पासपोर्ट का काम करेगा चेहरा, आसान हो जाएगी विदेश यात्रा
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विदेश यात्रा पर जाने के लिए पासपोर्ट की जरूरत पड़ती है। लेकिन निकट भविष्य में पासपोर्ट का काम आपका चेहरा और उंगलियों कर देंगी। आंख और उंगलियों को स्कैन कर लिया जाएगा और आप हवाई यात्रा कर सकेंगे। इस तकनीकि पर ऑस्ट्रेलिया काम कर रहा है और जल्द ही इसे शुरू भी कर दिया जाएगा।
ऑस्ट्रेलिया के इमिग्रेशन डिपार्टमेंट ने रविवार को एलान किया कि 2020 तक वह ऐसी तकनीकि विकसित कर लेगा, जिससे यात्रियों की पहचान के लिए पासपोर्ट की जरूरत नहीं रहेगी। कंगारू देश दरअसल, यात्रियों की पहचान के लिए सेल्फ प्रोसेसिंग सिस्टम पर काम कर रहा है। दावा किया गया है कि जल्द ही खास हवाई अड्डों बंदरगाहों पर यह सिस्टम अमल में आ जाएगा।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया के इमिग्रेशन मिनिस्टर पीटर डटन ने कहा है कि इस सिस्टम के जरिए 90 फीसदी कागजी काम और मैनुअल प्रोसेसिंग को कम किया जा सकेगा।
5 अरब रुपये खर्च करेगा ऑस्ट्रेलिया
मौजूदा वक्त में ऑस्ट्रेलिया के हवाई अड्डों पर स्मार्टगेट के जरिए पासपोर्ट को स्कैन करने की सुविधा उपलब्ध है। यह सुविधा एक दशक पहले शुरू की गई थी। सेल्फ प्रोसेसिंग सिस्टम शुरु होने से स्मार्टगेट का चलन बंद हो जाएगा।
डटन ने कहा कि हवाई अड्डों और बंदगाहों के अलावा सीमा पर सुरक्षा इंतजामों को भी अपग्रेड किया जाएगा। इस पूरे काम में करीब 5 अरब रुपये के खर्च का अनुमान है। इंतजामों में होने वाली इन तब्दीलियों से आतंकी खतरा भी कम होगा।
पर्यटन के लिहाज से दुनियाभर से लोग ऑस्ट्रेलिया पहुंचते हैं। नए सिस्टम के लागू होने से पर्यटकों को पासपोर्ट चैंकिंग के झंझटों से निपटारा मिलेगा और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।