फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Warship Mangrol Indian Navy Induction Strength Capability Including Indigenous Anti-Submarine Rocket Launchers

नौसेना को युद्धपोत की सौगात: मंगरोल से बढ़ेगी ताकत, इस पर स्वदेशी पनडुब्बी रोधी रॉकेट लॉन्चर समेत कितनी ताकत?

Sun, 11 Oct 2026 11:13 AM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई। Published by: ज्योति भास्कर Updated Sun, 11 Oct 2026 11:13 AM IST
विज्ञापन
सार
भारतीय नौसेना में पनडुब्बीरोधी युद्धपोत- मंगरोल 12 अक्तूबर को शामिल होगा। इसकी क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुश्मन की पनडुब्बियां उथले पानी में भी मंगरोल से नहीं बच पाएंगी। जानिए खासियत
loader
Warship Mangrol Indian Navy Induction Strength Capability Including Indigenous Anti-Submarine Rocket Launchers
मंगरोल भारतीय नौसेना में शामिल होगा - फोटो : पीआईबी-अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

उथले पानी में भारत की मारक क्षमता और मजबूत होने वाली है। पनडुब्बी रोधी युद्धपोत शैलो वॉटर क्राफ्ट (एएसडब्ल्यू-एसडब्ल्यूसी) मंगरोल 12 अक्तूबर को नौसेना में शामिल होगा। कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (सीएसएल), कोच्चि की तरफ से निर्मित यह इस प्रकार का तीसरा युद्धपोत है।

स्वदेशी पनडुब्बी रोधी रॉकेट लॉन्चर समेत कितनी ताकत?

तटीय और उथले पानी में पानी के भीतर के खतरों का पता लगाने तथा उनका मुकाबला करने के लिए डिजाइन किया गया मंगरोल आधुनिक हथियारों व सेंसरों से लैस है। इनमें अभय हल-माउंटेड सोनार, हल्के वजन के टॉरपीडो, एक स्वदेशी पनडुब्बी रोधी रॉकेट लॉन्चर और मारीच उन्नत टॉरपीडो डिकॉय सिस्टम शामिल हैं। तीन डीजल इंजनों से चलने वाला यह पोत उथले पानी में ऑपरेशन के दौरान आसानी से और तेजी से मुड़ने की क्षमता रखता है। यह पानी के नीचे निगरानी रखने, कम तीव्रता वाले समुद्री ऑपरेशन और माइन वॉरफेयर (सुरंग युद्ध) से जुड़े काम करने में भी सक्षम है। यह जहाज समुद्री गश्ती विमानों, हेलिकॉप्टरों और अन्य युद्धपोतों के साथ मिलकर पनडुब्बी से जुड़े खतरों का पता लगाने और उनसे निपटने का काम कर सकता है। इसके शामिल होने से नौसेना के पत्तन, बंदरगाहों और तटीय इलाकों की सुरक्षा करने की क्षमता बढ़ेगी।

80 प्रतिशत से ज्यादा स्वदेशी सामग्री

80 प्रतिशत से ज्यादा स्वदेशी सामग्री से बना मंगरोल युद्धपोत के डिजाइन, निर्माण तथा उन्नत हथियारों व सेंसर को जोड़ने के मामले में भारत की बढ़ती क्षमताओं को दिखाता है। मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत सीएसएल की तरफ से बनाया गया यह जहाज, रक्षा क्षेत्र में जहाज बनाने के मामले में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और अहम कदम है।

'मंगरोल' को बेड़े में शामिल करने की योजना क्या?

  • समारोह की अध्यक्षता पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, वाइस एडमिरल संजय वात्स्यायन करेंगे।
  •  नौसेना  डॉकयार्ड, मुंबई में भारतीय नौसेना में शामिल किया जाएगा स्वदेशी पनडुब्बी रोधी युद्धपोत 'मंगरोल'।
  • नामकरण का आधार गुजरात के जूनागढ़ जिले का तटीय शहर और मछली पकड़ने का प्रमुख काम करने वाला बंदरगाह 'मंगरोल'।

'मंगरोल' कितने आधुनिक हथियारों और सेंसरों से लैस?

  • भारत के स्वदेशी युद्धपोत पर 'अभय' हल-माउंटेड सोनार, हल्के वजन के टॉरपीडो मौजूद रहेंगे।
  • एक स्वदेशी पनडुब्बी रोधी  रॉकेट लॉन्चर और 'मारीच' उन्नत टॉरपीडो डिकॉय सिस्टम भी इंस्टॉल है।
  • वाटरजेट प्रोपल्शन (जल-नौदन प्रणाली) वाले तीन डीजल इंजनों से चलने वाला यह पोत उथले पानी में ऑपरेशन के दौरान आसानी से और तेज़ी से मुड़ने की क्षमता से लैस।
  • यह जहाज़ समुद्री गश्ती विमानों, हेलीकॉप्टरों और अन्य युद्धपोतों के साथ मिलकर पनडुब्बी से जुड़े खतरों का पता लगाने और उनसे निपटने के काम में सक्षम।

एम-85 की दिलाएगा याद

गुजरात के जूनागढ़ जिले के एक तटीय शहर और प्रमुख मछली पकड़ने के बंदरगाह मंगरोल के नाम पर इसका नाम रखा गया है। यह पोत पूर्ववर्ती आईएनएस मंगरोल (एम-85) की विरासत को आगे बढ़ाता है जो एक सुरंगरोधी पोत था। उसने 07 अप्रैल, 2004 तक भारतीय नौसेना में अपनी सेवाएं दी थीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed