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यूपी में दोगुने हुए चार साल में महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामले
Wed, 25 Nov 2020 02:55 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 25 Nov 2020 02:55 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पिक्साबे
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देश के सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में पिछले चार साल के दौरान महिलाओं व लड़कियों के खिलाफ हिंसा के मामले बढ़कर दोगुने हो गए, जबकि यौन हिंसा का आंकड़ा भी करीब एक तिहाई बढ़ गया है। यह दावा महिलाओं के खिलाफ हिंसा निवारण के लिए घोषित अंतरराष्ट्रीय दिवस की पूर्व संध्या पर जारी एक नए अध्ययन में किया गया है।
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एक एनजीओ पॉपुलेशन काउंसिल की तरफ से किए गए इस अध्ययन के दौरान करीब 10,100 किशोरियों के बीच सर्वे किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2015-16 में महिलाओं के खिलाफ हिंसा करीब 23.5 फीसदी थी, जो 2018-19 तक बढ़कर 51 फीसदी हो गई। इसी तरह यौन हिंसा के मामले भी 30 फीसदी से बढ़कर 48 फीसदी पर पहुंच गए।
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एनजीओ ने उदय (किशोरियों व युवा बालिगों के जीवन को समझना) नाम से किए अध्ययन में 2015-16 में 10,100 किशोरियों से बातचीत की। इसके बाद इन्हीं 10,100 किशोरियों से 2018-19 में बात की गई। बड़ी संख्या में विवाहित लड़कियों ने भावनात्मक, शारीरिक और यौन हिंसा का अनुभव स्वीकार किया।
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यह आंकड़ा दूसरे सर्वे तक दोगुने से ज्यादा हो गया। 2015-16 में 15-19 साल की विवाहित लड़कियों में से 23.5 फीसदी ने, तो 2018-19 में 51 फीसदी ने अपने साथ शारीरिक हिंसा स्वीकार की। यौन हिंसा स्वीकार करने वाली 30 फीसदी से बढ़कर 48 फीसदी तो भावनात्मक हिंसा की बात मानने वाली 19 फीसदी से बढ़कर 35 फीसदी हो गईं।
मोबाइल-इंटरनेट आधारित शोषण भी बढ़ा
अध्ययन के दौरान विवाहित लड़कियों ने मोबाइल फोन और इंटरनेट आधारित शोषण भी 3 फीसदी से बढ़कर 4.8 फीसदी होने की बात स्वीकारी है। हालांकि लिंग आधारित भेदभाव के 23 फीसदी से घटकर 18 फीसदी होने की बात सामने आई है।