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केरल के ग्रामीणों ने छाता को बनाया कोरोना से लड़ने का हथियार
Thu, 28 May 2020 06:39 AM IST
श्रीधर मिश्रा
अमर उजाला नेटवर्क, कोच्चि
अमर उजाला नेटवर्क, कोच्चि
Published by: श्रीधर मिश्रा
Updated Thu, 28 May 2020 06:39 AM IST
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एक महीने में प्रशासन ने रियायती दर पर 6,000 छाते बांटे हैं।
- फोटो : ANI
केरल के एक गांव में लोगों ने खतरनाक कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए छाता को अपना हथियार बनाया है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मौसम कैसा है, लेकिन केरल के तटवर्ती जिले अलपुझा के गांव तनीरमुकम के लोगों ने छतरी को इस गर्मी के मौसम में कोरोना के खिलाफ सामाजिक दूरी का एक कारगर हथियार बना लिया है।
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ग्रामीणों को लगता है कि इस तीन महीने के बरसाती मौसम में लॉकडाउन के प्रोटोकॉल के पालन में इस कवायद का काफी फायदा होगा। तनीरमुकम पंचायत की अध्यक्ष पीएस ज्योति ने कहा कि हमारा आदर्श वाक्य है ‘छतरी खोलें, चाहे बारिश, धूप या महामारी आए।
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एक महीने में प्रशासन ने रियायती दर पर 6,000 छाते बांटे हैं। वहीं यह आइडिया देने वाले अलपुझा के विधायक और राज्य के वित्तमंत्री डॉ. टीएम थॉमस इसाक ने कहा कि छतरी खुलने से इतनी तो गारंटी है कि दो लोगों के बीच एक मीटर की दूरी तो जरूर रहेगी।
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