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नादिया दुष्कर्म कांड : पुलिस एफआईआर में पीड़िता के पिता का भी नाम, अब होगी सीबीआई जांच

Thu, 14 Apr 2022 02:27 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Thu, 14 Apr 2022 02:27 PM IST
सार

मामले की जांच मंगलवार को कलकत्ता हाईकोर्ट ने सीबीआई को सौंप दी है। पुलिस एफआईआर के आधार पर उसने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 

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Victims father also named in FIR: Bengal police made accused in Nadia case, now CBI investigation on
नादिया दुष्कर्म कांड - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में एक नाबालिग की सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में पीड़िता के पिता व अन्य परिजनों का भी नाम पुलिस एफआईआर में शामिल है। उन्हें सबूत मिटाने का आरोपी बनाया गया है। जबकि दुष्कर्म व हत्या के मामले में सत्तारूढ़ टीएमसी के एक नेता के बेटे को गिरफ्तार किया गया है। 

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मामले की जांच मंगलवार को कलकत्ता हाईकोर्ट ने सीबीआई को सौंप दी है। पुलिस एफआईआर के आधार पर उसने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर में मुख्य आरोपी ब्रज गोपाल गायली के अलावा पीड़िता के पिता, एक रिश्तेदार व एक पड़ोसी के भी नाम हैं। ब्रजगोपाल सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के नेता का बेटा है। 
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इस बीच इस बीच सीबीआई और सीएफएसएल की टीम नादिया के हंसखाली रेप और मर्डर मामले में पीड़ित परिवार से मिलने उनके घर पहुंची। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 12 अप्रैल को नादिया के हंसखाली में बलात्कार और हत्या मामले में CBI जांच का आदेश दिया था। बताया जा रहा है कि सीबीआई लड़की के पिता से बात कर सकती है। पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया है कि हथियारों का भय दिखाकर उनकी बेटी का शव अंतिम संस्कार के लिए छीन लिया गया।
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ममता ने पीड़िता पर उठाए थे सवाल, महिला आयोग ने सीएम को झिड़का था
बीते दिनों नादिया जिले के हंसाखाली में एक नाबालिग छात्रा की सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या की खबर आई थी। इस घटना को लेकर सीएम ममता बनर्जी ने पीड़िता पर ही संदेह प्रकट करते हुए उसके परिजनों पर भी निशाना साधा था। इसकी राष्ट्रीय महिला आयोग ने कड़ी आलोचना की थी। आयोग ने ममता बनर्जी को महिला होने के नाते महिला का दर्द समझने की नसीहत दी थी। 

सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने पीड़िता के पिता व अन्य पर इसलिए केस दर्ज किया है, क्योंकि उन्होंने पुलिस को सूचना दिए बगैर या मौत का प्रमाण पत्र पेश किए बगैर उसका अंतिम संस्कार कर दिया। इन पर सबूत मिटाने का आरोप लगाया गया है। 14 अप्रैल को पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर में सामूहिक दुष्कर्म का आरोप है और इसके संदिग्ध हमलावरों में गायली का नाम है। अन्य आरोपों में हत्या, सबूतों से छेड़छाड़, साझा हित व पोक्सो के आरोप हैं। 


पुलिस ने मामले में गायली के अलावा एक अन्य प्रभाकर पोद्दार को गिरफ्तार किया है, जबकि उसका नाम एफआईआर में नहीं है। कुछ और आरोपियों की तलाश है। उधर, पीड़िता के परिजनों का कहना है कि उन्हें आरोपी क्यों बनाया गया, इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। घटना की जांच के लिए भाजपा ने भी पांच सदस्यीय तथ्यान्वेषी दल घटना स्थल पर भेजा है। 


सौगत रॉय का बड़ा बयान
इस बीच तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने कहा कि एक महिला मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाले राज्य में महिलाओं के खिलाफ हिंसा की एक भी घटना नहीं होनी चाहिए और ऐसी घटनाओं को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। रॉय ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री बनर्जी की अगुवाई वाले पश्चिम बंगाल में महिलाओं के खिलाफ अपराध की एक भी घटना होती है तो यह शर्म की बात है।
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