिन में शुक्रवार को बताया कि अभी देश के जलाशयों में 41.705 अरब क्यूबिक मीटर पानी की लाइव स्टोरेज है, जो कुल क्षमता का सिर्फ 23 प्रतिशत है।
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देश में गहराया जल संकट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
देश में भीषण गर्मी ने जहां लोगों के पसीने छुड़ाए हुए हैं, वहीं पानी के स्त्रोतों को भी सुखा दिया है। केंद्रीय जल आयोग की हालिया रिपोर्ट में कुछ ऐसे आंकड़े दिए गए हैं, जो हमारी चिंता बढ़ाने वाले हैं। जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार देश के 150 मुख्य जलाशयों में पानी घटकर महज 23 प्रतिशत रह गया है। पिछले साल इस समय के मुकाबले यह 77 प्रतिशत कम है। देश के जलाशयों में कितनी तेजी से पानी कम हो रहा है, उसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते हफ्ते ही इन जलाशयों में पानी का लाइव स्टोरेज 24 प्रतिशत था, जो एक हफ्ते में ही एक प्रतिशत घट गया।
पिछले साल के मुकाबले भी आई गिरावट
केंद्रीय जल आयोग ने अपने साप्ताहिक बुलेटिन में शुक्रवार को बताया कि अभी देश के जलाशयों में 41.705 अरब क्यूबिक मीटर पानी की लाइव स्टोरेज है, जो कुल क्षमता का सिर्फ 23 प्रतिशत है। रिपोर्ट में बताया गया है कि बीते साल इस समय देश के मुख्य जलाशयों में कुल 53.832 अरब क्यूबिक मीटर पानी था। इस साल पिछले साल के मुकाबले सिर्फ 77 प्रतिशत पानी जलाशयों में है। जल आयोग द्वारा देश के जिन मुख्य जलाशयों की निगरानी की जाती है, उनमें कुल जल भंडारण क्षमता 178.784 अरब क्यूबिक मीटर है, जो देश में कुल जल भंडारण क्षमता की 69.35 प्रतिशत है।
देश के मुख्य जलाशयों की मौजूदा स्थिति
देश के मुख्य 150 जलाशयों में से 10 जलाशय भारत के उत्तरी इलाके में है, जिनमें हिमाचल प्रदेश, पंजाब और राजस्थान का नाम शामिल है। इन जलाशयों में पानी के भंडारण की क्षमता बीते साल इस समय 19.663 अरब क्यूबिक मीटर थी, जो अब घटकर महज 5.864 अरब क्यूबिक मीटर रह गई है। वहीं पूर्वी इलाकों असम, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, नगालैंड और बिहार में 23 जलाशय हैं, जिनकी भंडारण क्षमता 20.430 अरब क्यूबिक मीटर है, अब इन जलाशयों में सिर्फ 5.645 अरब क्यूबिक मीटर पानी है।
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देश के पश्चिमी क्षेत्र गुजरात और महाराष्ट्र में 49 मुख्य जलाशय हैं, जिनकी जल भंडारण क्षमता 37.130 अरब क्यूबिक मीटर है और अब उनमें 8.833 अरब क्यूबिक मीटर पानी है। यह बीते साल के मुकाबले 28 प्रतिशत कम है। मध्य क्षेत्र के उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 26 मुख्य जलाशय हैं, जिनकी कुल भंडारण क्षमता 48.227 अरब क्यूबिक मीटर है और फिलहाल इनमें 14.046 अरब क्यूबिक मीटर पानी ही बचा है। दक्षिणी हिस्से के आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में 42 जलाशय हैं, जिनकी भंडारण क्षमता 53.334 अरब क्यूबिक मीटर है, लेकिन अब इनमें 7.317 अरब क्यूबिक मीटर ही पानी है।
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पिछले साल के मुकाबले भी आई गिरावट
केंद्रीय जल आयोग ने अपने साप्ताहिक बुलेटिन में शुक्रवार को बताया कि अभी देश के जलाशयों में 41.705 अरब क्यूबिक मीटर पानी की लाइव स्टोरेज है, जो कुल क्षमता का सिर्फ 23 प्रतिशत है। रिपोर्ट में बताया गया है कि बीते साल इस समय देश के मुख्य जलाशयों में कुल 53.832 अरब क्यूबिक मीटर पानी था। इस साल पिछले साल के मुकाबले सिर्फ 77 प्रतिशत पानी जलाशयों में है। जल आयोग द्वारा देश के जिन मुख्य जलाशयों की निगरानी की जाती है, उनमें कुल जल भंडारण क्षमता 178.784 अरब क्यूबिक मीटर है, जो देश में कुल जल भंडारण क्षमता की 69.35 प्रतिशत है।
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देश के मुख्य जलाशयों की मौजूदा स्थिति
देश के मुख्य 150 जलाशयों में से 10 जलाशय भारत के उत्तरी इलाके में है, जिनमें हिमाचल प्रदेश, पंजाब और राजस्थान का नाम शामिल है। इन जलाशयों में पानी के भंडारण की क्षमता बीते साल इस समय 19.663 अरब क्यूबिक मीटर थी, जो अब घटकर महज 5.864 अरब क्यूबिक मीटर रह गई है। वहीं पूर्वी इलाकों असम, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, नगालैंड और बिहार में 23 जलाशय हैं, जिनकी भंडारण क्षमता 20.430 अरब क्यूबिक मीटर है, अब इन जलाशयों में सिर्फ 5.645 अरब क्यूबिक मीटर पानी है।
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देश के पश्चिमी क्षेत्र गुजरात और महाराष्ट्र में 49 मुख्य जलाशय हैं, जिनकी जल भंडारण क्षमता 37.130 अरब क्यूबिक मीटर है और अब उनमें 8.833 अरब क्यूबिक मीटर पानी है। यह बीते साल के मुकाबले 28 प्रतिशत कम है। मध्य क्षेत्र के उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 26 मुख्य जलाशय हैं, जिनकी कुल भंडारण क्षमता 48.227 अरब क्यूबिक मीटर है और फिलहाल इनमें 14.046 अरब क्यूबिक मीटर पानी ही बचा है। दक्षिणी हिस्से के आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में 42 जलाशय हैं, जिनकी भंडारण क्षमता 53.334 अरब क्यूबिक मीटर है, लेकिन अब इनमें 7.317 अरब क्यूबिक मीटर ही पानी है।