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Waqf Board: वक्फ बोर्ड ने पूरे गांव-हिंदू मंदिर को बताया था अपनी संपत्ति, मंत्री ने संसद में की इसकी बात
Thu, 08 Aug 2024 06:11 PM IST
शिव शुक्ला
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
Published by: शिव शुक्ला
Updated Thu, 08 Aug 2024 06:11 PM IST
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किरेन रिजिजू लोकसभा में बोलते हुए।
- फोटो :
एएनआई
विस्तार
केंद्र सरकार ने वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक 2024 लोकसभा के पटल पर रख दिया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद के माध्यम से पूरे देश को यह बताने की कोशिश की है कि वक्फ बोर्ड में यह संशोधन किया जाना क्यों आवश्यक था। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड को आधुनिक बनाया जाएगा, इसमें हर नई तकनीकी का उपयोग कर इसकी दक्षता को आम मुसलमानों के हित में बढ़ाई जाएगी। वक्फ बोर्ड में महिलाओं की भागीदारी, प्रशिक्षित अधिकारियों, कानूनविदों और संबंधित क्षेत्र के चुने हुए जनप्रतिनिधि को भी भागीदारी दी जाएगी जिससे यह ज्यादा लोकतांत्रिक और जवाबदेह बनाई जा सके।
केंद्रीय मंत्री ने वक्फ बोर्ड पर अपनी बात रखते हुए तमिलनाडु के उस गांव का भी जिक्र कर दिया जिसने एक पूरे गांव को अपनी संपत्ति बताकर पूरे देश को चौंका दिया था। दरअसल यह मामला तमिलनाडु के तिरुची जिले का है। तिरुचि जिले के तिरुचेंथुरई नाम का एक गांव है। इस गांव की पूरी बसावट लगभग 369 एकड़ में हुई है। गांव में एक हिंदू मंदिर भी है जिसे लगभग 1500 वर्ष पूर्व का बना हुआ बताया जाता है।
इसी गांव का एक किसान राजगोपाल अपना कर्ज चुकाने के लिए अपनी 1.2 एकड़ जमीन बेचने के लिए एक सौदा कर रहा था। जब पूरा सौदा लगभग पूरा हो चुका था, तहसील कार्यालय के रजिस्ट्रार ने उसे यह बताया कि वह यह सौदा नहीं कर सकता था क्योंकि यह पूरा गांव तमिलनाडु वक्फ बोर्ड का है और इस गांव की किसी भी जमीन का सौदा उसकी अनुमति के बिना नहीं हो सकता था।
गांव वाले यह जानकर बहुत हैरान हुए थे कि वे कई पीढ़ियों से उसी गांव में रहते आए थे, लेकिन अचानक ही यह गांव किसी दूसरे की संपत्ति कैसे हो गया। लोगों को सबसे अधिक इस बात पर आश्चर्य हो रहा था कि इसी गांव में लगभग 1500 साल पुराने मंदिर को भी वक्फ बोर्ड की संपत्ति बता दी गई थी। लोगों को हैरानी इस बात पर थी कि 1500 साल पुराने इस मंदिर-गांव पर बाद में बने वक्फ बोर्ड का अधिकार कैसे हो सकता है।
तमिलनाडु वक्फ बोर्ड ने राज्य के 18 गांवों को पूरी तरह अपनी संपत्ति करार दे दिया था। यह मामला सामने आने के बाद पूरे राज्य में सियासत गर्म हो गई थी। किरेन रिजिजू ने अपने संबोधन में गुजरात के सूरत नगर निगम के भवन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड ने एक सार्वजनिक भवन को भी अपनी संपत्ति घोषित कर दी थी। इसी तरह हरियाणा के यमुनानगर जिले के जठलाना गांव में एक सिख धार्मिक स्थल गुरुद्वारे को वक्फ को स्थानांतरित कर दिया गया था।