माल्या बोले- क्या पीएम एजेंसियों की निष्पक्षता की गारंटी देंगे?
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भारतीय बैंकों के डिफाल्टर व शराब कारोबारी विजय माल्या ने पीएम नरेंद्र मोदी और भारतीय जांच एजेंसियों पर सवाल खड़े किए हैं। माल्या ने ट्वीट कर कहा है कि 'क्या
पीएम मोदी भारत की आपराधिक जांच एजेंसियों की निष्पक्ष और कानूनी तौर पर सही तरीके से जांच की गारंटी देंगे।' एजेंसियों के पास ज्यादा अधिकार होते हैं।
वहीं माल्या ने भारतीय मीडिया पर भी निशाना साधा है। माल्या ने अपने ट्वीट में कहा है कि मीडिया में मेरी बात को गलत तरीके से पेश किया है। यह अफसोस की बात है
कि सही, निष्पक्ष और कानूनी तरीके से जांच की अपील पर मेरे ट्वीट्स को हेडलाइंस के भूखे मीडिया ने गलत ढंग से पेश किया। माल्या ने कहा है भारतीय मीडिया
हेडलाइंस का भूखा है।
माल्या ने अपने अगले ट्वीट में कहा है कि 'नए साल 2017 में मेरी सिर्फ यही उम्मीद होगी कि सही, कानूनी और निष्पक्ष जांच को लेकर पीएम मोदी जी के विजन पर उनकी
सरकार सही तरह से अमल करेगी।'
माल्या ने कहा कि 'हमारे सम्माननीय पीएम टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल और किसानों के बारे में बोलते हैं। लेकिन पता नहीं क्यों एन्फोर्समेंट एजेंसीज ने टेक्नोलॉजी के
इस्तेमाल से इनकार कर दिया।'
In 2017 I would only hope that PM Modi Ji's vision can be correctly fairly legally and impartially executed by his Government.
— Vijay Mallya (@TheVijayMallya) January 1, 2017
गिरफ्तारी के डर से लंदन में हैं माल्या
बता दें कि शराब कारोबारी विजय माल्या पर भारतीय बैंकों का 9400 करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज है। भारत की स्पेशल कोर्ट ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट
(पीएमएलए) से जुड़े एक मामले में माल्या को भगोड़ा घोषित किया हुआ है। मुंबई की स्पेशल कोर्ट ने एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) की याचिका पर बीते जून 2016 में यह फैसला दिया था।
इसके अलावा विजय माल्या के खिलाफ हैदराबाद कोर्ट ने गैर जमानती वारंट भी जारी कर चुका है। फिलहाल विजय माल्या भारतीय जांच एजेंसियों के डर
से बीते 2 मार्च से लंदन में हैं। इस बीच दो बार उन्हें लंदन में देखा जा चुका है।