मेरठ एसपी के वायरल वीडियो पर नकवी बोले- अगर यह सच तो निंदनीय, तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए
मेरठ के एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह का एक वीडियो शनिवार को पूरे देशभर में वायरल हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद दिग्गज नेताओं के बीच भी बहस छिड़ गई। वहीं, केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि अगर यह वीडियो सच है तो यह निंदनीय है और इस पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।
Union Minister Mukhtar Abbas Naqvi: Violence at any level, be it by police or by mob, it is unacceptable. It can't be a part of a democratic country. Police should take care that those who are innocent should not suffer. (28.12.2019) https://t.co/Yt37egsZqJ
— ANI (@ANI) December 29, 2019विज्ञापन
केंद्रीय मंत्री ने कहा है, 'अगर यह सच है कि एसपी ने वीडियो में यह बयान दिया है, तो यह निंदनीय है। उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।' उन्होंने कहा, 'किसी भी स्तर पर हिंसा, पुलिस द्वारा हो या भीड़ द्वारा, यह अस्वीकार्य है। यह लोकतांत्रिक देश का हिस्सा नहीं हो सकता। पुलिस को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि जो निर्दोष हैं, वे पीड़ित न हों।'
मायावती ने की न्यायिक जांच की मांग
बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने मेरठ एसपी सिटी अखिलेश नारायण के वायरल वीडियो को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। साथ ही उन्होंने मेरठ एसपी सिटी को बर्खास्त करने की भी मांग की है।
2. ऐसे सभी पुलिसकर्मियों की उच्च स्तरीय न्यायिक जाँच होनी चाहिये और दोषी होने के सही सबूत मिलने पर फिर उनको तुरन्त नौकरी से बर्खास्त करना चाहिये। बी.एस.पी. की यह माँग है।
— Mayawati (@Mayawati) December 29, 2019
मायावती ने ट्वीट कर कहा कि उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में वर्षों से रह रहे मुसलमान भारतीय है ना कि पाकिस्तानी यानी सीएए/एनआरसी के विरोध-प्रदर्शन के दौरान खासकर उत्तर प्रदेश के मेरठ एसपी सिटी द्वारा उनके प्रति साम्प्रदायिक भाषा/टिप्पणी करना अति निन्दनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि ऐसे सभी पुलिसकर्मियों की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच होनी चाहिये और दोषी होने के सही सबूत मिलने पर फिर उनको तुरन्त नौकरी से बर्खास्त करना चाहिये। बीएसपी की यह मांग है।
प्रियंका गांधी ने भी साधा था निशाना
गौरतलब हो कि वीडियो वायरल होने पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा था कि 'भारत का संविधान किसी भी नागरिक के साथ इस भाषा के प्रयोग की इजाजत नहीं देता और जब आप अहम पद पर बैठे अधिकारी हैं तब तो जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।' 'भाजपा ने संस्थाओं में इस कदर साम्प्रदायिक जहर घोला है कि आज अफसरों को संविधान की कसम की कोई कद्र ही नहीं है।'
एडीजी प्रशांत कुमार ने एसपी का किया था बचाव
वहीं मेरठ जोन के एडीजी प्रशांत कुमार ने भी एसपी का बचाव करते हुए कहा था कि वायरल हुई वीडियो बीते 20 दिसंबर को मेरठ शहर में हुए उपद्रव के बाद की है। उन्होंने बताया था कि इसमें तथ्य यह है कि वहां भारत विरोधी एवं पड़ोसी देश जिंदाबाद के नारे लग रहे थे और कुछ लोग पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के आपत्त्तिजनक पर्चे बांट रहे थे।
इस सूचना पर एसपी सिटी एवं एडीएम सिटी मौके पर गए थे। उन्होंने उपद्रवियों से कहा था आप जाना चाहते हैं तो कहीं भी जाए लेकिन यहां उपद्रव ना करें। उन्होंने कहा कि घटना के एक सप्ताह बाद इस तरह के वीडियो वायरल होना विशेषकर जब कल शुक्रवार को शांति थी, एक साजिश का हिस्सा है ताकि यहां के हालात सामान्य ना हो पाएं।
इस संबंध में स्थानीय मीडिया को सफाई देते एसपी सिटी ने कहा था कि जो कुछ भी वीडियो में सुना गया है वह प्रदर्शनकारियों के उस समूह को जवाब था जो पाकिस्तान के समर्थन में ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगे रहे थे।