फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Visva Bharati university decided to temporarily close its campus after violent protests

चाहरदीवारी निर्माण को लेकर विश्व भारती विश्वविद्यालय परिसर में तोड़फोड़, हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद अस्थाई रूप से बंद

Tue, 18 Aug 2020 11:34 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: देव कश्यप Updated Tue, 18 Aug 2020 11:34 AM IST
विज्ञापन
Visva Bharati university decided to temporarily close its campus after violent protests
विश्व भारती विश्वविद्याल में तोड़फोड़ करते हुए प्रदर्शनकारी - फोटो : ANI/ Twitter

पश्चिम बंगाल के बीरभूम में विश्व भारती (शांति निकेतन) विश्वविद्याल परिसर में सोमवार को चाहरदीवारी निर्माण को लेकर जमकर हंगामा हुआ। उपद्रवी पौष मेला ग्राउंड पर चाहरदीवारी निर्माण का विरोध कर रहे थे। उपद्रवियों ने विश्वविद्यालय की संपत्तियों को काफी नुकसान पहुंचाया। हिंसा के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर को अस्थाई रूप से बंद करने का फैसला किया है।

विज्ञापन


पुलिस ने कहा कि 'प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय के दो द्वार को ध्वस्त कर दिए और खुले मैदान के चारों ओर दीवार बनाने के लिए रखी निर्माण सामग्री फेंक दी।' यहां दिसंबर में वार्षिक पौष मेला लगता है, जिसे लेकर पौष मेला ग्राउंड पर चाहरदीवारी निर्माण का कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलाधिपति (चांसलर) हैं।
विज्ञापन


विश्व भारती ने पीएम को लिखा पत्र, हिंसा की सीबीआई जांच के साथ मांगी केंद्रीय सुरक्षा
 विश्व भारती ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अपने परिसर में 17 अगस्त को हुई हिंसा की सीबीआई जांच कराने की मांग की। पत्र में विश्वविद्यालय प्रबंधन ने पीएम से केंद्रीय सुरक्षा बलों को भी परिसर में नियुक्त करने की मांग की। प्रधानमंत्री ही इस विश्वविद्यालय के कुलाधिपति होते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


पत्र में हिंसा के लिए राज्य में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के एक विधायक और कई अन्य नेताओं को जिम्मेदार ठहराया गया है। साथ ही कहा गया है कि साजिशकर्ताओं पर कार्रवाई होने तक इस प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालय को बंद रखा जाएगा। विश्वविद्यालय की तरफ से घटना के समय मौजूद तृणमूल कांग्रेस के डूबराजपुर विधायक नरेश बरूई व दो अन्य टीएमसी नेताओं के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज कराई गई है। हालांकि बरूई ने कहा है कि वे विश्वविद्यालय परिसर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान महज एक पूर्व छात्र के तौर पर मौजूद थे।

विश्वविद्यालय के अधिकारियों और कई टीएमसी समर्थकों के एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराने से भी मामले के राजनीतिक तूल पकड़ने के आसार बढ़ गए हैं। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने मंगलवार शाम को इन आरोपों को झूठा बताते हुए अपने लोगों के खिलाफ दर्ज झूठे मुकदमे वापस लिए जाने की मांग भी की है।

विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद (ईसी) के एक सदस्य के मुताबिक, इस तरह की एकतरफा कार्रवाई के चलते ही ईसी ने एकमत होकर आदरणीय कुलाधिपति (प्रधानमंत्री) को पत्र लिखने का निर्णय लिया। पत्र में हिंसा की सीबीआई जांच कराने और परिसर की सुरक्षा व्यवस्था केंद्रीय सुरक्षा बलों के हवाले करने की मांग की गई है।

कुलपति बिद्युत चक्रवर्ती ने निर्माण को रोकने से इनकार कर दिया था
बता दें कि पौष मेला एक प्रतिष्ठित वार्षिक सांस्कृतिक कार्यक्रम है, जो एक सदी से भी पहले शुरू हुआ था और इस मेले में हजारों लोगों समेत विदेशी पर्यटक भी आते हैं। मेला स्थानीय और व्यापारी समेत कई लोगों के लिए आय का एक प्रमुख स्रोत है। प्रदर्शनकारी शनिवार से चाहरदीवारी निर्माण के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि, कुलपति बिद्युत चक्रवर्ती ने निर्माण को रोकने से इनकार कर दिया है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दीवार की अस्वीकृति को लेकर कहा कि “मुझे ऐसा कोई निर्माण नहीं चाहिए जो विश्व भारती की सुंदरता को नष्ट कर दे। राज्यपाल ने मुझे बुलाकर इस मामले में हस्तक्षेप करने के लिए कहा है। मैंने पुलिस से कहा है कि जिला मजिस्ट्रेट एक बैठक बुलाएं जिसमें छात्र, स्थानीय लोग और कुलपति अपने विचार व्यक्त कर सकें। मैं कुलपति से आग्रह करूंगा कि वे कुछ भी ऐसा न करें जो टैगोर और बंगाल की विरासत को नष्ट कर दे।” इस मामले में कुलपति ने अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है।

विश्वविद्याल प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की मांग की
विश्वविद्याल प्रशासन ने मांग की है कि 'जो लोग भी हिंसा में शामिल थे, उनकी तुरंत गिरफ्तारी होनी चाहिए। यही नहीं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाए। ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।' विश्विद्यालय प्रशासन ने कहा कि नुकसान की भरपाई एमएचआरडी या किसी एजेंसी के जरिए की गई गणना के आधार पर उपद्रव करने वालों से ही की जाए।



राज्यपाल ने मुख्यमंत्री से की बात 
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा कि विश्व भारती में कानून व्यवस्था की हालत चिंताजनक है। उन्होंने ट्वीट किया कि मामले को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बात की। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रशासन कानून-व्यवस्था को बहाल करने के लिए हरसंभव कदम उठाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed