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मिशेल को भारत लाने में अजीत डोभाल की अहम भूमिका, अभियान का नाम था ‘‘यूनिकॉर्न’’

Wed, 05 Dec 2018 09:31 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 05 Dec 2018 09:31 AM IST
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VVIP helicopter case: Ajit Doval's key role in bringing Michelle to India

अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदे में कथित बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल जेम्स को संयुक्त अरब अमीरात से प्रत्यर्पित करके मंगलवार देर रात भारत लाया गया। भारत की इस बड़ी कामयाबी में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का नाम शामिल है। इस मिशन में डोभाल ने अहम भूमिका निभाई। सीबीआई प्रवक्ता ने बताया कि इस अभियान का कूट नाम ‘‘यूनिकॉर्न’’ था। इस अभियान को अजीत डोभाल के दिशानिर्देश में चलाया गया और इसका समन्वय सीबीआई के अंतरिम निदेशक एम नागेश्वर राव कर रहे हैं।

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सत्तारूढ़ भाजपा ने गांधी परिवार का जिक्र करते हुए कहा कि संप्रग काल के एक मामले में प्रत्यर्पण भारत के लिए कूटनीतिक जीत है और इससे कांग्रेस के ‘‘प्रथम परिवार’’ के लिए ‘‘बड़ी मुसीबत’’ पैदा हो सकती है। उसने कहा कि यह घटना भ्रष्टाचार से लड़ने में नरेंद्र मोदी सरकार की गंभीरता को स्पष्ट तौर पर दर्शाती है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मिशेल को लेकर आ रहा गल्फस्ट्रीम का एक विमान रात दस बजकर 35 मिनट पर इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उतरा।
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सीबीआई प्रवक्ता ने बताया कि इस अभियान का कूट नाम ‘‘यूनिकॉर्न’’ था। इस अभियान को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के दिशानिर्देश में चलाया गया और इसका समन्वय सीबीआई के अंतरिम निदेशक एम नागेश्वर राव कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एजेंसी के संयुक्त निदेशक साई मनोहर के नेतृत्व में अधिकारियों की एक टीम मिशेल को लाने के लिए दुबई गई थी।
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एजेंसी ने बताया कि प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी करने के बाद मिशेल को भारत वापस लाया गया। दुबई सरकार ने उसे प्रत्यर्पित करने की मंजूरी दे दी थी। इससे पहले इस कदम के खिलाफ की गई उसकी अपील को वहां की एक अदालत ने खारिज कर दिया था। सीबीआई प्रवक्ता अभिषेक दयाल ने यहां बताया कि हेलीकॉप्टर घोटाले में अगस्ता वेस्टलैंड को ठेका दिलाने और भारतीय अधिकारियों को गैरकानूनी कमीशन या रिश्वत का भुगतान करने के लिए बिचौलिए के तौर पर मिशेल की संलिप्तता 2012 में सामने आई।

उन्होंने बताया कि मिशेल जांच के लिए वांछित था लेकिन वह फरार हो गया और जांच में शामिल होने से बच रहा था। उसके खिलाफ पिछले साल सितंबर में आरोपपत्र दायर किया गया। उन्होंने कहा, ‘‘नयी दिल्ली के पटियाला हाउस में सीबीआई मामलों के विशेष न्यायाधीश ने 24 सितंबर 2015 की तिथि वाला खुला गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया।’’ सीबीआई प्रवक्ता ने बताया कि इस वारंट के आधार पर इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जिससे फरवरी 2017 में उसे दुबई में गिरफ्तार कर लिया गया।

VVIP helicopter case: Ajit Doval's key role in bringing Michelle to India

सीबीआई प्रवक्ता ने कहा, ‘‘मिशेल अगस्ता वेस्टलैंड मामले में भारत में आपराधिक कार्यवाही से बच रहा था। उसे यूएई के प्राधिकारी भारत प्रत्यर्पित कर रहे हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डोभाल के दिशानिर्देश में समूचे अभियान का समन्वय सीबीआई के प्रभारी निदेशक राव कर रहे हैं।’’ मिशेल (57) दुबई में अपनी गिरफ्तारी के बाद से जेल में था और उसे यूएई में कानूनी और न्यायिक कार्यवाही के लंबित रहने तक हिरासत में भेज दिया गया था।

दुबई कोर्ट ऑफ कैसेशन ने मिशेल के वकील की ओर से दायर दो आपत्तियों को खारिज कर दिया और भारत के सक्षम प्राधिकारियों को उसे प्रत्यर्पित करने की संभावना पर विचार करने के अपीलीय अदालत के फैसले को बरकरार रखा। आरोप है कि मिशेल ने सह-आरोपियों के साथ मिलकर आपराधिक षडयंत्र रचा। सह आरोपी में तत्कालीन वायुसेना प्रमुख एस पी त्यागी और उनके परिवार के सदस्य शामिल हैं। षड्यंत्र के तहत लोक सेवकों ने वीवीआईपी हेलीकॉप्टर की उड़ान भरने की ऊंचाई 6000 मीटर से घटाकर 4500 मीटर कर अपने सरकारी पद का दुरुपयोग किया। भारत सरकार ने आठ फरवरी 2010 को रक्षा मंत्रालय के जरिए ब्रिटेन की अगस्तावेस्टलैंड इंटरनेशनल लि को लगभग 55.62 करोड़ यूरो का ठेका दिया था।

प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि मिशेल अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर्स का ‘‘ऐतिहासिक परामर्शदाता’’ बताया जाता है जिसे हेलीकॉप्टर, सैन्य अड्डों और पायलटों की तकनीकी संचालनात्मक जानकारी थी। मिशेल 1980 के दशक से ही कंपनी के साथ काम कर रहा था और इससे पहले उसके पिता भी भारतीय क्षेत्र के लिए कंपनी के परामर्शदाता रह चुके थे। एजेंसी ने बताया कि वह कथित तौर पर बार-बार भारत आता रहता था और भारतीय वायुसेना तथा रक्षा मंत्रालय में सेवानिवृत्त तथा मौजूदा अधिकारियों समेत विभिन्न स्तरों पर सूत्रों के एक बड़े नेटवर्क के जरिए रक्षा खरीद के लिए बिचौलिए के तौर पर काम कर रहा था।

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