चुनाव से पहले बढ़ीं CM वीरभद्र की मुश्किलें, ED ने जब्त की 5.6 करोड़ की संपत्ति
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विधानसभा चुनाव के एलान के ठीक एक दिन बाद मनी लॉड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के पुत्र, पत्नी और पुत्री के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है।
शुक्रवार को की गई इस कार्रवाई के तहत ईडी ने वीरभद्र के परिवार की 5.6 करोड़ की संपत्ति को कुर्क कर लिया है। इनमें वीरभद्र के पुत्र विक्रमादित्य के दिल्ली के डेरा मंडी स्थित 4.2 करोड़ का फार्म हाउस भी शामिल है। मनी लॉड्रिंग से संबंधित वर्ष 2015 में ईडी द्वारा दर्ज किए गए मुकदमे के बाद अब तक वीरभद्र परिवार के 40 करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई है।
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ईडी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक शुक्रवार की कार्रवाई के तहत सिद्धार्थ के दिल्ली स्थित फार्म हाउस मेसर्स तारिणी इंटरनेशनल के नाम है। इसके अलावा वापी, गुजरात में मेसर्स तारिणी इंफ्रा दमन गंगा परियोजना की कुछ परिसंपत्तियों को भी अटैच किया गया है।
विक्रमादित्य और उनकी बहन अपराजिता सिंह के नाम 64 लाख रुपये के शेयर तथा अपराजिता सिंह और वीरभद्र की पत्नी प्रतिभा सिंह के नाम पर 80 लाख रुपये के बैंक एफडी सहित कुछ अन्य खातों को जब्त कर लिया गया है।
ईडी की कार्रवाई से बढ़ी वीरभद्र की मुश्किलें
दरअसल ईडी की जांच में पता चला था कि करीब 5.9 करोड़ वी चंद्रशेखर नाम के व्यक्ति ने सीएम वीरभद्र को दिए थे। यह रकम सीएम के परिजनों में बांटी गई थी। यह रकम तीन बैंक खातों के जरिए सीएम और उनके परिवार के सदस्यों के पास पहुंची।
इसी रकम में से करीब 64 लाख रुपये का शेयर विक्रमादित्य और अपराजिता के नाम खरीदे गए। जबकि 20 लाख रुपये अपराजिता के नाम पर बैंक खाते में जमा किए गए। इसी प्रकार कुछ रकम वीरभद्र की पत्नी के नाम जमा किए गए। ईडी ने भविष्य में कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
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विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद ईडी की वीरभद्र और उनके परिवार के खिलाफ की गई कार्रवाई से राज्य के मुख्यमंत्री की मुश्किलें बढ़ गई हैं। भाजपा ने पहले ही वीरभद्र और उनके परिजनों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले की जारी जांच को मुख्य चुनावी मुद्दा बनाने की घोषणा की है। ऐसे में वीरभद्र के खिलाफ ईडी की शुक्रवार को की गई कार्रवाई को भाजपा जोरशोर से प्रचारित करेगी।